गॉडरेज ग्रुप की वित्तीय सेवाओं की इकाई गॉडरेज कैपिटल अपने लेंडिंग बिजनेस को मजबूत करते हुए और वेल्थ मैनेजमेंट सहित नए वित्तीय क्षेत्रों में विस्तार करते हुए संभावित IPO से पहले बड़े विकास लक्ष्य तय कर रही है।
Godrej Capital ने अपने मुख्य लेंडिंग बिजनेस के लिए बड़े विस्तार की योजना बनाई है। कंपनी का लक्ष्य FY27 के अंत तक लगभग ₹38,000 करोड़ का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) हासिल करना है, जो FY26 की तुलना में 30 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्शाता है।
कंपनी ने FY26 को लगभग ₹28,000 करोड़ के AUM के साथ समाप्त किया, जो इसके लेंडिंग पोर्टफोलियो में स्थिर वृद्धि को दर्शाता है। वित्तीय सेवाओं में बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनी को आने वाले वर्षों में मजबूत ग्रोथ की उम्मीद है।
मैनेजमेंट का मानना है, कि तेजी से विस्तार के साथ-साथ पोर्टफोलियो की गुणवत्ता और स्थिरता बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता होगी।
गॉडरेज कैपिटल ने अगले पांच वर्षों में ₹1 लाख करोड़ के AUM का बड़ा लक्ष्य तय किया है। मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO मनीष शाह के अनुसार पब्लिक मार्केट्स में प्रवेश करने से पहले यह स्तर हासिल करना बेहद जरूरी है।
मनीष शाह ने कहा कि बड़े संस्थागत निवेशक आमतौर पर उन कंपनियों को प्राथमिकता देते हैं जिनके पास पर्याप्त पैमाना और विभिन्न आर्थिक परिस्थितियों में स्थिर प्रदर्शन होता है।
कंपनी का मानना है, कि ₹1 लाख करोड़ का AUM हासिल करने से इसकी विश्वसनीयता, निवेश आकर्षण और भविष्य की लिस्टिंग संभावनाएं मजबूत होंगी।
गॉडरेज कैपिटल का तात्कालिक फोकस अपने लेंडिंग बिजनेस को मजबूत करना है, जो इसके वित्तीय ढांचे की रीढ़ है। कंपनी कई लेंडिंग सेगमेंट्स में विस्तार कर रही है, और साथ ही जोखिम प्रबंधन तथा एसेट क्वालिटी पर भी ध्यान दे रही है।
कंपनी का मुख्य ध्यान अफोर्डेबल हाउसिंग फाइनेंस के विस्तार पर है, जो भारत में तेजी से बढ़ता हुआ क्रेडिट सेगमेंट है। इसके अलावा कंपनी अपनी भौगोलिक उपस्थिति को भी बढ़ा रही है ताकि नए और कम सेवा प्राप्त बाजारों तक पहुंच बनाई जा सके।
कंपनी के अनुसार भविष्य की लगभग 90 प्रतिशत ग्रोथ मौजूदा बिजनेस के विस्तार से आएगी।
गॉडरेज कैपिटल ने वेल्थ मैनेजमेंट सेक्टर में प्रवेश करते हुए अपनी नई प्लेटफॉर्म “गॉडरेज वेल्थ” की शुरुआत की है।
यह नया बिजनेस हाई-वैल्यू ग्राहकों पर केंद्रित होगा, जिनके पास ₹2 करोड़ या उससे अधिक निवेश योग्य संपत्ति है। इसमें उद्यमी, बिजनेस फैमिली, हाई नेट वर्थ इंडिविजुअल्स (HNIs) और एनआरआई शामिल होंगे।
शुरुआत में यह सेवा आठ प्रमुख शहरों में शुरू की जाएगी। अगले तीन वर्षों में कंपनी इसे बढ़ाकर लगभग 35 स्थानों तक विस्तारित करने की योजना बना रही है।
दीर्घकालिक लक्ष्य इस सेक्टर में ₹1 लाख करोड़ की संपत्ति का प्रबंधन करना है।
ग्रोथ को सपोर्ट करने के लिए गॉडरेज कैपिटल अपने फिजिकल नेटवर्क को भी तेजी से बढ़ा रही है। कंपनी वर्तमान में 100 से अधिक लोकेशंस पर काम कर रही है, और इसे इस वित्तीय वर्ष में बढ़ाकर 200 से अधिक करने की योजना है।
इसके अलावा कंपनी तीन नए बिजनेस वर्टिकल भी लॉन्च करने जा रही है, जिनमें सप्लाई चेन फाइनेंस और गोल्ड लोन शामिल हैं।
कंपनी का कहना है, कि भविष्य की लगभग 90 प्रतिशत ग्रोथ मौजूदा बिजनेस के विस्तार से आएगी, जबकि 10 प्रतिशत नई लॉन्च की गई सेवाओं से आएगी।
यह रणनीति संतुलित और टिकाऊ विकास पर आधारित है। अफोर्डेबल हाउसिंग फाइनेंस और नए भौगोलिक बाजारों में विस्तार कंपनी की प्रमुख ग्रोथ ड्राइवर्स होंगे।
IPO से पहले कंपनी अपने स्केल, गवर्नेंस और वित्तीय स्थिरता को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है। प्रबंधन का मानना है, कि लगातार प्रदर्शन और मजबूत पोर्टफोलियो निवेशकों को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
₹1 लाख करोड़ AUM का लक्ष्य कंपनी के लिए केवल एक वित्तीय आंकड़ा नहीं बल्कि एक रणनीतिक मील का पत्थर है।
निष्कर्ष:
गॉडरेज कैपिटल लेंडिंग, वेल्थ मैनेजमेंट और नए वित्तीय क्षेत्रों में विस्तार के साथ बड़े विकास चरण में प्रवेश कर रही है। FY27 तक ₹38,000 करोड़ AUM और लंबे समय में ₹1 लाख करोड़ का लक्ष्य इसके IPO विजन को मजबूत करता है।