इंडिगोने यात्रियों को दी जाने वाली कई अतिरिक्त सेवाओं के शुल्क में बदलाव किया है। एयरलाइन ने शिशु यात्रा, अतिरिक्त सामान, बिना अभिभावक यात्रा करने वाले बच्चों की सेवा, Fast Forward और Travel Certificate जैसी सुविधाओं के लिए नई दरें लागू की हैं। इन सेवाओं का शुल्क टिकट के मूल किराये से अलग लिया जाता है। इसका मतलब है कि जिन यात्रियों को इन अतिरिक्त सुविधाओं की जरूरत होगी, उन्हें टिकट की कीमत के अलावा इन संशोधित शुल्कों का भी भुगतान करना होगा।
नई दरों का असर अलग-अलग यात्रियों पर उनकी जरूरत के अनुसार पड़ेगा। खास तौर पर छोटे बच्चों के साथ यात्रा करने वाले परिवार, अधिक सामान लेकर जाने वाले यात्री और बिना किसी वयस्क के यात्रा करने वाले बच्चों के अभिभावकों को यात्रा का बजट बनाते समय इन बदलावों को ध्यान में रखना होगा।
इंडिगो IndiGo ने शिशु के साथ यात्रा करने का शुल्क बढ़ा दिया है। पहले जहां इसके लिए ₹2,000 देने पड़ते थे, वहीं अब यात्रियों को ₹3,000 का भुगतान करना होगा। यानी शिशु यात्रा शुल्क में सीधे ₹1,000 की बढ़ोतरी हुई है।
यह शुल्क तीन दिन से लेकर दो वर्ष की उम्र तक के शिशुओं पर लागू होता है। शिशु के लिए अलग सीट उपलब्ध नहीं होती, लेकिन माता-पिता या साथ यात्रा करने वाले व्यक्ति को बुकिंग के समय शिशु को टिकट में शामिल करना जरूरी होता है।
इस बदलाव के बाद छोटे बच्चे के साथ यात्रा करने वाले परिवारों का कुल यात्रा खर्च पहले की तुलना में बढ़ सकता है। इसलिए टिकट बुक करते समय परिवारों को केवल वयस्क यात्रियों के किराये पर ध्यान देने के बजाय शिशु से संबंधित शुल्क को भी कुल बजट में शामिल करना चाहिए।
IndiGo ने घरेलू उड़ानों में निर्धारित सीमा से अधिक सामान ले जाने पर लगने वाला शुल्क भी बढ़ा दिया है। अब यात्रियों को तय सीमा से ज्यादा सामान के लिए ₹800 प्रति अतिरिक्त किलो देना होगा। पहले यह शुल्क ₹700 प्रति किलो था।
इस बढ़ोतरी का सीधा असर उन यात्रियों पर पड़ेगा जिनका सामान एयरलाइन द्वारा निर्धारित मुफ्त सामान सीमा से अधिक हो जाता है।
उदाहरण के लिए, अगर किसी यात्री के पास 5 किलो अतिरिक्त सामान है, तो नई दर के अनुसार उसे ₹4,000 का भुगतान करना होगा। पहले इसी मात्रा के लिए ₹3,500 देने पड़ते थे।
इसलिए यात्रा से पहले सामान का वजन जांचना यात्रियों के लिए फायदेमंद हो सकता है। यदि सामान निर्धारित सीमा के करीब है, तो घर से निकलने से पहले उसका वजन कर लेने पर एयरपोर्ट पर अचानक लगने वाले अतिरिक्त शुल्क से बचने में मदद मिल सकती है।
ऐसे माता-पिता या अभिभावक जो अपने बच्चों को बिना किसी वयस्क के यात्रा कराते हैं, उन्हें भी अब अधिक शुल्क देना होगा। IndiGo ने घरेलू उड़ानों में Unaccompanied Minor यानी बिना साथ वाले नाबालिग बच्चे की सेवा का शुल्क बढ़ा दिया है।
पहले घरेलू यात्रा के लिए इस सेवा का शुल्क ₹5,000 था, जिसे अब बढ़ाकर ₹5,999 कर दिया गया है। यह सेवा पात्र बच्चों के लिए उपलब्ध है और इसके लिए एयरलाइन की निर्धारित शर्तों और प्रक्रियाओं का पालन करना होता है।
पात्र अंतरराष्ट्रीय यात्राओं के लिए Unaccompanied Minor सेवा का शुल्क ₹12,999 रखा गया है। इसलिए यदि कोई बच्चा बिना माता-पिता या किसी वयस्क के अंतरराष्ट्रीय उड़ान से यात्रा करने वाला है, तो परिवार को टिकट के अलावा इस सेवा शुल्क को भी यात्रा खर्च में शामिल करना होगा।
बुकिंग से पहले अभिभावकों को बच्चे की उम्र, यात्रा मार्ग और एयरलाइन की जरूरी औपचारिकताओं की जांच कर लेना चाहिए।
IndiGo ने अपनी Fast Forward सेवा की कीमत में भी बदलाव किया है। यह एक वैकल्पिक सुविधा है, जिसके तहत यात्रियों को एयरपोर्ट पर कुछ प्राथमिकता वाली सेवाओं का लाभ मिलता है। इनमें प्राथमिकता के साथ चेक-इन और बोर्डिंग जैसी सुविधाएं शामिल हो सकती हैं।
