महिला उद्यमियों के लिए ब्रिक्स में नए अवसर तैयार करेगा भारत, पीयूष गोयल ने रखी व्यापार विस्तार की योजना

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10 Sep 2026
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News Synopsis

भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार में महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है। इसके लिए भारत BRICS के सदस्य और साझेदार देशों के साथ मिलकर महिला उद्यमियों के लिए नए व्यापारिक अवसर विकसित करने की योजना बना रहा है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि महिलाओं के नेतृत्व वाले कारोबार को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने के लिए वित्त, अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और व्यापार से जुड़े नियमों को अधिक आसान और स्पष्ट बनाना जरूरी है।

नई दिल्ली में आयोजित BRICS Women’s Business Alliance (WBA) Women-Led Development Conference में बोलते हुए गोयल ने कहा कि महिला उद्यमियों को सशक्त बनाना भारत की वैश्विक व्यापार में भागीदारी बढ़ाने और लंबे समय में आर्थिक विकास को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि BRICS देशों के बीच बेहतर सहयोग से महिला स्वामित्व वाले कारोबार नए बाजारों में पहुंच सकते हैं और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं का हिस्सा बन सकते हैं।

महिला उद्यमियों के सामने तीन बड़ी चुनौतियां Three Key Challenges Facing Women Entrepreneurs

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल Union Minister of Commerce and Industry Piyush Goyal के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कारोबार का विस्तार करने वाली कंपनियों के सामने मुख्य रूप से तीन बड़ी चुनौतियां होती हैं। इनमें वित्त तक पहुंच, खरीदारों और बाजारों तक पहुंच तथा व्यापार नियमों में स्थिरता और स्पष्टता शामिल हैं।

वित्त और खरीदारों तक आसान पहुंच जरूरी Easier Access to Finance and Buyers Is Essential

कई छोटे और महिला-नेतृत्व वाले कारोबारों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंच बनाना आसान नहीं होता। उन्हें पर्याप्त वित्तीय सहायता, नए खरीदारों की जानकारी और अलग-अलग देशों में लागू नियमों को समझने में कठिनाई हो सकती है।

गोयल ने कहा कि भारत महिला उद्यमियों को आगे बढ़ाने के अपने अनुभव BRICS Women’s Business Alliance और व्यापक BRICS व्यापारिक समुदाय के साथ साझा करने के लिए तैयार है। देशों के बीच सहयोग बढ़ने से महिला कारोबारियों को नए ग्राहक खोजने, अंतरराष्ट्रीय संपर्क बनाने और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में शामिल होने का अवसर मिल सकता है।

महिलाओं की वित्तीय भागीदारी बढ़ा रहा भारत India’s Push for Women’s Financial Inclusion

भारत में महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए पिछले कुछ वर्षों में वित्तीय समावेशन पर काफी जोर दिया गया है। गोयल ने इस दिशा में भारत की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं के नाम पर करीब 30 करोड़ बैंक खाते पिछले 12 वर्षों में खोले गए हैं।

बिना जमानत ऋण से कारोबार को सहारा Collateral-Free Loans to Support Businesses

सरकार ने कारोबार शुरू करने और आजीविका के अवसर पैदा करने की इच्छुक महिलाओं को बिना जमानत ऋण उपलब्ध कराने की दिशा में भी कदम उठाए हैं। इसका लाभ उन महिलाओं को भी मिल सकता है, जिनका पहले से कोई मजबूत ऋण इतिहास नहीं है।

गोयल ने बताया कि करीब 10 करोड़ ग्रामीण महिलाएं लगभग 90 लाख स्वयं सहायता समूहों, सहकारी संस्थाओं और अन्य सामूहिक संगठनों से जुड़ी हुई हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के लिए आय और कारोबार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं।

लखपति दीदी पहल से बढ़ी आय Higher Incomes Through the Lakhpati Didi Initiative

केंद्रीय मंत्री ने लखपति दीदी पहल का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, ऐसी महिलाओं की संख्या 3 करोड़ से अधिक हो गई है, जिनकी व्यक्तिगत वार्षिक आय ₹1 लाख से ज्यादा है।

