भारत के पर्यटन क्षेत्र को आधुनिक और अधिक डिजिटल बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक नई महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। पर्यटन मंत्रालय ने National Digital Tourism Stack लॉन्च किया है। इसका उद्देश्य देश के पर्यटन से जुड़े उत्पादों, सेवाओं, स्थलों, अनुभवों और होमस्टे को एक साझा डिजिटल व्यवस्था से जोड़ना है, ताकि पर्यटकों के लिए उन्हें खोजना, जानकारी प्राप्त करना और बुकिंग करना आसान हो सके।
यह पहल ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) Open Network for Digital Commerce (ONDC) के साथ साझेदारी में विकसित की जा रही है। सरकार का लक्ष्य पर्यटन क्षेत्र के लिए ऐसा डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा तैयार करना है, जहां अलग-अलग पर्यटन सेवाएं एक-दूसरे के साथ जुड़कर काम कर सकें।
इस परियोजना का शुभारंभ केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर भारत मंडपम में आयोजित एक कार्यक्रम में किया।
नेशनल डिजिटल टूरिज्म स्टैक National Digital Tourism Stack के माध्यम से देश के अलग-अलग पर्यटन उत्पादों और सेवाओं को एक साझा और आपस में जुड़ी डिजिटल व्यवस्था में लाने की योजना है। इसका उद्देश्य पर्यटकों को पर्यटन से जुड़ी अधिक सेवाओं तक आसानी से पहुंच उपलब्ध कराना है।
सरकार की योजना के अनुसार, 2028 के अंत तक करीब 23,000 पर्यटन अनुभवों और होमस्टे को इस डिजिटल व्यवस्था पर खोजने, उनकी विश्वसनीय जानकारी प्राप्त करने और बुक करने योग्य बनाया जाएगा।
इस व्यवस्था से पर्यटकों को अलग-अलग डिजिटल मंचों पर सेवाएं खोजने की आवश्यकता कम हो सकती है। वे विभिन्न पर्यटन स्थलों, स्थानीय अनुभवों और ठहरने की सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और उपलब्ध सेवाओं की तुलना भी कर सकेंगे।
इसका एक उद्देश्य भारत के पर्यटन क्षेत्र में मौजूद डिजिटल बिखराव को कम करना भी है। अलग-अलग सेवाओं को एक साझा व्यवस्था से जोड़कर पर्यटकों के लिए यात्रा की योजना बनाना अधिक सुविधाजनक बनाने की कोशिश की जा रही है।
नेशनल डिजिटल टूरिज्म स्टैक के डिजिटल बुनियादी ढांचे को विकसित करने के लिए पर्यटन मंत्रालय ONDC के साथ काम कर रहा है। International Centre for Digital Public Infrastructure Innovation and Advancement (ICDIA) भी इस पहल में सहयोग कर रहा है।
परियोजना को एक साथ पूरे देश में लागू करने के बजाय अलग-अलग चरणों में आगे बढ़ाया जाएगा। इसमें केंद्र सरकार के साथ राज्य सरकारें, केंद्र शासित प्रदेश और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े विभिन्न पक्ष शामिल होंगे।
भारत के पर्यटन क्षेत्र में बड़ी संख्या में सरकारी संस्थाएं, निजी कंपनियां, स्थानीय व्यवसाय, होमस्टे और अनुभव उपलब्ध कराने वाले छोटे कारोबारी काम करते हैं। इन सभी को एक साझा डिजिटल ढांचे से जोड़ना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है।
इससे पर्यटन सेवाओं के बीच बेहतर तालमेल और आपसी जुड़ाव बनाने में मदद मिल सकती है।
पर्यटन सचिव भुवनेश कुमार के अनुसार, Artificial Intelligence (AI) इस परियोजना के सामने वाले हिस्से यानी पर्यटकों के साथ सीधे जुड़ने वाले भाग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
सरकार की व्यापक सोच “One Ticket, One Pass” व्यवस्था विकसित करने की है। इसका उद्देश्य ऐसा यात्रा अनुभव तैयार करना है, जिसमें पर्यटक एक ही डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से यात्रा से जुड़ी कई सेवाओं का उपयोग कर सकें।
AI आधारित तकनीक पर्यटकों की जरूरतों के अनुसार पर्यटन स्थलों और अनुभवों को खोजने में मदद कर सकती है। उदाहरण के लिए, पर्यटक अपनी पसंद, यात्रा की जरूरत और उपलब्ध सेवाओं के आधार पर अलग-अलग विकल्पों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
इससे यात्रा की योजना बनाने, सेवाओं को समझने और अलग-अलग सुविधाओं को व्यवस्थित करने की प्रक्रिया अधिक आसान हो सकती है।
नेशनल डिजिटल टूरिज्म स्टैक का एक प्रमुख उद्देश्य पर्यटकों की पूरी यात्रा प्रक्रिया को सरल बनाना है। डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से लोग पर्यटन स्थलों और अनुभवों को खोज सकेंगे, उपलब्ध विकल्पों की तुलना कर सकेंगे और डिजिटल माध्यम से बुकिंग तथा भुगतान कर सकेंगे।
