भारतीय अंतरिक्ष संवर्धन एवं प्राधिकरण केंद्र (IN-SPACe) ने भारत के निजी स्पेस इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए Astrobase Space Technologies, SatSure Analytics India और TM2SPACE Technologies को अपने Technology Adoption Fund (TAF) के तहत फंडिंग के लिए चुना है। यह ₹500 करोड़ योजना के तहत पहला फंडिंग राउंड है, जिसे फरवरी में लॉन्च किया गया था।
IN-SPACe ने तीन स्टार्टअप्स को TAF योजना के पहले लाभार्थियों के रूप में चुना है।
मुख्य बातें:
इस चयन प्रक्रिया में ISRO, DPIIT, DST, उद्योग, शिक्षा जगत और IN-SPACe के विशेषज्ञ शामिल थे।
TAF योजना का उद्देश्य भारत के स्पेस सेक्टर में रिसर्च और कमर्शियल उपयोग के बीच की दूरी को कम करना है।
मुख्य उद्देश्य:
Astrobase Space Technologies (बेंगलुरु)
यह स्टार्टअप रॉकेट इंजन तकनीक विकसित करेगा।
प्रोजेक्ट:
यह तकनीक भारत के पुन: उपयोग योग्य रॉकेट सिस्टम को मजबूत करेगी।
SatSure Analytics India
यह कंपनी AI आधारित अर्थ ऑब्जर्वेशन सिस्टम विकसित करेगी।
प्रोजेक्ट:
यह सिस्टम डेटा को उपयोगी इनसाइट्स में बदलने में मदद करेगा।
TM2SPACE Technologies (हैदराबाद)
यह स्टार्टअप सैटेलाइट की सटीकता बढ़ाने वाली तकनीक बनाएगा।
प्रोजेक्ट:
IN-SPACe के चेयरमैन पवन गोयनका ने कहा कि यह कदम भारतीय निजी कंपनियों को वैश्विक स्पेस लीडर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
इस पहल का उद्देश्य:
स्टार्टअप्स का चयन कई विशेषज्ञ संस्थाओं द्वारा किया गया:
भारत का स्पेस सेक्टर तेजी से विकसित हो रहा है:
इसके अलावा SIDBI द्वारा ₹1,000 करोड़ का वेंचर कैपिटल फंड भी स्पेस स्टार्टअप्स के लिए शुरू किया जा रहा है।
हालांकि अवसर बड़े हैं, लेकिन कुछ चुनौतियां भी हैं:
आने वाले समय में इन बिंदुओं पर नजर रहेगी:
निष्कर्ष:
IN-SPACe द्वारा TAF योजना के तहत पहला फंडिंग राउंड भारत के स्पेस सेक्टर के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। Astrobase, SatSure और TM2SPACE जैसे स्टार्टअप्स को समर्थन देकर भारत निजी अंतरिक्ष उद्योग को वैश्विक स्तर पर मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।