उन्होंने यह भी बताया कि छोटे कारोबारियों के लिए लगभग 56 करोड़ ऋण दिए गए हैं, जिनमें 68 प्रतिशत से अधिक का लाभ महिलाओं को मिलने की बात कही गई है। इन प्रयासों का उद्देश्य महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता बढ़ाना और देश के विकास में उनकी भागीदारी को मजबूत करना है।

BRICS के लिए साझा व्यापार मंच का प्रस्ताव Proposal for a Common BRICS Trade Platform

जयपुर में हुई BRICS वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रियों की बैठक का उल्लेख करते हुए गोयल ने कहा कि वहां छोटे निर्यातकों के मूल्यांकन के लिए स्वैच्छिक सिद्धांतों पर सहमति बनी है।

जयपुर सहमति से बाजार पहुंच हो सकती है आसान Jaipur Consensus Could Improve Market Access

गोयल के अनुसार, किसी छोटे कारोबारी का मूल्यांकन केवल चालान और भुगतान रिकॉर्ड के आधार पर नहीं होना चाहिए। उद्यमी की क्षमता, कारोबार की प्रगति और समय के साथ उसके विकास को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।

जयपुर सहमति के तहत BRICS देशों ने एक साझा अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंच की संभावनाओं पर काम करने पर भी सहमति जताई है। ऐसा मंच BRICS देशों के कारोबारियों को दूसरे देशों के खरीदारों से जोड़ने और उत्पादों की मांग तथा व्यापार के अवसरों की जानकारी उपलब्ध कराने में मदद कर सकता है।

छोटे कारोबारियों के लिए वित्तीय सहायता Financial Support for Small Businesses

प्रस्तावित मंच पर वित्तीय संस्थाएं और अन्य मध्यस्थ भी भाग ले सकते हैं। इससे छोटे कारोबार और विशेष रूप से महिला उद्यमियों को वित्तीय सहायता मिलने की संभावना बढ़ सकती है।

गोयल ने प्रस्तावित Women’s Advancement Fund को केवल चर्चा तक सीमित न रखकर उसे लागू करने की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की। उन्होंने BRICS Women’s Business Alliance और BRICS Business Council से महिला निर्यातकों की वास्तविक वित्तीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए चालान-आधारित वित्त सुविधा पर काम करने को कहा।

महिला व्यापार प्रतिनिधिमंडलों की संख्या बढ़ाने पर जोर Focus on More Women-Led Trade Delegations

गोयल ने अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों, सम्मेलनों, सेमिनारों, व्यापार मंचों और खरीदार-विक्रेता बैठकों में महिला-स्वामित्व वाले कारोबारों की भागीदारी बढ़ाने की जरूरत बताई।

अलग-अलग क्षेत्रों में महिला प्रतिनिधिमंडल Sector-Specific Women-Led Delegations

उन्होंने कपड़ा जैसे क्षेत्रों में विशेष रूप से महिला-नेतृत्व वाले व्यापार प्रतिनिधिमंडल भेजने का सुझाव दिया। ऐसे प्रतिनिधिमंडल महिलाओं को विदेशी कारोबारियों से संपर्क बनाने, नए बाजार तलाशने और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में प्रवेश करने में मदद कर सकते हैं।

यह अवसर केवल BRICS देशों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। महिला उद्यमियों को अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपने उत्पाद और सेवाएं पहुंचाने के अवसर दिए जाने की जरूरत है।

डिजिटल व्यापार और आसान नियमों पर जोर Focus on Digital Trade and Simpler Rules

अंतरराष्ट्रीय व्यापार को आसान बनाने के लिए गोयल ने नियमों को स्पष्ट और प्रक्रियाओं को सरल बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

इलेक्ट्रॉनिक व्यापार दस्तावेजों को बढ़ावा Promoting Electronic Trade Documents

उन्होंने BRICS देशों में इलेक्ट्रॉनिक व्यापार दस्तावेज, ई-चालान, इलेक्ट्रॉनिक बिल ऑफ लाडिंग और ई-कस्टम घोषणा को व्यापक रूप से अपनाने की वकालत की।

उन्होंने ऑनलाइन सीमा-पार सेवाओं को आसान बनाने के लिए स्वैच्छिक सिद्धांतों का भी समर्थन किया, ताकि डिजिटल व्यापार बढ़े और साथ ही प्रत्येक देश के घरेलू कानूनों का सम्मान भी बना रहे।