घरेलू उड़ानों में Fast Forward सेवा का शुल्क पहले ₹450 प्रति यात्री था। अब इसे बढ़ाकर ₹650 प्रति यात्री कर दिया गया है।
वहीं अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए इस सुविधा का शुल्क ₹850 प्रति उड़ान सेक्टर रखा गया है।
यह सेवा अनिवार्य नहीं है। यात्री अपनी जरूरत के अनुसार इसे खरीद सकते हैं। जिन यात्रियों के लिए एयरपोर्ट पर प्राथमिकता वाली सुविधा उपयोगी है, वे इसका विकल्प चुन सकते हैं, जबकि अन्य यात्री इस अतिरिक्त खर्च से बच सकते हैं।
IndiGo ने Travel Certificate प्राप्त करने के शुल्क में भी बढ़ोतरी की है। पहले इसके लिए ₹200 का शुल्क लिया जाता था, जिसे अब बढ़ाकर ₹300 कर दिया गया है।
Travel Certificate किसी यात्री के किसी विशेष उड़ान से यात्रा करने के प्रमाण के रूप में काम आ सकता है। कई यात्रियों को नौकरी या अन्य आधिकारिक जरूरतों के लिए यात्रा का प्रमाण प्रस्तुत करना पड़ सकता है।
यात्रियों को Travel Certificate की जरूरत यात्रा खर्च की प्रतिपूर्ति, GST से जुड़े दस्तावेज और Leave Travel Concession यानी LTC से जुड़े दावों के लिए पड़ सकती है। इसकी आवश्यकता व्यक्ति की नौकरी, संस्था या संबंधित प्रक्रिया पर निर्भर करती है।
इसलिए यात्रा के बाद यदि किसी यात्री को ऐसा प्रमाणपत्र चाहिए, तो अब उसे ₹300 का शुल्क देना होगा।
IndiGo की नई दरें मुख्य रूप से उन सेवाओं पर लागू होती हैं जिन्हें यात्री मूल टिकट के अलावा अपनी जरूरत के अनुसार खरीदते हैं। इसलिए हर यात्री के कुल खर्च में एक जैसी बढ़ोतरी नहीं होगी।
शिशु के साथ यात्रा करने वाले परिवारों को ₹3,000 का नया शुल्क ध्यान में रखना होगा। अधिक सामान वाले यात्रियों को अतिरिक्त वजन के हिसाब से ज्यादा भुगतान करना पड़ सकता है। वहीं बच्चों को अकेले यात्रा कराने वाले अभिभावकों को Unaccompanied Minor सेवा की नई दर के अनुसार खर्च करना होगा।
इसी तरह Fast Forward चुनने वाले यात्रियों को घरेलू उड़ानों में ₹650 और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में ₹850 का अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
यात्रियों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि वे बुकिंग और यात्रा से पहले एयरलाइन की लागू शर्तों और शुल्कों की जानकारी जांच लें।
अगर सामान निर्धारित सीमा से अधिक है, तो पहले से उसकी मात्रा और अतिरिक्त शुल्क की गणना करना बेहतर हो सकता है। इससे एयरपोर्ट पर अचानक अधिक भुगतान करने की स्थिति से बचा जा सकता है।
हर यात्री को Fast Forward या अन्य अतिरिक्त सेवा लेने की आवश्यकता नहीं होती। इसलिए यात्रियों को यह देखना चाहिए कि उन्हें वास्तव में किस सुविधा की जरूरत है और उसका अतिरिक्त खर्च कितना होगा।
एयरलाइंस समय-समय पर अपनी अतिरिक्त सेवाओं की कीमतों की समीक्षा करती रहती हैं। टिकट के मूल किराये के अलावा मिलने वाली ऐसी सुविधाओं को आमतौर पर Ancillary Services यानी अतिरिक्त सेवाएं कहा जाता है।
इनमें अतिरिक्त सामान, प्राथमिकता सेवाएं, सीट चयन, भोजन और अन्य सुविधाएं शामिल हो सकती हैं। इसलिए केवल टिकट का शुरुआती किराया देखकर यात्रा का पूरा खर्च तय नहीं किया जा सकता। यदि यात्री अतिरिक्त सुविधाओं का इस्तेमाल करता है, तो अंतिम राशि बढ़ सकती है।
ऐसे में यात्रियों के लिए बेहतर होगा कि वे टिकट बुक करने से पहले सामान की सीमा, अतिरिक्त सेवाओं की जरूरत और लागू शुल्क की जानकारी अच्छी तरह जांच लें। इससे यात्रा के कुल खर्च का सही अनुमान लगाने और एयरपोर्ट पर अनपेक्षित अतिरिक्त भुगतान से बचने में मदद मिल सकती है।