इससे पर्यटन सेवाओं की जानकारी अधिक व्यवस्थित तरीके से उपलब्ध हो सकती है। पर्यटकों को किसी सेवा के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए अलग-अलग जगहों पर निर्भर रहने की जरूरत भी कम हो सकती है।
इस पहल से कागजी प्रक्रिया कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है, जिससे यात्रा से जुड़े कई काम अधिक सुविधाजनक हो सकते हैं।
इस डिजिटल पहल का लाभ छोटे पर्यटन व्यवसायों, होमस्टे और स्थानीय अनुभव उपलब्ध कराने वाले लोगों को भी मिल सकता है। कई छोटे कारोबारी मौजूदा डिजिटल मंचों पर सीमित रूप से दिखाई देते हैं। साझा डिजिटल व्यवस्था उन्हें पर्यटकों तक पहुंचने का नया माध्यम दे सकती है।
करीब 23,000 पर्यटन अनुभवों और होमस्टे को डिजिटल मंच पर लाने का लक्ष्य देश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों से आगे बढ़कर छोटे और स्थानीय पर्यटन स्थलों को भी सामने लाने में मदद कर सकता है।
जब स्थानीय पर्यटन सेवाएं डिजिटल रूप से आसानी से खोजी और बुक की जा सकेंगी, तो देश के अलग-अलग हिस्सों में काम करने वाले छोटे व्यवसायों को व्यापक ग्राहक आधार तक पहुंचने का अवसर मिल सकता है।
इससे स्थानीय अनुभवों, होमस्टे और कम प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों को भी डिजिटल पहचान मिल सकती है।
भारत का पर्यटन क्षेत्र बहुत व्यापक है और इसमें होटल, होमस्टे, स्थानीय अनुभव, पर्यटन स्थल और कई अन्य सेवाएं शामिल हैं। ये सेवाएं अलग-अलग संस्थाओं और व्यवसायों द्वारा संचालित की जाती हैं।
नेशनल डिजिटल टूरिज्म स्टैक का उद्देश्य इन अलग-अलग हिस्सों को साझा डिजिटल बुनियादी ढांचे से जोड़ना है। इससे पर्यटकों को यात्रा के विभिन्न हिस्सों को एक साथ संभालने में आसानी हो सकती है।
“One Ticket, One Pass” की सोच का उद्देश्य पर्यटकों को अलग-अलग सेवाओं के लिए अलग-अलग प्रक्रियाओं से गुजरने की जरूरत को कम करना है। इसके माध्यम से यात्रा को अधिक सहज और आपस में जुड़ा हुआ बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
नेशनल डिजिटल टूरिज्म स्टैक को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। केंद्र सरकार, राज्य सरकारें, केंद्र शासित प्रदेश और पर्यटन उद्योग से जुड़े पक्ष इसकी प्रक्रिया में भाग लेंगे।
सरकार ने 2028 के अंत तक 23,000 पर्यटन अनुभवों और होमस्टे को डिजिटल मंच पर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है। परियोजना के विस्तार के साथ इसकी सफलता इस बात पर भी निर्भर करेगी कि पर्यटन व्यवसाय और अलग-अलग क्षेत्र इस डिजिटल व्यवस्था से कितनी व्यापक रूप से जुड़ते हैं।
नेशनल डिजिटल टूरिज्म स्टैक भारत के पर्यटन क्षेत्र में डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के बढ़ते उपयोग की दिशा में एक कदम है। ONDC की डिजिटल वाणिज्य व्यवस्था को पर्यटन क्षेत्र की सेवाओं और जानकारी से जोड़कर एक अधिक जुड़ी हुई डिजिटल व्यवस्था तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है।
AI, डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन खोज जैसी तकनीकों के इस्तेमाल से पर्यटकों के लिए सेवाओं तक पहुंच आसान हो सकती है। साथ ही, छोटे पर्यटन व्यवसायों और स्थानीय अनुभवों को डिजिटल मंच पर अधिक visibility मिलने की संभावना है।
नेशनल डिजिटल टूरिज्म स्टैक का उद्देश्य भारत के पर्यटन क्षेत्र के लिए एक साझा डिजिटल व्यवस्था तैयार करना है। सरकार, ONDC, राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और पर्यटन उद्योग के सहयोग से यह पहल पर्यटन स्थलों और अनुभवों की खोज, बुकिंग, भुगतान और पहुंच को अधिक आसान बनाने की दिशा में काम कर रही है।
2028 तक 23,000 पर्यटन अनुभवों और होमस्टे को डिजिटल मंच से जोड़ने का लक्ष्य इस परियोजना के बड़े स्तर को दर्शाता है। यदि विभिन्न पर्यटन सेवाएं इस व्यवस्था से प्रभावी रूप से जुड़ती हैं, तो यह पहल भारत में पर्यटकों और पर्यटन व्यवसायों के बीच डिजिटल संपर्क को और मजबूत करने में मदद कर सकती है।