भारत के लग्जरी हाउसिंग मार्केट में बड़ा उछाल, FY26 में 11,000 करोड़ से ज्यादा की बिक्री

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07 May 2026
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News Synopsis

भारत के लग्जरी हाउसिंग मार्केट में FY26 के दौरान उल्लेखनीय उछाल दर्ज किया गया है। India Sotheby's International Realty और CRE Matrix की संयुक्त रिपोर्ट के अनुसार प्रमुख महानगरों में 800 से अधिक अल्ट्रा-प्रीमियम घरों की बिक्री हुई। इस सेगमेंट ने 11,000 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री दर्ज की, जो संपन्न खरीदारों और हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स के बीच मजबूत मांग को दर्शाता है।

यह वृद्धि ऐसे समय में आई है, जब भारत का रियल एस्टेट सेक्टर बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है और प्रीमियमाइजेशन की ओर स्पष्ट झुकाव दिखाई दे रहा है। हैदराबाद, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे शहर लग्जरी हाउसिंग की मांग के प्रमुख केंद्र बनकर उभरे हैं। ताजा आंकड़े बदलती खरीदार प्राथमिकताओं, बढ़ती डिस्पोजेबल इनकम और आधुनिक सुविधाओं व प्राइम लोकेशन वाले हाई-एंड रेजिडेंशियल प्रॉपर्टीज की बढ़ती मांग को दर्शाते हैं।

प्रमुख भारतीय शहरों में लग्जरी हाउसिंग बिक्री में उछाल

भारत के लग्जरी रियल एस्टेट सेगमेंट में FY26 के दौरान 10 करोड़ रुपये और उससे अधिक कीमत वाले 811 घरों की बिक्री हुई। इन ट्रांजैक्शन्स का कुल मूल्य लगभग 11,246 करोड़ रुपये रहा, जो प्रीमियम हाउसिंग में लगातार बनी हुई रुचि को दर्शाता है।

विश्लेषण किए गए तीन शहरों में हैदराबाद ने बाजार पर दबदबा बनाया और अधिकांश ट्रांजैक्शन्स दर्ज किए। शहर में 625 लग्जरी घरों की बिक्री हुई, जिनकी कुल कीमत 8,500 करोड़ रुपये से अधिक रही। इस मजबूत प्रदर्शन का कारण प्रतिस्पर्धी कीमतें, बड़े प्रॉपर्टी साइज और बढ़ता निवेशक भरोसा माना जा रहा है।

बेंगलुरु दूसरे स्थान पर रहा, जहां लगभग 1,957 करोड़ रुपये की बिक्री हुई। इसका मुख्य कारण शहर का मजबूत टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम और उच्च आय वाले पेशेवरों की बड़ी मौजूदगी है। वहीं चेन्नई ने अपेक्षाकृत छोटे स्तर पर भी स्थिर मांग दिखाई और यहां 727 करोड़ रुपये के ट्रांजैक्शन्स दर्ज किए गए।

ये आंकड़े संकेत देते हैं, कि लग्जरी हाउसिंग अब केवल एक सीमित सेगमेंट नहीं रह गया है, बल्कि यह भारत के रियल एस्टेट बाजार का तेजी से महत्वपूर्ण हिस्सा बनता जा रहा है।

विकास की समयरेखा और बाजार का विस्तार

भारत में लग्जरी हाउसिंग का विस्तार पिछले एक दशक में धीरे-धीरे लेकिन लगातार हुआ है। पहले प्रीमियम रियल एस्टेट की मांग मुख्य रूप से मुंबई और दिल्ली जैसे शहरों तक सीमित थी। हालांकि हाल के वर्षों में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, किफायती कीमतों और आर्थिक विकास के कारण दक्षिण भारतीय शहरों का महत्व बढ़ा है।

COVID-19 महामारी इस बदलाव के लिए एक प्रमुख उत्प्रेरक साबित हुई। महामारी के दौरान खरीदारों ने बड़े घरों, बेहतर सुविधाओं और सुरक्षित रहने के माहौल को प्राथमिकता देना शुरू किया। महामारी के बाद भी यह ट्रेंड जारी है, जहां संपन्न खरीदार ऐसे घरों की तलाश कर रहे हैं जो आराम के साथ-साथ दीर्घकालिक मूल्य भी प्रदान करें।

इसके अलावा हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे शहरों में Global Capability Centres और बहुराष्ट्रीय कंपनियों की बढ़ती मौजूदगी ने हाई-एंड रेजिडेंशियल स्पेस की मांग को और बढ़ाया है।

इंडस्ट्री की प्रतिक्रिया और विशेषज्ञों का विश्लेषण

रियल एस्टेट विशेषज्ञ लग्जरी हाउसिंग बिक्री में आई तेजी को व्यापक आर्थिक रुझानों का प्रतिबिंब मानते हैं, जिसमें संपत्ति निर्माण और शहरी आबादी के बीच बढ़ती आय शामिल है।

डेवलपर्स अब बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए प्रीमियम और अल्ट्रा-लग्जरी सेगमेंट पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। विश्वस्तरीय सुविधाओं, स्मार्ट होम टेक्नोलॉजी और सस्टेनेबल डिजाइन वाले हाई-एंड प्रोजेक्ट्स तेजी से आम होते जा रहे हैं।

