गूगल ने भारतीय यूजर्स के लिए गूगल फोटो ऐप में खास फीचर जारी कर दिया है, इस फीचर की मदद से अब यूजर्स बोलकर या लिखकर फोटो को एडिट कर सकेंगे, गूगल ने AI-पावर्ड फोटो एडिटिंग फीचर्स रोलआउट करना शुरू कर दिया है, जिससे फोटो एडिट करना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है, अब यूजर्स को स्लाइडर या जटिल टूल्स में उलझने की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि फोटो में बदलाव सिर्फ टेक्स्ट या आवाज के जरिए किया जा सकेगा, यह फीचर Gemini AI पर आधारित है, और खास तौर पर भारतीय यूजर्स को ध्यान में रखकर पेश किया गया है।
Google के मुताबिक ये नए फीचर्स Gemini AI पर आधारित हैं, और फिलहाल भारत में Android यूज़र्स के लिए उपलब्ध कराए जा रहे हैं, इनका इस्तेमाल वही लोग कर पाएंगे जिनके फोन में कम से कम 4GB RAM हो और Android 8.0 या उससे नया वर्जन चल रहा हो, ये टूल्स पिछले साल कुछ चुनिंदा देशों में टेस्ट किए गए थे, अब इन्हें भारत में भी लॉन्च कर दिया गया है।
गूगल के मुताबिक अब यूजर Google Photos से कह सकते हैं, कि बैकग्राउंड ब्लर कर दो, विंडो की रिफ्लेक्शन हटा दो या फोटो की लाइटिंग बेहतर कर दो, एक ही कमांड में कई बदलाव भी किए जा सकते हैं, जैसे फोटो को सीधा करना, शैडो ठीक करना और रंगों को निखारना, इसका मकसद फोटो एडिटिंग को उन लोगों के लिए भी आसान बनाना है, जिन्हें प्रोफेशनल टूल्स की समझ नहीं होती।
नए फीचर की खास बात यह है, कि यह सिर्फ बैकग्राउंड तक सीमित नहीं है, यूज़र फोटो में मौजूद लोगों को लेकर भी बदलाव मांग सकते हैं, जैसे किसी दोस्त का चश्मा हटाना, आंखें खोलना या मुस्कान जोड़ना, गूगल का कहना है, कि यह फीचर यूजर के प्राइवेट फेस ग्रुप्स की मदद से ज्यादा सटीक रिजल्ट देता है, खासकर ग्रुप फोटो में जहां छोटी डिटेल्स अक्सर छूट जाती हैं।
गूगल फोटो में Nano Banana नाम का फीचर भी जोड़ा गया है, जिससे फोटो को नए अंदाज में बदला जा सकता है, यूजर किसी कमरे में फर्नीचर जोड़ने, फोटो का फ्रेम बढ़ाने, पुरानी तस्वीरों को रीस्टोर करने या लोगों और पालतू जानवरों को नए सीन में रखने जैसे बदलाव कर सकते हैं, यह फीचर उन लोगों के लिए खास है, जो फोटो को सिर्फ सुधारना नहीं बल्कि नया रूप देना चाहते हैं।
गूगल ने साफ किया है, कि ये नए AI एडिटिंग फीचर्स हिंदी, तमिल, तेलुगु, मराठी, बंगाली और गुजराती समेत कई भारतीय भाषाओं में काम करेंगे, इसके अलावा Google Photos में अब C2PA कंटेंट क्रेडेंशियल्स भी जोड़े जा रहे हैं, जिससे यह पता चल सकेगा कि किसी फोटो में AI से क्या बदलाव किए गए हैं, इससे एडिट की गई तस्वीरों को लेकर पारदर्शिता बढ़ेगी और यूजर्स को ज्यादा भरोसा मिलेगा।