मजबूत होता अल नीनो वर्ष 2027 में वैश्विक आर्थिक उत्पादन को लगभग 451 अरब डॉलर तक कम कर सकता है। यह अनुमान एलियांज रिसर्च की 2026 क्लाइमेट इकोनॉमिक्स रिपोर्ट Allianz Research की 2026 Climate Economics Report में दिया गया है। यह आकलन एक मजबूत El Niño घटना के दौरान तापमान में होने वाले बदलावों के आर्थिक प्रभावों के आधार पर किया गया है।
एलियांज रिसर्च की 2026 क्लाइमेट इकोनॉमिक्स रिपोर्ट Allianz Research 2026 Climate Economics Report ने इस अध्ययन में 144 अर्थव्यवस्थाओं का विश्लेषण किया है। रिपोर्ट के अनुसार, चीन, अमेरिका और भारत मिलकर अनुमानित वैश्विक आर्थिक उत्पादन में होने वाली कमी का लगभग 60% हिस्सा वहन कर सकते हैं।
एलियांज का अनुमान है कि अध्ययन में शामिल अर्थव्यवस्थाओं के संयुक्त अनुमानित GDP के मुकाबले संभावित नुकसान लगभग 0.24% हो सकता है। हालांकि, यह आंकड़ा किसी निश्चित भविष्यवाणी के बजाय एक परिदृश्य-आधारित आर्थिक आकलन है। इसका अर्थ है कि वास्तविक नुकसान इससे अलग हो सकता है।
एलियांज के अनुमान के अनुसार, अल नीनो El Niño के कारण 2027 में चीन को सबसे अधिक कुल आर्थिक उत्पादन का नुकसान हो सकता है। चीन के लिए लगभग 147 अरब डॉलर की कमी का अनुमान लगाया गया है।
इसके बाद अमेरिका में करीब 91 अरब डॉलर और भारत में लगभग 50 अरब डॉलर के आर्थिक उत्पादन में कमी का अनुमान है।
इन तीनों देशों को होने वाला संभावित नुकसान मिलाकर एलियांज के अनुमानित कुल नुकसान का लगभग 60% बैठता है।
हालांकि, केवल डॉलर में नुकसान की तुलना करने से किसी देश पर पड़ने वाले प्रभाव की पूरी तस्वीर सामने नहीं आती। बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में नुकसान की रकम अधिक हो सकती है, जबकि छोटी अर्थव्यवस्थाओं में कम डॉलर नुकसान के बावजूद उनके कुल GDP के मुकाबले प्रभाव कहीं अधिक हो सकता है।
अल नीनो एक जलवायु स्थिति है, जिसमें मध्य और पूर्वी उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर के समुद्री सतह का तापमान सामान्य से अधिक गर्म हो जाता है।
हालांकि इसकी शुरुआत प्रशांत महासागर क्षेत्र में होती है, लेकिन इसका प्रभाव काफी दूर तक दिखाई दे सकता है। समुद्र के तापमान में बदलाव से वायुमंडलीय गतिविधियों पर असर पड़ सकता है और इसके कारण अलग-अलग क्षेत्रों में तापमान तथा बारिश के पैटर्न बदल सकते हैं।
इन बदलावों का असर कृषि, ऊर्जा की मांग, श्रमिकों की उत्पादकता और कई अन्य आर्थिक गतिविधियों पर पड़ सकता है। इसलिए मजबूत El Niño केवल मौसम से जुड़ी घटना नहीं है, बल्कि इसके आर्थिक प्रभाव भी कई क्षेत्रों में देखने को मिल सकते हैं।
अमेरिका की National Oceanic and Atmospheric Administration यानी NOAA के मौजूदा पूर्वानुमानों के अनुसार El Niño मजबूत हो रहा है और उत्तरी गोलार्ध में 2026 की शरद और सर्दियों के दौरान इसके बहुत मजबूत होने की संभावना 90% से अधिक है।
Allianz द्वारा अनुमानित 451 अरब डॉलर का नुकसान El Niño से होने वाले संभावित कुल आर्थिक नुकसान को नहीं दर्शाता।
इस गणना में मुख्य रूप से तापमान में बदलाव के कारण आर्थिक उत्पादन पर पड़ने वाले प्रभाव को शामिल किया गया है। इसमें बाढ़, सूखा, जंगलों में आग और अन्य अत्यधिक मौसम संबंधी घटनाओं से होने वाला अतिरिक्त नुकसान शामिल नहीं है।
यह अंतर महत्वपूर्ण है, क्योंकि किसी बड़े जलवायु प्रभाव से होने वाला वास्तविक आर्थिक नुकसान केवल Productivity या उत्पादन में कमी तक सीमित नहीं रहता।
बाढ़ या सूखे से Infrastructure, खेती, Supply Chains और Property को नुकसान हो सकता है। ऐसे अतिरिक्त खर्च Allianz के इस मुख्य अनुमान में शामिल नहीं हैं।
भारत उन बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है, जिन्हें El Niño के इस परिदृश्य में सबसे अधिक कुल आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। Allianz ने 2027 में भारत के आर्थिक उत्पादन में लगभग 50 अरब डॉलर की कमी का अनुमान लगाया है।