इंडस्ट्री लीडर्स का कहना है, कि संपन्न खरीदार अब लागत से अधिक लाइफस्टाइल को प्राथमिकता दे रहे हैं और ऐसी प्रॉपर्टीज चुन रहे हैं जो एक्सक्लूसिविटी, प्राइवेसी और सुविधा प्रदान करें।

विशेषज्ञों की राय और डेटा विश्लेषण

Knight Frank India की रिपोर्ट के अनुसार भारत का लग्जरी रेजिडेंशियल मार्केट मजबूत बना हुआ है, जिसे हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स और एनआरआई खरीदारों की मांग का समर्थन मिल रहा है।

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी आंकड़ों से संकेत मिलता है, कि स्थिर आर्थिक विकास और बेहतर लिक्विडिटी कंडीशन्स ने रियल एस्टेट में निवेश बढ़ाने में योगदान दिया है।

विशेषज्ञों का यह भी मानना है, कि हैदराबाद में ट्रांजैक्शन वॉल्यूम अधिक होने का कारण मुंबई जैसे शहरों की तुलना में वहां की अपेक्षाकृत किफायती लग्जरी प्राइसिंग है, जो इसे निवेशकों के लिए आकर्षक बनाती है।

प्रीमियम हाउसिंग बूम के प्रमुख कारण

भारत के लग्जरी हाउसिंग सेगमेंट की तेज वृद्धि के पीछे कई प्रमुख कारण हैं।

पहला, पेशेवरों, उद्यमियों और निवेशकों के बीच बढ़ती डिस्पोजेबल इनकम और संपत्ति निर्माण ने संभावित खरीदारों की संख्या बढ़ा दी है। IT, फाइनेंस और स्टार्टअप जैसे सेक्टर्स की वृद्धि ने शहरी केंद्रों में आय क्षमता को काफी बढ़ाया है।

दूसरा, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट ने हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे शहरों की आकर्षण क्षमता बढ़ाई है। बेहतर कनेक्टिविटी, मेट्रो नेटवर्क और स्मार्ट सिटी पहलों ने इन लोकेशन्स को अधिक लोकप्रिय बनाया है।

तीसरा, बड़े घरों और प्रीमियम सुविधाओं की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। खरीदार अब ऐसी प्रॉपर्टीज चाहते हैं, जिनमें प्राइवेट टैरेस, स्मार्ट होम सिस्टम, वेलनेस फैसिलिटीज और बेहतर सुरक्षा जैसी सुविधाएं उपलब्ध हों।

रियल एस्टेट सेक्टर और अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

लग्जरी हाउसिंग सेगमेंट का मजबूत प्रदर्शन भारत के रियल एस्टेट सेक्टर और अर्थव्यवस्था पर व्यापक प्रभाव डाल रहा है।

डेवलपर्स के लिए प्रीमियम प्रोजेक्ट्स पर फोकस से बेहतर प्रॉफिट मार्जिन मिल रहे हैं, और गुणवत्ता निर्माण में निवेश बढ़ रहा है। यह बदलाव डिजाइन, टेक्नोलॉजी और सस्टेनेबिलिटी में नवाचार को भी बढ़ावा दे रहा है।

आर्थिक दृष्टिकोण से लग्जरी हाउसिंग की वृद्धि निर्माण, इंटीरियर डिजाइन और प्रॉपर्टी मैनेजमेंट जैसे कई सेक्टर्स में रोजगार सृजन में योगदान दे रही है।

इसके अलावा हाई-एंड रियल एस्टेट में बढ़ते निवेश से शहरी विकास और प्रमुख शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार को भी बढ़ावा मिल सकता है।

लग्जरी हाउसिंग का विस्तार भारत के बदलते उपभोक्ता परिदृश्य को भी दर्शाता है, जहां खरीदार अब गुणवत्तापूर्ण जीवनशैली में निवेश करने के लिए अधिक तैयार हैं।

भविष्य की संभावनाएं और बाजार का आउटलुक

आने वाले समय में भारत के लग्जरी हाउसिंग मार्केट का आउटलुक सकारात्मक बना हुआ है। लगातार आर्थिक विकास, शहरीकरण और बढ़ती आय आने वाले वर्षों में मांग को बनाए रखने में मदद करेंगे।

Global Capability Centres और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के विस्तार से खासकर हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे शहरों में प्रीमियम हाउसिंग की मांग और बढ़ने की संभावना है।

भविष्य की दिशा और अगले कदम

Confederation of Indian Industry के अनुसार भारत का रियल एस्टेट सेक्टर शहरीकरण और बढ़ती उपभोक्ता आकांक्षाओं के कारण निरंतर विकास के लिए तैयार है।

विशेषज्ञों का मानना है, कि डेवलपर्स प्रीमियमाइजेशन पर अपना फोकस जारी रखेंगे और संपन्न खरीदारों की जरूरतों के अनुरूप इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स पेश करेंगे। भविष्य के डेवलपमेंट्स में सस्टेनेबिलिटी और स्मार्ट टेक्नोलॉजी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली हैं।

हालांकि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएं बनी हुई हैं, लेकिन भारत की मजबूत घरेलू आर्थिक बुनियाद और बढ़ती संपत्ति क्षमता लग्जरी हाउसिंग सेगमेंट के निरंतर विस्तार को समर्थन देती रहेंगी।

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