Apple की डिजिटल भुगतान सेवा ऐप्पल पे अक्टूबर 2026 में भारत में अपनी शुरुआत कर सकती है। Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआत में यह सेवा Axis Bank के क्रेडिट कार्ड के साथ उपलब्ध हो सकती है। हालांकि, Apple ने अभी भारत में Apple Pay लॉन्च होने की तारीख की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। रिपोर्ट में इस योजना से परिचित लोगों के हवाले से जानकारी दी गई है।
अगर यह लॉन्च होता है, तो भारत Apple Pay के लिए एक बड़े बाजार के रूप में जुड़ जाएगा। खास बात यह है कि भारत में डिजिटल भुगतान पहले से ही काफी विकसित है और यहां UPI का बड़े स्तर पर इस्तेमाल होता है। ऐसे में Apple Pay भारत में किसी बिल्कुल नई भुगतान व्यवस्था के रूप में नहीं, बल्कि iPhone और Apple Watch पर कार्ड से संपर्क रहित भुगतान का एक अतिरिक्त विकल्प बनकर प्रवेश करेगा।
ऐप्पल ने सितंबर 2014 में अमेरिका में ऐप्पल पे Apple Pay की शुरुआत की थी। इसके जरिए iPhone और Apple Watch इस्तेमाल करने वाले लोग अपने समर्थित कार्ड से भुगतान कर सकते थे। इसके बाद यह सेवा कई देशों और क्षेत्रों तक पहुंची, लेकिन भारत में इसका आधिकारिक विस्तार नहीं हुआ।
भारत में Apple का स्मार्टफोन कारोबार लगातार बढ़ा है। Reuters ने Counterpoint Research के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि भारत के स्मार्टफोन बाजार में Apple की हिस्सेदारी 2022 के बाद बढ़कर करीब 8% हो गई है। इससे भारत में Apple उपकरणों का इस्तेमाल करने वाले संभावित Apple Pay ग्राहकों का आधार भी बढ़ा है।
भारत का डिजिटल भुगतान बाजार पिछले एक दशक में तेजी से बदला है। वर्ष 2016 में शुरू हुए Unified Payments Interface यानी UPI ने बैंक खातों के बीच तुरंत भुगतान, QR कोड और अन्य तरीकों से रोजमर्रा के डिजिटल भुगतान को आसान बनाया।
इसके कारण भारत में भुगतान व्यवस्था उन देशों से काफी अलग विकसित हुई, जहां कार्ड आधारित भुगतान डिजिटल लेनदेन का प्रमुख तरीका है।
Reuters के अनुसार, भारत में डिजिटल भुगतान की मात्रा का करीब 84% हिस्सा UPI से जुड़ा है। इसका मतलब है कि Apple Pay को ऐसे बाजार में प्रवेश करना होगा जहां लोग पहले से ही मोबाइल फोन के माध्यम से भुगतान करने के कई आसान तरीकों का इस्तेमाल करते हैं।
UPI मुख्य रूप से बैंक खाते से सीधे दूसरे बैंक खाते में पैसे भेजने की सुविधा देता है। इसका इस्तेमाल QR कोड, मोबाइल नंबर और विभिन्न भुगतान ऐप के जरिए किया जा सकता है।
इसके विपरीत Apple Pay का पारंपरिक मॉडल Tokenised Card Payments पर आधारित है। इसमें उपयोगकर्ता अपने समर्थित क्रेडिट या डेबिट कार्ड को Apple Wallet में जोड़ सकता है और फिर संपर्क रहित भुगतान कर सकता है।
इसलिए शुरुआत में Apple Pay और UPI को एक ही तरह की भुगतान सेवा के रूप में देखना सही नहीं होगा।
Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, Apple Pay की भारत में शुरुआती शुरुआत Axis Bank के क्रेडिट कार्ड से हो सकती है। जुलाई में Axis Bank के पास करीब 1.626 करोड़ सक्रिय क्रेडिट कार्ड थे, जिससे वह भारत का चौथा सबसे बड़ा क्रेडिट कार्ड जारीकर्ता था। उससे आगे HDFC Bank, SBI Cards और ICICI Bank थे।
Apple दूसरे बैंकों को भी धीरे-धीरे अपनी भुगतान सेवा से जोड़ने की योजना पर काम कर रहा है। Reuters के अनुसार, कंपनी ने HDFC Bank और ICICI Bank के साथ भी बातचीत की है, लेकिन रिपोर्ट के समय तक दोनों के साथ व्यावसायिक समझौते अंतिम नहीं हुए थे।
इसका अर्थ यह है कि लॉन्च के शुरुआती चरण में Apple Pay हर भारतीय iPhone उपयोगकर्ता के लिए उपलब्ध नहीं हो सकता। सेवा की पहुंच इस बात पर निर्भर करेगी कि उपयोगकर्ता के पास कौन-सा समर्थित बैंक कार्ड है।
Apple Pay में उपयोगकर्ता अपने योग्य बैंक कार्ड को Apple Wallet में जोड़ता है। भुगतान के दौरान वास्तविक कार्ड नंबर को सीधे व्यापारी के साथ साझा करने के बजाय Tokenisation तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है।
