Google ने अपने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) प्लेटफॉर्म Gemini में एक बड़ा बदलाव करते हुए नया एजेंटिक AI फीचर पेश किया है। इस सुविधा के जरिए यूजर्स केवल AI से सवाल पूछने या जानकारी हासिल करने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि उसे कुछ खास लक्ष्य देकर काम पूरा करने की जिम्मेदारी भी सौंप सकेंगे।
कंपनी ने Google Cloud के एक कार्यक्रम में इस नई क्षमता की जानकारी दी। यह बदलाव पारंपरिक बातचीत करने वाले AI टूल्स से आगे बढ़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अब AI का उद्देश्य केवल सवालों के जवाब देना नहीं, बल्कि यूजर्स के निर्देशों को समझना, काम की योजना बनाना और तय लक्ष्य हासिल करने के लिए जरूरी कदम उठाना भी होगा।
Google की योजना इस सुविधा को पहले कारोबारों के लिए उपलब्ध कराने की है, ताकि सुरक्षा, बड़े स्तर पर संचालन और बेहतर प्रदर्शन से जुड़ी चुनौतियों को संभाला जा सके।
Google Gemini के नए एजेंटिक फीचर की मदद से यूजर्स AI को अलग-अलग तरह के काम सौंप सकेंगे। इनमें कोड तैयार करना, मीटिंग तय करना और यात्रा की व्यवस्था करना जैसे काम शामिल हैं। इस सुविधा की खास बात यह है कि AI केवल किसी सवाल का जवाब देने के बजाय काम पूरा करने के लिए जरूरी प्रक्रियाओं को समझने और उन्हें व्यवस्थित करने में मदद करेगा।
पारंपरिक AI चैटबॉट आमतौर पर यूजर्स के सवालों का जवाब देते हैं, जानकारी उपलब्ध कराते हैं या किसी विषय पर सुझाव देते हैं। इसके विपरीत, एजेंटिक AI को एक निश्चित उद्देश्य दिया जा सकता है। इसके बाद यह उस उद्देश्य को पूरा करने के लिए जरूरी चरणों की योजना बनाने और उपलब्ध टूल्स का इस्तेमाल करने में सक्षम होता है।
यह तकनीक उन लोगों और कंपनियों के लिए उपयोगी हो सकती है, जिन्हें रोजाना कई काम संभालने पड़ते हैं। उदाहरण के लिए, किसी मीटिंग का समय तय करने के लिए उपलब्ध कैलेंडर देखना, संबंधित लोगों की उपलब्धता समझना और उपयुक्त समय चुनना जरूरी होता है। ऐसे कामों में एजेंटिक AI की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई Google CEO Sundar Pichai ने कार्यक्रम में बताया कि Gemini के मासिक सक्रिय यूजर्स की संख्या एक अरब से अधिक हो चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि Fortune 100 सूची में शामिल लगभग 90% कंपनियां अपने कामकाज के लिए Gemini Enterprise का इस्तेमाल करती हैं।
ये आंकड़े कारोबारों और आम यूजर्स के बीच Google के AI प्लेटफॉर्म की पहुंच को दर्शाते हैं। कंपनियां AI का इस्तेमाल कामकाज को आसान बनाने, जानकारी का विश्लेषण करने और कर्मचारियों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए कर रही हैं।
एजेंटिक फीचर के जुड़ने से Google अपने AI प्लेटफॉर्म को केवल बातचीत और जानकारी देने वाले माध्यम से आगे बढ़ाकर काम पूरा करने में सहायता देने वाले सिस्टम के रूप में विकसित करना चाहता है।
Google फिलहाल Gemini के एजेंटिक फीचर को सबसे पहले कारोबारों के लिए उपलब्ध कराने की योजना बना रहा है। इसके पीछे एक प्रमुख कारण इस तकनीक को बड़े स्तर पर सुरक्षित और प्रभावी तरीके से इस्तेमाल करने की जरूरत है।
