उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार लखनऊ में देश का पहला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिटी विकसित करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसके साथ ही लखनऊ में एक मजबूत AI ecosystem तैयार करने की योजना भी बनाई जा रही है, ताकि युवाओं, तकनीकी विशेषज्ञों और नए उद्यमियों को एक ऐसा मंच मिल सके जहां वे नई तकनीकों पर काम कर सकें और वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।
मुख्यमंत्री ने यह बात लखनऊ में HCL Tech की 10वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने उत्तर प्रदेश की युवा आबादी और उनकी प्रतिभा को राज्य की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए युवा पेशेवरों से इस पहल का हिस्सा बनने का आह्वान किया।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश की पहचान लंबे समय तक उसकी विशाल भूमि और संसाधनों से जुड़ी रही है, लेकिन आज राज्य के पास इसके साथ-साथ दुनिया की सबसे युवा कार्यशक्तियों में से एक की ताकत भी है। उन्होंने कहा कि युवाओं की प्रतिभा ही राज्य की सबसे बड़ी शक्ति है और सही अवसर मिलने पर उत्तर प्रदेश के युवा किसी से पीछे नहीं रहेंगे।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार लखनऊ में देश का पहला AI City स्थापित करने की योजना पर तेजी से काम कर रही है। इसका उद्देश्य केवल AI से जुड़ी कंपनियों को एक जगह लाना नहीं है, बल्कि ऐसा व्यापक वातावरण तैयार करना है जहां AI, Deep Tech और Innovation से जुड़े नए विचारों को कारोबार और तकनीकी समाधान में बदला जा सके।
उन्होंने कहा कि राज्य की नई Startup Policy के तहत नोएडा और लखनऊ को Deep Tech Hub के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया है। इस दिशा में काम लगातार आगे बढ़ रहा है।
योगी आदित्यनाथ ने युवा पेशेवरों से अपील की कि वे एक साथ आकर इस पहल का हिस्सा बनें और लखनऊ को भारत के प्रमुख Innovation Cities में शामिल करने में योगदान दें।
उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे युवाओं और उद्यमियों को सहयोग देने के लिए तैयार है जो AI और दूसरी उन्नत तकनीकों के क्षेत्र में नए समाधान विकसित करना चाहते हैं। सरकार का लक्ष्य लखनऊ में कम से कम 50 विश्वस्तरीय AI Startups तैयार करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार केवल 50 AI Startups स्थापित करने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि उन्हें मजबूत बनाने और वैश्विक बाजार तक पहुंचाने में भी सहायता करेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार एक मजबूत Innovation Ecosystem तैयार करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसका अर्थ है कि Startups को केवल शुरुआती स्तर पर प्रोत्साहन ही नहीं मिलेगा, बल्कि उन्हें तकनीक, बाजार, प्रतिभा और विस्तार से जुड़े अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने लखनऊ में HCL Tech के 10 वर्ष पूरे होने को शहर के तकनीकी विकास की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि इन वर्षों में लखनऊ ने यह साबित किया है कि अगर उत्तर प्रदेश के युवाओं को सही अवसर दिए जाएं तो वे दुनिया के किसी भी हिस्से के प्रतिभाशाली युवाओं से पीछे नहीं रहेंगे।
योगी आदित्यनाथ ने HCL Tech के काम की सराहना करते हुए कहा कि कंपनी ने उत्तर प्रदेश के गांवों तक तकनीक और विकास के लाभ पहुंचाने में भी भूमिका निभाई है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, पिछले 10 से 11 वर्षों में HCL Tech ने उत्तर प्रदेश में अपने कार्यक्रमों को 50 लाख से अधिक लोगों और 3,000 से अधिक गांवों तक पहुंचाया है।
उन्होंने कहा कि कंपनी के प्रयासों से गांवों की महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में मदद मिली है। इसके अलावा सीतापुर और बुलंदशहर जैसे जिलों में कंपनी के आवासीय परिसरों और स्कूलों के माध्यम से स्थानीय बच्चों के जीवन में भी बदलाव आया है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विकास का मतलब अब केवल बड़े शहरों में बड़े-बड़े परिसर बनाना नहीं रह गया है। तकनीक का वास्तविक लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के Digital India के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि जब यह पहल शुरू की गई थी, तब विपक्षी दलों ने इसे लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि उस समय यह पूछा जाता था कि भारत में Digital India कैसे सफल होगा।
उन्होंने Jan Dhan Accounts का भी उदाहरण दिया। मुख्यमंत्री के अनुसार, जब जनधन खाते खोले जा रहे थे, तब भी इस पहल को लेकर सवाल उठाए गए थे और इन्हें गरीबों के लिए केवल खाली खाते बताया गया था।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज Direct Benefit Transfer (DBT) के माध्यम से सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंच रहा है। उन्होंने इसे ‘अंत्योदय’ यानी समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि गरीबों के लिए दिल्ली या लखनऊ से कोई राशि जारी की जाती है, तो वह सीधे उसी व्यक्ति के खाते में पहुंचती है जिसके लिए वह राशि निर्धारित की गई है। बीच में किसी अन्य व्यक्ति के द्वारा राशि में हिस्सा लेने की संभावना को उन्होंने तकनीक और Digital India की उपलब्धि बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में IT क्षेत्र अब केवल नोएडा तक सीमित नहीं है। आज सॉफ्टवेयर कंपनियां नोएडा के अलावा लखनऊ की ओर भी देख रही हैं।
उन्होंने बताया कि कानपुर, प्रयागराज, मेरठ और आगरा में IT Parks काम कर रहे हैं। इसके अलावा राज्य में सात Software Technology Parks भी कार्यरत हैं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वाराणसी, बरेली, कानपुर और गोरखपुर में नए IT Parks के निर्माण का काम चल रहा है। इससे राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में तकनीकी और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि IT क्षेत्र अब National Capital Region तक सीमित नहीं है। यह पूर्वी उत्तर प्रदेश तक पहुंच चुका है और बुंदेलखंड क्षेत्र में भी विस्तार कर रहा है। वहीं, गौतम बुद्ध नगर में 12 IT और ITES Special Economic Zones मौजूद हैं।
नई Startup Policy के तहत उत्तर प्रदेश सरकार ने नोएडा और लखनऊ को Deep Tech Hub के रूप में विकसित करने का फैसला किया है। इसके तहत AI सहित अत्याधुनिक तकनीकों पर काम करने वाले Startups और तकनीकी कंपनियों को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ में AI City और AI Ecosystem की स्थापना इस व्यापक योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे शहर में नई कंपनियों, तकनीकी प्रतिभाओं और Innovation से जुड़े संस्थानों के लिए नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश की युवा आबादी राज्य की सबसे बड़ी ताकत है। AI, Deep Tech और IT क्षेत्र में नए अवसर पैदा करके इस प्रतिभा को राज्य में ही बेहतर मंच दिया जा सकता है।
लखनऊ में 50 विश्वस्तरीय AI Startups विकसित करने का लक्ष्य इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यदि ये Startups वैश्विक बाजार में अपनी जगह बनाने में सफल होते हैं, तो इससे उत्तर प्रदेश की तकनीकी पहचान मजबूत होने के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार, उद्यमिता और Innovation के नए रास्ते खुल सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार एक मजबूत Innovation Ecosystem बनाने के लिए तैयार है और युवाओं तथा तकनीकी विशेषज्ञों को इस अभियान में सक्रिय रूप से शामिल होना चाहिए। सरकार की कोशिश है कि लखनऊ आने वाले समय में केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे भारत के प्रमुख AI और Innovation केंद्रों में अपनी जगह बनाए।