आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में एक और बड़ा धमाका हुआ है, गूगल ने एंथ्रोपिक में 40 अरब डॉलर (लगभग 37,70,02,00,00,000 रुपये) तक निवेश करने की घोषणा की है, शुरुआती चरण में कंपनी 10 अरब डॉलर का निवेश करेगी, जबकि तय लक्ष्यों को हासिल करने पर 30 अरब डॉलर और लगाए जा सकते हैं, यह डील एआई सेक्टर की सबसे बड़ी साझेदारियों में से एक मानी जा रही है, एंथ्रोपिक अपने Claude Code और अन्य एआई टूल्स की वजह से तेजी से लोकप्रिय हो रही है, गूगल और एंथ्रोपिक पहले से पार्टनर हैं, लेकिन दोनों एआई रेस में प्रतिद्वंदी भी हैं, इस निवेश से एआई इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धा और भी तेज होने वाली है।
गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट फिलहाल एंथ्रोपिक में 10 अरब डॉलर नकद निवेश करेगी, इस निवेश के बाद एंथ्रोपिक का वैल्यूएशन 350 अरब डॉलर पर बना रहेगा, कंपनी ने बताया कि अगर वह तय परफॉर्मेंस लक्ष्य हासिल कर लेती है, तो गूगल अगले चरण में 30 अरब डॉलर और निवेश करेगा, यह राशि एंथ्रोपिक की कंप्यूटिंग क्षमता बढ़ाने और नए एआई मॉडल विकसित करने में इस्तेमाल होगी, इससे कंपनी को ओपनएआई और अन्य प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले अपनी स्थिति और मजबूत करने का मौका मिलेगा।
Anthropic ने हाल के महीनों में जबरदस्त फंडिंग जुटाई है, इसकी सबसे बड़ी वजह Claude Code है, जो सॉफ्टवेयर डेवलपर्स के बीच तेजी से लोकप्रिय हुआ है, यह एआई एजेंट कोडिंग प्रक्रिया को काफी आसान और तेज बनाता है, हाल ही में अमेजन ने भी एंथ्रोपिक में 5 अरब डॉलर का निवेश किया है, और भविष्य में 20 अरब डॉलर तक और लगाने का विकल्प रखा है, फरवरी में कंपनी ने 30 अरब डॉलर जुटाए थे, कई निवेशक अब एंथ्रोपिक का वैल्यूएशन 800 अरब डॉलर से ऊपर मान रहे हैं।
एंथ्रोपिक गूगल के क्लाउड और टीपीयू चिप का बड़ा ग्राहक है, नई डील के तहत गूगल क्लाउड अगले पांच वर्षों में एंथ्रोपिक को 5 गीगावाट कंप्यूटिंग क्षमता उपलब्ध कराएगा, जरूरत पड़ने पर यह क्षमता और भी बढ़ाई जा सकती है, गूगल के टेंसर प्रोसेसिंग यूनिट्स, एनवीडिया के चिप्स का मजबूत विकल्प माने जाते हैं, एआई मॉडल ट्रेनिंग के लिए भारी कंप्यूटिंग पावर की जरूरत होती है, और यही वजह है, कि एंथ्रोपिक के लिए यह साझेदारी बेहद महत्वपूर्ण है, इससे कंपनी अपने एआई टूल्स को और तेजी से विकसित कर सकेगी।
गूगल और एंथ्रोपिक का रिश्ता काफी दिलचस्प है, एक तरफ गूगल कंपनी में भारी निवेश कर रहा है, वहीं दूसरी ओर दोनों मानव जैसी क्षमताओं वाले एआई विकसित करने की दौड़ में शामिल हैं, एंथ्रोपिक की स्थापना 2021 में डारियो अमोडेई ने की थी, जो पहले गूगल में एआई रिसर्चर रह चुके हैं, Claude Code ने सिलिकॉन वैली में धूम मचा दी है, और गूगल के कई इंजीनियर भी इसका इस्तेमाल कर रहे हैं, हालांकि एंथ्रोपिक को अमेरिकी रक्षा विभाग से जुड़े कुछ विवादों और सप्लाई चेन जोखिमों का भी सामना करना पड़ रहा है, इसके बावजूद कंपनी जल्द आईपीओ लाने की तैयारी कर रही है।
कंपनी की तकनीक कितनी सफल है, इसका अंदाजा आप इसकी कमाई (Revenue) के आंकड़ों से लगा सकते हैं। एंथ्रोपिक ने बहुत ही कम समय में ग्रोथ की नई मिसाल कायम की है:
2025 का अंत: साल 2025 के खत्म होने तक कंपनी का सालाना रेवेन्यू रन-रेट करीब 9 अरब डॉलर था।
2026 की ताजा स्थिति: महज कुछ ही महीनों के भीतर यह आंकड़ा करीब तीन गुना छलांग लगाकर 30 अरब डॉलर के पार पहुंच गया है।
मुनाफे और मांग में आई इसी भारी तेजी ने ही Google और अमेजन जैसे दिग्गजों को एंथ्रोपिक पर इतना बड़ा दांव लगाने के लिए मजबूर कर दिया है।