जब AI को केवल जानकारी देने के बजाय काम करने की जिम्मेदारी दी जाती है, तो उसके सामने कई नई चुनौतियां आती हैं। उसे सही जानकारी तक पहुंचना, संबंधित सिस्टम का इस्तेमाल करना और निर्धारित उद्देश्य के अनुसार काम करना होता है। इसके साथ ही यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि AI किसी संवेदनशील जानकारी का गलत इस्तेमाल न करे और कंपनी की सुरक्षा संबंधी शर्तों का पालन करे।
Google का मानना है कि शुरुआत में कारोबारी माहौल में इस तकनीक को लागू करने से सुरक्षा, बड़े स्तर पर संचालन और प्रदर्शन से जुड़ी चुनौतियों को बेहतर तरीके से समझा जा सकता है।
Google Cloud के CEO थॉमस कुरियन ने नए फीचर की क्षमता समझाते हुए कहा कि इस एजेंट को केवल निर्देश ही नहीं, बल्कि उद्देश्य भी दिए जा सकते हैं।
इसका अर्थ है कि यूजर किसी काम का अंतिम लक्ष्य बता सकता है और AI उस लक्ष्य को हासिल करने के लिए जरूरी चरणों की योजना बनाने में मदद कर सकता है। इसके लिए यह अपने उपलब्ध कौशल और टूल्स का इस्तेमाल कर सकता है।
उदाहरण के लिए, यदि किसी कर्मचारी को मीटिंग आयोजित करनी है, तो AI को संबंधित लोगों की उपलब्धता देखने, कैलेंडर की जानकारी समझने और उपयुक्त समय तय करने जैसे कामों में लगाया जा सकता है। हालांकि, वास्तविक कार्यक्षमता इस बात पर निर्भर करेगी कि संबंधित सिस्टम से कौन-सी सुविधाएं जुड़ी हैं और उन्हें इस्तेमाल करने की कितनी अनुमति दी गई है।
Gemini के नए एजेंटिक फीचर की एक प्रमुख विशेषता कंपनी के आंतरिक सिस्टम से जुड़ने की क्षमता है। यह Model Context Protocol (MCP) सर्वर के साथ काम कर सकता है, चाहे वह कंपनी के नेटवर्क के भीतर हो या उसके बाहर।
MCP एक ऐसा प्रोटोकॉल है, जो AI सिस्टम को बाहरी टूल्स, सेवाओं और जानकारी के स्रोतों से जोड़ने में मदद करता है। इसके माध्यम से AI को अलग-अलग सिस्टम के साथ काम करने का एक व्यवस्थित तरीका मिल सकता है।
कारोबारों में इसका इस्तेमाल कई तरह की प्रक्रियाओं को आपस में जोड़ने के लिए किया जा सकता है। उदाहरण के तौर पर, किसी कंपनी में कर्मचारियों के कैलेंडर, काम से जुड़े टूल्स और अन्य स्वीकृत आंतरिक सेवाओं के बीच तालमेल की जरूरत होती है। ऐसे सिस्टम से जुड़कर AI काम पूरा करने के लिए जरूरी जानकारी प्राप्त कर सकता है।
हालांकि, इन सुविधाओं का वास्तविक उपयोग कंपनी की तकनीकी व्यवस्था, उपलब्ध कनेक्शन और सुरक्षा संबंधी अनुमतियों पर निर्भर करेगा।
Google के अनुसार, इस एजेंट के पास अपना Workspace अकाउंट भी होगा, जो किसी सहकर्मी के अकाउंट की तरह काम करेगा। इससे उसे संगठन में काम करने वाले लोगों, उनकी टीमों, समय क्षेत्रों, कैलेंडर और स्वीकृति प्रक्रियाओं से जुड़ी जानकारी समझने में मदद मिल सकती है।
उदाहरण के लिए, अलग-अलग समय क्षेत्रों में काम करने वाली टीमों के लिए मीटिंग तय करना मुश्किल हो सकता है। यदि एजेंट को संबंधित कैलेंडर और जरूरी जानकारी तक अधिकृत पहुंच मिलती है, तो वह उपलब्ध समय का आकलन करके काम को व्यवस्थित करने में मदद कर सकता है।
इसी तरह, किसी कार्य को पूरा करने से पहले यदि किसी प्रबंधक की मंजूरी जरूरी है, तो एजेंट उस प्रक्रिया को समझने में सहायता कर सकता है। इससे कर्मचारियों को बार-बार अलग-अलग टूल्स खोलने और जानकारी खोजने की जरूरत कम हो सकती है।
Google के अनुसार, Gemini का एजेंटिक फीचर कई प्लेटफॉर्म पर इस्तेमाल किया जा सकेगा। इनमें iOS और Android वाले मोबाइल फोन, Windows और Mac वाले कंप्यूटर तथा कमांड लाइन इंटरफेस शामिल हैं।
