इंटरनेशनल मार्केट में डॉलर के गिरने और कच्चे तेल की कीमतों में कमी आने से भारत की राजधानी दिल्ली में सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली, जहां सोने की कीमतों में 2300 रुपए का इजाफा देखने को मिला, वहीं दूसरी ओर चांदी के दाम में 5 हजार रुपए का उछाल देखने को मिला, ईरान और अमेरिका के बीच कभी भी एक समझौता हो सकता है, जिसकी वजह से सीजफायर का ऐलान होने की संभावनाएं बढ़ गई हैं, जिसके बाद होर्मुज स्ट्रेट ओपन हो जाएगा, जानकारों की मानें तो आने वाले दिनों मेंं सोने और चांदी की कीमतों में उतार चढ़ाव देखने को मिल सकता है, आइए आपको भी बताते हैं, कि आखिर देश की राजधानी दिल्ली में सोने और चांदी के दाम कितने हो सकते हैं।
सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में चांदी की कीमतों में 5,000 रुपए की उछाल आई और यह 2.42 लाख रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई, जबकि कच्चे तेल की दरों में नरमी और अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने के कारण सोने की कीमत बढ़कर 1.53 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई, ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार इस सफेद धातु की कीमत में 5,000 रुपए, या 2.11 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, और यह शुक्रवार के बंद भाव 2,37,000 रुपए प्रति किलोग्राम से बढ़कर 2,42,000 रुपए प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) हो गई, 99.9 फीसदी प्योरिटी वाले सोने की कीमत में भी 2,300 रुपए, या 1.52 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, और यह 1,53,800 रुपए प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) पर पहुंच गया, पिछले सत्र में यह 1,51,500 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, विश्लेषकों ने कहा कि कीमती धातुओं की कीमतों में हालिया गिरावट के बाद ‘वैल्यू बाइंग’ (कीमत कम होने पर खरीदारी) के चलते सर्राफा कीमतों में सुधार आया।
HDFC सिक्योरिटीज में कमोडिटीज के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि सोमवार को सोने की कीमतों में सुधार आया, क्योंकि व्यापारियों ने कम कीमत पर खरीदारी (बार्गेन बाइंग) की, इसे अमेरिकी डॉलर में आई नरमी और तेल की कीमतों में हुई कमी से भी समर्थन मिला, उन्होंने कहा कि कीमती धातुओं की कीमतें पश्चिम एशिया में होने वाले भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के प्रति संवेदनशील बनी रहने की उम्मीद है, जो घरेलू बाजारों में बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेंगी।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी की कीमत 0.5 प्रतिशत बढ़कर 73.37 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस हो गई, और सोने की कीमत 0.14 प्रतिशत बढ़कर 4,682.80 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस हो गई, मीराए एसेट शेयरखान में कमोडिटीज के प्रमुख प्रवीण सिंह ने कहा कि हाजिर सोना लगभग 0.2 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,680 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था, ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 7 अप्रैल की समय सीमा से पहले ईरान संघर्ष में संघर्ष-विराम की संभावना के चलते कच्चे तेल की कीमतें नरम पड़ गईं, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के मजबूत मैक्रो-इकोनॉमिक आंकड़ों के कारण सोने की कीमतों में तेजी सीमित रह सकती है, उन्होंने बताया कि रोजगार के उत्साहजनक आंकड़े सर्राफा कीमतों को उतार-चढ़ाव भरा और अस्थिर बनाए रख सकते हैं।
कोटक सिक्योरिटीज की AVP कमोडिटी रिसर्च कायनात चैनवाला Kaynat Chainwala ने कहा कि इस हफ़्ते भू-राजनीति ही मुख्य कारक बनी रहेगी, और उम्मीद है, कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य के आसपास के घटनाक्रम, पहले से तय मैक्रो डेटा रिलीज़ पर भारी पड़ेंगे, उन्होंने कहा कि ट्रेडर FOMC मिनट्स, US कोर पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर और कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स पर बारीकी से नज़र रखेंगे, इनका बाज़ार पर असर सीमित ही रह सकता है, जब तक कि भू-राजनीतिक हालात में कोई ठोस स्थिरता न आ जाए।