Google ने जेमिनी 3.0 की सफलता के बाद अब Gemini 3.1 Pro लॉन्च किया है। यह नया वर्ज़न पहले से ज्यादा समझदार है, और खासकर रिसनिंग (सोचने-समझने की क्षमता) में बेहतर काम करता है। यह अपडेट जेमिनी 3 डीप थिंक मॉडल के लॉन्च के सिर्फ एक हफ्ते बाद आया है, जो खासतौर पर इंजीनियरिंग जैसे कठिन कामों के लिए बनाया गया है।
जेमिनी 3.1 प्रो को इसलिए लॉन्च किया गया है, ताकि यह Anthropic के क्लाउड मॉडल और OpenAI के चैटजीपीटी जैसे नए AI मॉडल्स को टक्कर दे सके। आसान भाषा में कहें तो, गूगल ने अपना AI और ज्यादा ताकतवर बना दिया है, ताकि वह बाकी बड़ी कंपनियों से मुकाबला कर सके।
Google का कहना है, कि जेमिनी 3.1 प्रो पहले से ज्यादा समझदार हो गया है। इसकी सोचने और नए तरीके से प्रॉब्लम हल करने की ताकत काफी बढ़ गई है। इसने ARC-AGI-2 नाम के एक तफ टेस्ट में 77.1% स्कोर हासिल किया। यह टेस्ट यह जांचता है, कि AI नई तरह की पहेलियाँ और तर्क वाले सवाल कितनी अच्छी तरह हल कर सकता है। इसका मतलब है, कि इसकी तर्क क्षमता पुराने मॉडल जेमिनी 3 प्रो से लगभग दोगुनी हो गई है।
अब यह मॉडल सिर्फ सवालों के जवाब ही नहीं देता, बल्कि सिर्फ टेक्स्ट लिखकर आप उससे पूरी एनिमेटेड वेबसाइट डिज़ाइन करवा सकते हैं।
लाइव डेटा का इस्तेमाल करके एयरोस्पेस डैशबोर्ड बना सकता है। 3D इंटरैक्टिव इंटरफेस (घूमने-फिरने वाला डिजिटल डिज़ाइन) भी कोड कर सकता है। सरल शब्दों में यह मॉडल अलग-अलग सिस्टम और एपीआई को जोड़कर एक पूरा काम खुद से संभाल सकता है। यानी जटिल बैकएंड सिस्टम को आसान और सुंदर फ्रंट-एंड डिज़ाइन से जोड़ सकता है।
Google ने बताया कि वह अपना नया मॉडल Gemini 3.1 सभी यूज़र्स के लिए लॉन्च कर रहा है। आप इसे इस तरह इस्तेमाल कर सकते हैं:
सामान्य यूज़र्स इसे Gemini ऐप में इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर आपके पास Google AI Pro या Ultra प्लान है, तो आपको ज्यादा फीचर्स और ज्यादा इस्तेमाल की सुविधा मिलेगी। आप इसे NotebookLM में भी इस्तेमाल कर सकते हैं (यह Pro और Ultra यूज़र्स के लिए है)।
कंपनियां इसे Vertex AI** और Gemini Enterprise के जरिए इस्तेमाल कर सकती हैं। इससे वे अपने काम को ऑटोमेट और बेहतर बना सकते हैं। डेवलपर्स नए मॉडल को इन प्लेटफॉर्म के जरिए जोड़ सकते हैं, जैसे- Google AI Studio, Gemini API , Gemini CLI , Android Studio और Google का Agentic प्लेटफॉर्म Antigravity।