भारतीय रेलवे ट्रेनों में यात्रियों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता बेहतर करने के लिए निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत पैंट्री कारों और बेस किचन में CCTV कैमरों की निगरानी बढ़ाई जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य भोजन तैयार करने से लेकर उसकी पैकिंग और ट्रेन तक पहुंचाने की प्रक्रिया पर बेहतर नजर रखना है।
यह कदम खास तौर पर उन प्रीमियम ट्रेनों की खानपान व्यवस्था में महत्वपूर्ण हो सकता है, जिनमें लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्री भोजन के लिए पैंट्री कार और रेलवे की खानपान सेवाओं पर निर्भर रहते हैं। भोजन की गुणवत्ता, रसोई की सफाई और खाद्य सामग्री को संभालने के तरीके को लेकर समय-समय पर यात्रियों की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में रेलवे अब तकनीक की मदद से निगरानी को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दे रहा है।
रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और CEO Satish Kumar ने हाल ही में IRCTC के वार रूम की समीक्षा के दौरान खानपान सेवाओं की निगरानी और रसोई की स्थिति पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए थे। रेलवे के अनुसार, कैमरा आधारित निगरानी को और व्यापक बनाने के साथ AI आधारित पहचान और अलर्ट व्यवस्था पर भी काम किया जा रहा है।
भारतीय रेलवे Indian Railways की नई पहल का मुख्य उद्देश्य भोजन तैयार करने और उसकी आपूर्ति की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना है। CCTV कैमरों के जरिए यह देखा जा सकेगा कि रसोई में भोजन किस तरह तैयार हो रहा है, कच्चे माल को किस प्रकार रखा जा रहा है और सफाई के नियमों का कितना पालन किया जा रहा है।
बेस किचन रेलवे की खानपान व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। यहां बड़ी मात्रा में भोजन तैयार किया जाता है और इसके बाद उसे ट्रेनों में भेजा जाता है। इसलिए इन स्थानों की स्वच्छता और भोजन तैयार करने की प्रक्रिया की निगरानी सीधे तौर पर यात्रियों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता से जुड़ी है।
CCTV व्यवस्था का इस्तेमाल केवल रसोई के अंदर कैमरा लगाने तक सीमित नहीं रहेगा। निगरानी का उद्देश्य भोजन तैयार करने, पैक करने और आपूर्ति करने की प्रक्रिया को लगातार देखना है।
यदि किसी स्थान पर सफाई की कमी, खाद्य सुरक्षा से जुड़ी समस्या या निर्धारित प्रक्रिया का पालन न होने जैसी स्थिति दिखाई देती है, तो निगरानी करने वाली टीम उस पर ध्यान दे सकती है। रेलवे बोर्ड ने भी कैमरा आधारित निगरानी को अधिक प्रभावी बनाने और सामने आने वाली कमियों पर समय पर सुधारात्मक कार्रवाई करने पर जोर दिया है।
नई व्यवस्था में Artificial Intelligence यानी AI की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। सामान्य CCTV कैमरा मुख्य रूप से वीडियो रिकॉर्ड करता है, लेकिन AI आधारित निगरानी प्रणाली रिकॉर्ड किए गए दृश्य में कुछ तय स्थितियों या समस्याओं को पहचानने में मदद कर सकती है।
उदाहरण के लिए, यदि किसी रसोई क्षेत्र में गंदगी या स्वच्छता से जुड़ी समस्या दिखाई देती है, तो AI आधारित प्रणाली उसे पहचानकर निगरानी टीम को अलर्ट भेज सकती है। इससे हर समय पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग को कर्मचारियों द्वारा मैन्युअली देखने की आवश्यकता कम हो सकती है।
रेलवे बोर्ड की हालिया समीक्षा में AI आधारित निगरानी और पहचान प्रणाली के जरिए चूहे, कॉकरोच और दूसरी कमियों से जुड़े अलर्ट पर भी चर्चा हुई। रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया कि केवल समस्या का पता चलना पर्याप्त नहीं है। यदि ऐसी कोई कमी सामने आती है, तो उसके बाद चेतावनी और आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई भी होनी चाहिए।
इससे AI का इस्तेमाल केवल निगरानी तकनीक के रूप में नहीं, बल्कि कार्रवाई की प्रक्रिया को तेज करने वाले माध्यम के रूप में किया जा सकता है।
बेस किचन के अलावा ट्रेन में मौजूद पैंट्री कार भी भोजन से जुड़ी व्यवस्था का अहम हिस्सा हैं। यहां भोजन को गर्म करने, रखने और यात्रियों तक पहुंचाने जैसे काम होते हैं। इसलिए केवल बेस किचन की निगरानी से पूरी खानपान प्रक्रिया पर नजर रखना संभव नहीं है।
रेलवे पहले से ही पैंट्री कारों और बेस किचन में नियमित सफाई, कीट नियंत्रण, खाद्य नमूनों की जांच और तीसरे पक्ष के ऑडिट जैसी व्यवस्थाएं चला रहा है। नई तकनीक आधारित निगरानी इन मौजूदा व्यवस्थाओं को और मजबूत करने के लिए इस्तेमाल की जा सकती है।
लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्रियों के लिए भोजन की उपलब्धता महत्वपूर्ण होती है। कई यात्री कई घंटों तक ट्रेन में रहते हैं और ऐसे में उन्हें रेलवे की खानपान व्यवस्था पर निर्भर रहना पड़ता है।
यदि भोजन तैयार करने और आपूर्ति की प्रक्रिया पर लगातार निगरानी रखी जाती है, तो इसका उद्देश्य यात्रियों को अधिक स्वच्छ और बेहतर गुणवत्ता वाला भोजन उपलब्ध कराना हो सकता है। हालांकि, CCTV और AI तकनीक अपने आप भोजन की गुणवत्ता की पूरी गारंटी नहीं देती। इसके लिए कर्मचारियों की जिम्मेदारी, नियमित निरीक्षण, खाद्य नमूनों की जांच और निर्धारित मानकों का पालन भी जरूरी रहेगा।
भारतीय रेलवे ने भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता सुधारने के लिए पहले से कई कदम उठाए हैं। इनमें निर्धारित बेस किचन से भोजन की आपूर्ति, आधुनिक बेस किचन, CCTV निगरानी, खाद्य सुरक्षा पर्यवेक्षकों की नियुक्ति और ट्रेनों में IRCTC पर्यवेक्षकों की तैनाती शामिल है।
भोजन के पैकेट पर QR Code भी दिया जाता है, जिससे यात्री पैकेट की पैकिंग की तारीख और संबंधित रसोई जैसी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। प्रत्येक खानपान इकाई के लिए FSSAI प्रमाणन भी अनिवार्य किया गया है।
रेलवे और IRCTC के अधिकारी नियमित तथा औचक निरीक्षण भी करते हैं। इनमें खाद्य सुरक्षा अधिकारी शामिल होते हैं। भोजन के नमूने लिए जाते हैं और निर्धारित मानकों के अनुसार उनकी जांच की जाती है।
इसके अलावा पैंट्री कार और बेस किचन में स्वच्छता और भोजन की गुणवत्ता की जांच के लिए तीसरे पक्ष का ऑडिट भी किया जाता है। यात्रियों की प्रतिक्रिया लेने के लिए ग्राहक संतुष्टि सर्वेक्षण की व्यवस्था भी मौजूद है।
रेलवे ने यात्रियों की शिकायतों को दर्ज करने और उनका समाधान करने के लिए Rail Madad जैसी व्यवस्था भी विकसित की है। रेलवे बोर्ड ने हालिया समीक्षा में शिकायतों की निगरानी को और मजबूत करने तथा जरूरत पड़ने पर यात्रियों से सीधे संपर्क करने पर जोर दिया।
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यात्रियों द्वारा बताई गई समस्या केवल शिकायत के रूप में दर्ज होकर न रह जाए, बल्कि संबंधित विभाग तक पहुंचे और उसके आधार पर उचित कार्रवाई हो।
AI आधारित CCTV रेलवे की निगरानी व्यवस्था को अधिक तेज और तकनीक आधारित बनाने में मदद कर सकता है। जहां पहले निगरानी कर्मचारी को कैमरे की रिकॉर्डिंग देखकर समस्या पहचाननी पड़ती थी, वहीं स्मार्ट प्रणाली कुछ तय संकेतों या परिस्थितियों को स्वतः पहचानकर अलर्ट दे सकती है।
इससे निगरानी टीम का ध्यान उन स्थानों पर जल्दी पहुंचाया जा सकता है जहां सुधार की आवश्यकता है। हालांकि, AI द्वारा भेजे गए अलर्ट की मानवीय जांच भी महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि हर दृश्य समस्या को केवल कैमरे के आधार पर सही तरीके से समझना संभव नहीं होता।
भारतीय रेलवे पिछले कुछ वर्षों में यात्रियों की सुरक्षा, सेवा और खानपान व्यवस्था में तकनीक का इस्तेमाल लगातार बढ़ा रहा है। CCTV, AI आधारित वीडियो विश्लेषण, QR Code, डिजिटल शिकायत प्रणाली और ऑनलाइन निगरानी जैसी सुविधाएं इसी दिशा का हिस्सा हैं।
रेलवे के अनुसार, देशभर में खाद्य गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए कई स्तरों पर निगरानी की जा रही है। अगस्त 2026 में रेलवे ने बताया था कि पिछले तीन वर्षों में खाद्य गुणवत्ता और स्वच्छता उल्लंघनों के मामलों में ₹5.13 करोड़ का जुर्माना लगाया गया, 54 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए और छह अनुबंध समाप्त किए गए।
पैंट्री कारों और बेस किचन में CCTV तथा AI आधारित निगरानी बढ़ाने की योजना रेलवे की खानपान व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक कदम है। इसका उद्देश्य भोजन तैयार करने से लेकर पैकिंग और आपूर्ति तक की प्रक्रिया पर बेहतर नजर रखना और सामने आने वाली कमियों पर जल्दी कार्रवाई करना है।
AI आधारित व्यवस्था गंदगी, कीट या अन्य निर्धारित समस्याओं से जुड़े अलर्ट देने में मदद कर सकती है, लेकिन बेहतर भोजन और स्वच्छता के लिए तकनीक के साथ नियमित निरीक्षण, खाद्य नमूनों की जांच, प्रशिक्षित कर्मचारी और सख्त नियमों का पालन भी जरूरी होगा।
यदि इन सभी उपायों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है, तो लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्रियों को मिलने वाली खानपान सेवाओं की निगरानी और गुणवत्ता सुधारने में मदद मिल सकती है।