इसके अलावा, यह Google Workspace, Microsoft 365, ServiceNow और Slack जैसे प्लेटफॉर्म के साथ भी काम कर सकेगा। अलग-अलग प्लेटफॉर्म से जुड़ने की क्षमता इसे कारोबारों के लिए सहयोगी टूल बना सकती है।
किसी कंपनी में कर्मचारी ईमेल, कैलेंडर, संदेशों और कार्य प्रबंधन के लिए अलग-अलग सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं। यदि AI इन सिस्टम के साथ सुरक्षित रूप से जुड़ता है, तो वह कई चरणों वाले कामों को व्यवस्थित करने में सहायता दे सकता है।
हालांकि, सभी प्लेटफॉर्म पर सुविधाओं की उपलब्धता और उनके काम करने का तरीका संबंधित एकीकरण, कंपनी की नीतियों और यूजर की अनुमतियों पर निर्भर कर सकता है।
इस फीचर के शुरुआती परीक्षण में स्पोर्ट्सवियर ब्रांड On, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Shopify और डिजिटल भुगतान कंपनी PayPal शामिल थीं।
इन कंपनियों की भागीदारी से यह समझने में मदद मिल सकती है कि अलग-अलग कारोबारी क्षेत्रों में एजेंटिक AI का इस्तेमाल किस तरह किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, ई-कॉमर्स में कई प्रक्रियाओं के बीच तालमेल, भुगतान सेवाओं में कामकाज को व्यवस्थित करना और बड़ी कंपनियों में कर्मचारियों की उत्पादकता बढ़ाना ऐसे क्षेत्र हैं, जहां AI आधारित एजेंट उपयोगी साबित हो सकते हैं।
फिलहाल, इन कंपनियों के शुरुआती परीक्षण में शामिल होने का अर्थ यह नहीं है कि हर संभावित सुविधा सभी यूजर्स के लिए पहले से उपलब्ध है। इसकी उपलब्धता Google की शुरुआत की योजना और संबंधित सेवाओं के एकीकरण पर निर्भर करेगी।
एजेंटिक AI का विकास ऐसे समय में हो रहा है, जब कई तकनीकी कंपनियां AI को अधिक उपयोगी और कार्य-केंद्रित बनाने की कोशिश कर रही हैं। समाचार रिपोर्ट के अनुसार, Meta के Muse और Instinct जैसे टूल्स के साथ-साथ ChatGPT के Dots का हालिया लॉन्च भी इस क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियों को दर्शाता है।
इस बदलते माहौल में कंपनियां ऐसे AI सिस्टम विकसित कर रही हैं, जो केवल जानकारी देने के बजाय यूजर्स के कामकाज में सक्रिय भूमिका निभा सकें। इससे भविष्य में डिजिटल सेवाओं, कार्यालयों और कारोबारी प्रक्रियाओं में AI के इस्तेमाल का तरीका बदल सकता है।
Google का नया एजेंटिक फीचर इसी दिशा में एक कदम है। कंपनी की प्राथमिकता फिलहाल कारोबारों को ऐसी सुविधा उपलब्ध कराने पर है, जो निर्धारित उद्देश्यों को पूरा करने के लिए विभिन्न टूल्स और सिस्टम के साथ काम कर सके।
एजेंटिक AI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ सुरक्षा और नियंत्रण से जुड़े सवाल भी महत्वपूर्ण हो जाते हैं। जब कोई AI कंपनी के आंतरिक सिस्टम, कैलेंडर या अन्य जानकारी तक पहुंच सकता है, तो यह सुनिश्चित करना जरूरी होता है कि उसे केवल आवश्यक और अधिकृत जानकारी ही मिले।
इसी तरह, संवेदनशील कामों के लिए अनुमति, मानवीय निगरानी और स्पष्ट जवाबदेही की व्यवस्था महत्वपूर्ण रहेगी। कारोबारों को यह भी समझना होगा कि AI किन कामों को अपने स्तर पर कर सकता है और किन मामलों में कर्मचारी की मंजूरी जरूरी होगी।
कुल मिलाकर, Google Gemini का नया एजेंटिक फीचर AI को सवालों के जवाब देने वाले टूल से आगे बढ़ाकर कार्यों की योजना बनाने और उन्हें पूरा करने में सहायता देने वाले सिस्टम की दिशा में ले जाता है। कारोबारों के लिए इसकी उपयोगिता इस बात पर निर्भर करेगी कि यह सुरक्षा, सटीकता और नियंत्रण बनाए रखते हुए वास्तविक कामों को कितनी प्रभावी ढंग से संभाल पाता है।