भारत पर इसका असर कई आर्थिक गतिविधियों में दिखाई दे सकता है। तापमान और बारिश में बदलाव का सीधा संबंध कृषि परिस्थितियों से है। इसके अलावा इसका प्रभाव श्रमिकों की उत्पादकता और ऊर्जा की मांग पर भी पड़ सकता है।
हालांकि, 50 अरब डॉलर का आंकड़ा यह नहीं बताता कि भारत की कुल अर्थव्यवस्था की तुलना में नुकसान कितना बड़ा होगा। Allianz के अध्ययन में कुछ छोटी अर्थव्यवस्थाओं के लिए उनके GDP के मुकाबले अधिक अनुपात में नुकसान का अनुमान लगाया गया है।
अल नीनो का आर्थिक प्रभाव दुनिया के सभी देशों में एक जैसा नहीं होगा।
Allianz के आकलन के अनुसार, दक्षिण कोरिया और इंडोनेशिया जैसी अर्थव्यवस्थाओं में उनके कुल आर्थिक आकार की तुलना में अपेक्षाकृत बड़ा प्रभाव पड़ सकता है।
रिपोर्ट में दक्षिण कोरिया के लिए संभावित GDP प्रभाव लगभग 0.51% और इंडोनेशिया के लिए करीब 0.41% बताया गया है।
वहीं, यूरोपीय संघ के 27 सदस्य देशों के लिए Allianz ने लगभग 24 अरब डॉलर के संभावित शुद्ध आर्थिक उत्पादन नुकसान का अनुमान लगाया है। यह EU के GDP के लगभग 0.09% के बराबर हो सकता है।
किसी देश पर El Niño का प्रभाव उसकी अर्थव्यवस्था की संरचना, कृषि पर निर्भरता, ऊर्जा की जरूरत, मौसम संबंधी परिस्थितियों और अन्य स्थानीय कारकों पर निर्भर कर सकता है। इसलिए समान जलवायु घटना अलग-अलग देशों में अलग आर्थिक परिणाम पैदा कर सकती है।
El Niño का प्रभाव केवल आर्थिक उत्पादन तक सीमित नहीं रह सकता। इसके कारण वस्तुओं की कीमतों पर भी असर पड़ने की संभावना है।
Allianz के विश्लेषण के अनुसार, El Niño का झटका वैश्विक Headline Inflation को औसतन लगभग 0.42 प्रतिशत अंक बढ़ा सकता है। वहीं, खाद्य महंगाई में लगभग 0.65 प्रतिशत अंक की वृद्धि हो सकती है।
खाद्य कीमतों में बढ़ोतरी का असर आम परिवारों पर अधिक पड़ सकता है, क्योंकि मौसम में बदलाव से कृषि उत्पादन और Commodity Markets प्रभावित हो सकते हैं।
हालांकि, महंगाई पर इसका प्रभाव अलग-अलग क्षेत्रों और वस्तुओं के अनुसार काफी अलग हो सकता है।
El Niño का यह आकलन ऐसे समय आया है जब जलवायु से जुड़ी घटनाओं की आर्थिक लागत को लेकर चिंता बढ़ रही है।
Allianz की 2026 रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में अत्यधिक मौसम संबंधी घटनाओं से वैश्विक अर्थव्यवस्था को लगभग 210 अरब डॉलर का नुकसान हुआ। यह 2024 में दर्ज 307 अरब डॉलर के नुकसान से कम था, लेकिन फिर भी 2000–2019 के औसत से लगभग 20% अधिक रहा।
रिपोर्ट बताती है कि जलवायु जोखिम अब Productivity, Inflation, Consumption, Public Finances और Economic Growth जैसे कई क्षेत्रों को प्रभावित कर सकते हैं।
451 अरब डॉलर के संभावित नुकसान को किसी निश्चित आर्थिक परिणाम के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
Allianz ने El Niño के इस अनुमान को एक Sensitivity Analysis बताया है। यह आकलन 2023–24 के मजबूत El Niño के दौरान तापमान में बदलाव के प्रति अलग-अलग अर्थव्यवस्थाओं की प्रतिक्रिया के आधार पर तैयार किया गया है।
इस गणना में अत्यधिक मौसम संबंधी घटनाओं से होने वाले कई अतिरिक्त नुकसान शामिल नहीं हैं। इसलिए यह आंकड़ा संभावित आर्थिक जोखिम और Exposure का संकेत देता है, न कि भविष्य में होने वाले वास्तविक नुकसान की सटीक राशि।
NOAA के नवीनतम आकलनों के अनुसार El Niño मजबूत हो रहा है और 2026 के अंत तक इसके बने रहने की संभावना है। इसके 2027 की शुरुआत तक जारी रहने की भी संभावना पर नजर रखी जा रही है।
हालांकि, NOAA यह भी स्पष्ट करता है कि El Niño के बहुत मजबूत होने का अर्थ यह नहीं है कि दुनिया के हर क्षेत्र में इसका प्रभाव एक जैसा होगा।
इसलिए आने वाले महीनों में प्रशांत महासागर के तापमान, बारिश के पैटर्न, कृषि उत्पादन, खाद्य कीमतों और Commodity Markets में होने वाले बदलाव महत्वपूर्ण रहेंगे। यही संकेत यह समझने में मदद करेंगे कि El Niño का आर्थिक प्रभाव अलग-अलग देशों और क्षेत्रों में किस तरह विकसित होता है।