मैनपावर और टोल प्लाजा मैनेजमेंट सेवाएं देने वाली Innovision Limited को अपने IPO के बीच में ही बड़ा फैसला लेना पड़ा है। निवेशकों से उम्मीद के मुताबिक रिस्पॉन्स नहीं मिलने के कारण कंपनी ने आईपीओ का प्राइस बैंड कम कर दिया है, और सब्सक्रिप्शन की आखिरी तारीख भी आगे बढ़ा दी है। यह IPO 10 मार्च को खुला था, और पहले इसे 12 मार्च को बंद होना था, लेकिन अब कंपनी ने इसकी डेडलाइन बढ़ाकर 17 मार्च कर दी है। साथ ही प्राइस बैंड को भी घटाकर 494 रुपये से 519 रुपये प्रति शेयर कर दिया गया है, जो पहले 521 से 548 रुपये के बीच तय किया गया था।
IPO के पहले तीन दिनों में निवेशकों की भागीदारी उम्मीद से काफी कम रही। आंकड़ों के मुताबिक तीसरे दिन तक यह इश्यू कुल मिलाकर करीब 32 फीसदी ही सब्सक्राइब हुआ था। संस्थागत निवेशकों यानी QIB कैटेगरी में जरूर बेहतर प्रतिक्रिया देखने को मिली, जहां लगभग पूरा हिस्सा भर गया। लेकिन नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों की श्रेणी में करीब 36 फीसदी सब्सक्रिप्शन ही आया। सबसे कमजोर दिलचस्पी रिटेल निवेशकों की तरफ से रही, जहां यह आंकड़ा करीब 28 फीसदी तक ही पहुंच पाया। इसी ठंडी प्रतिक्रिया को देखते हुए कंपनी ने निवेशकों को आकर्षित करने के लिए प्राइस बैंड घटाने और इश्यू की अवधि बढ़ाने का फैसला किया।
ग्रे मार्केट में भी फिलहाल इस आईपीओ को लेकर खास उत्साह दिखाई नहीं दे रहा है। ग्रे मार्केट ट्रैक करने वाली कंपनियों के मुताबिक Innovision IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) फिलहाल शून्य के आसपास है। अगर मौजूदा हालात बने रहते हैं, तो कंपनी के शेयर की संभावित लिस्टिंग करीब 519 रुपये यानी कैप प्राइस के आसपास ही हो सकती है। इसका मतलब यह है, कि लिस्टिंग पर फिलहाल किसी बड़े प्रीमियम या नुकसान की उम्मीद नहीं दिखाई दे रही।
कंपनी का यह आईपीओ फ्रेश इश्यू और ऑफर फॉर सेल का मिश्रण है। इसमें करीब 255 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए जा रहे हैं, जबकि प्रमोटर और मौजूदा शेयरधारक 12.38 लाख इक्विटी शेयर बेच रहे हैं। अब संशोधित योजना के तहत कंपनी कुल 61.32 लाख शेयर निवेशकों को ऑफर कर रही है। आईपीओ से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल कंपनी अपने कर्ज को कम करने, वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने और सामान्य कॉरपोरेट कामकाज के लिए करेगी।
Innovision मुख्य रूप से मैनपावर सेवाएं उपलब्ध कराती है। कंपनी प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड, इंटीग्रेटेड फैसिलिटी मैनेजमेंट, मैनपावर सोर्सिंग और पेरोल मैनेजमेंट जैसी सेवाएं देती है। इसके अलावा कंपनी टोल प्लाजा मैनेजमेंट के क्षेत्र में भी सक्रिय है। प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के जरिए यह विभिन्न टोल प्लाजा पर यूजर फीस कलेक्शन और उससे जुड़ी सेवाएं संभालती है। कंपनी को NHAI के साथ भी कई स्थानों पर टोल कलेक्शन का काम मिला हुआ है।
फिलहाल कंपनी देश के अलग-अलग हिस्सों में छह टोल प्लाजा का संचालन कर रही है। इनमें उत्तराखंड के लच्छीवाला, असम के नजीराखाट, उत्तर प्रदेश के सरसावा, पश्चिम बंगाल के पश्चिम मदाती और उत्तर प्रदेश के ही न्यूदकांठी और तरवा देवा शामिल हैं।
इसके अलावा कंपनी स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग प्रोग्राम में भी केंद्र और कई राज्य सरकारों के साथ पार्टनर के तौर पर काम करती है। इसकी सब्सिडियरी Innovision International भर्ती, प्लेसमेंट कंसल्टेंसी और वीजा से जुड़ी सेवाएं भी देती है।
इस आईपीओ के लिए बुक रनिंग लीड मैनेजर के तौर पर Emkay Global Financial Services को नियुक्त किया गया है। वही इस इश्यू की पूरी प्रक्रिया को मैनेज कर रहा है।