सेवाओं के व्यापार में नए अवसर New Opportunities in Services Trade

गोयल ने कहा कि BRICS देशों के बीच सेवाओं के व्यापार में अभी काफी संभावनाएं मौजूद हैं। वैश्विक सेवा बाजार का आकार करीब 10 ट्रिलियन डॉलर होने के बावजूद BRICS अर्थव्यवस्थाओं के बीच इस क्षेत्र की पूरी क्षमता का इस्तेमाल नहीं हो पाया है।

डिजिटल सेवाओं में महिलाओं के लिए अवसर Opportunities for Women in Digital Services

आवागमन और डिजिटल सेवाओं जैसे क्षेत्र महिला उद्यमियों तथा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए नए अवसर पैदा कर सकते हैं। देशों के बीच सहयोग बढ़ने से छोटे कारोबार डिजिटल अर्थव्यवस्था में अपनी पहुंच बढ़ा सकते हैं और सीमा-पार सेवाएं उपलब्ध करा सकते हैं।

ODOP से स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार ODOP to Take Local Products to Global Markets

गोयल ने भारत की One District, One Product (ODOP) पहल का भी उल्लेख किया। इसका उद्देश्य प्रत्येक जिले के विशिष्ट उत्पादों की पहचान कर उन्हें बढ़ावा देना और स्थानीय क्षेत्रों को निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करना है।

भारतीय उत्पादों और स्थानीय कौशल की बढ़ती मांग Growing Demand for Indian Products and Local Skills

यह पहल अब सेवाओं और स्थानीय व्यंजनों तक भी विस्तार कर रही है। इससे छोटे कारोबारी और महिला उद्यमी स्थानीय उत्पादों, खाद्य सामग्री और पारंपरिक कौशल को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचा सकते हैं।

गोयल ने खाड़ी देशों में भारतीय फलों और सब्जियों की बढ़ती मांग का उदाहरण दिया। वहां बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय होने के कारण इन उत्पादों के लिए बाजार की अच्छी संभावनाएं हैं। इससे छोटे किसानों और खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग तथा खाद्य उत्पादों से जुड़े महिला उद्यमियों को लाभ मिल सकता है।

वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की निर्यात वृद्धि India’s Export Growth Amid Global Challenges

गोयल ने कहा कि वैश्विक व्यापार में अनिश्चितताओं के बावजूद अप्रैल से अगस्त के बीच भारत के वस्तु निर्यात में 15 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। उन्होंने अप्रैल-जून तिमाही में भारत की 7.8 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि का भी उल्लेख किया और इसे प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे अधिक बताया।

उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ बढ़ते आत्मविश्वास के साथ जुड़ रहा है और भू-राजनीतिक तथा आर्थिक चुनौतियों के बावजूद व्यापार विस्तार पर लगातार काम कर रहा है।

भारत ने 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को हासिल करने में महिला-नेतृत्व वाला विकास महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

महिला उद्यमिता से मजबूत होगी भारत की वैश्विक व्यापार भागीदारी Women’s Entrepreneurship Can Strengthen India’s Global Trade Participation

BRICS के माध्यम से महिला-नेतृत्व वाले कारोबारों को वित्त, बाजार और डिजिटल व्यापार से जोड़ने की भारत की पहल से उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा हो सकते हैं। आसान व्यापार नियम, अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंच, वित्तीय सहायता और वैश्विक व्यापार मंचों में अधिक भागीदारी महिलाओं को अपने कारोबार का विस्तार करने में मदद कर सकती है।

अगर BRICS देश साझा व्यापार मंच, महिला वित्तीय सहायता और डिजिटल व्यापार व्यवस्था जैसे प्रस्तावों को आगे बढ़ाते हैं, तो इससे महिला उद्यमियों की अंतरराष्ट्रीय व्यापार में भागीदारी और मजबूत हो सकती है। यह न केवल महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता बढ़ाएगा, बल्कि भारत के दीर्घकालिक आर्थिक विकास और वैश्विक व्यापार में उसकी भूमिका को भी मजबूती दे सकता है।

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