संपर्क रहित भुगतान वाले टर्मिनल पर उपयोगकर्ता iPhone या Apple Watch को मशीन के पास ले जाकर भुगतान कर सकता है। भुगतान की पुष्टि के लिए Face ID, Touch ID या डिवाइस की संबंधित सुरक्षा प्रणाली का इस्तेमाल किया जा सकता है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य उपयोगकर्ता को हर बार अलग भुगतान ऐप खोलने की जरूरत से बचाना है। हालांकि, भारत में वास्तविक सुविधा किन कार्डों और उपकरणों के साथ उपलब्ध होगी, इसका अंतिम विवरण Apple और संबंधित बैंकों की आधिकारिक जानकारी के बाद ही स्पष्ट होगा।
अगर रिपोर्टेड योजना के अनुसार सेवा शुरू होती है, तो समर्थित कार्ड रखने वाले iPhone उपयोगकर्ताओं को अपने फोन या Apple Watch से सीधे संपर्क रहित भुगतान करने का विकल्प मिलेगा।
उपयोगकर्ता को हर भुगतान के लिए भौतिक क्रेडिट कार्ड साथ रखने की आवश्यकता कम हो सकती है। कार्ड को Apple Wallet में सुरक्षित तरीके से जोड़ने के बाद भुगतान डिवाइस के माध्यम से किया जा सकता है।
Tokenisation की वजह से भुगतान के दौरान वास्तविक कार्ड नंबर को व्यापारी के सामने साझा नहीं किया जाता। इससे Apple Pay का मुख्य आकर्षण सुविधा के साथ-साथ कार्ड संबंधी जानकारी की सुरक्षा भी हो सकती है।
भारत में कार्ड भुगतान से जुड़े नियमों में बदलाव ने भी Apple Pay जैसी सेवाओं के लिए वातावरण को अधिक अनुकूल बनाया है।
Reuters ने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक ने कार्ड भुगतान में Biometric Authentication की अनुमति दी है। इससे Face ID और Touch ID जैसे तरीकों के जरिए कार्ड भुगतान को प्रमाणित करने की संभावना बनती है। हालांकि, Apple Pay में इन सुविधाओं का वास्तविक इस्तेमाल किस तरह होगा, यह अंतिम सेवा व्यवस्था और संबंधित बैंकों पर निर्भर करेगा।
Apple Pay के शुरुआती कार्ड-केंद्रित मॉडल को देखते हुए यह भारत में UPI की जगह लेने वाली सेवा नहीं होगी।
भारत में QR कोड से भुगतान और सीधे बैंक खाते से पैसे भेजना UPI के प्रमुख इस्तेमाल हैं। यदि शुरुआती Apple Pay सेवा केवल कार्ड आधारित भुगतान पर केंद्रित रहती है, तो इन सुविधाओं के लिए उपयोगकर्ताओं को UPI आधारित सेवाओं का इस्तेमाल जारी रखना होगा।
UPI के साथ Apple Pay के संभावित एकीकरण को लेकर अलग-अलग रिपोर्टें सामने आई हैं। कुछ रिपोर्टों में भविष्य में UPI समर्थन की संभावना बताई गई है, लेकिन Reuters की 18 सितंबर की रिपोर्ट ने शुरुआती Axis Bank क्रेडिट कार्ड रोलआउट की पुष्टि की और UPI समर्थन की पुष्टि नहीं की। इसलिए लॉन्च के समय UPI उपलब्ध होगा या नहीं, इसे अभी अंतिम रूप से पुष्टि की गई सुविधा नहीं माना जा सकता।
Apple Pay की संभावित शुरुआत ऐसे समय हो रही है जब भारत में Apple की मौजूदगी लगातार बढ़ रही है।
भारत में iPhone की बाजार हिस्सेदारी बढ़ने के साथ कंपनी के लिए अपनी सेवाओं के विस्तार की संभावना भी बढ़ी है। Apple Pay इस व्यापक उपकरण-आधारित व्यवस्था का एक और हिस्सा बन सकता है।
भारत में Apple का बढ़ता स्मार्टफोन आधार कंपनी को ऐसे उपयोगकर्ताओं तक पहुंच देता है जो iPhone और Apple Watch जैसे उपकरणों का इस्तेमाल करते हैं। Reuters के अनुसार, भारत में Apple की स्मार्टफोन बाजार हिस्सेदारी 2022 के बाद बढ़कर करीब 8% हो गई है।
अगर रिपोर्ट के अनुसार अक्टूबर 2026 में Apple Pay भारत में शुरू होता है, तो शुरुआती चरण में Axis Bank क्रेडिट कार्ड इसका प्रमुख आधार हो सकते हैं। इसके बाद अन्य बैंकों को अलग-अलग समझौतों के जरिए जोड़े जाने की संभावना है।
भारतीय iPhone उपयोगकर्ताओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण सवाल होंगे कि कौन-कौन से कार्ड समर्थित होंगे, किन बैंकों को सेवा में जोड़ा जाएगा और क्या UPI को शुरुआत से ही शामिल किया जाएगा।
फिलहाल अक्टूबर में लॉन्च की खबर को रिपोर्टेड योजना के रूप में देखना चाहिए, न कि Apple द्वारा घोषित आधिकारिक लॉन्च तारीख के रूप में। अंतिम स्थिति Apple और संबंधित भारतीय बैंकों की आधिकारिक घोषणा से स्पष्ट होगी।
भारत में Apple Pay की शुरुआत होने पर यह देश के पहले से विकसित डिजिटल भुगतान बाजार में Apple के लिए एक नया कदम होगा। इसका शुरुआती फोकस कार्ड आधारित संपर्क रहित भुगतान पर रहने की संभावना है, जबकि आगे इसका विस्तार भारतीय बैंकों और स्थानीय भुगतान व्यवस्था के साथ होने वाले समझौतों पर निर्भर करेगा।