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भारत में 6 मई 2026 को घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतें लगभग स्थिर रहीं, जबकि कमर्शियल LPG रेट हाल की तेज बढ़ोतरी के बाद ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं। वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता, भू-राजनीतिक तनाव और सप्लाई बाधाओं का असर ईंधन की कीमतों पर देखने को मिल रहा है।
बुधवार को देशभर में घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया। इससे घरेलू उपभोक्ताओं को अस्थायी राहत मिली है।
वहीं दूसरी ओर कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतें पिछले कुछ महीनों में हुई लगातार बढ़ोतरी के कारण अभी भी ऊंचे स्तर पर हैं। इससे होटल और रेस्टोरेंट सेक्टर पर दबाव बढ़ा है।
भारत में LPG कीमतें सरकारी तेल विपणन कंपनियों द्वारा तय की जाती हैं:
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC)
भारत पेट्रोलियम (BPCL)
हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL)
ये कंपनियां निम्न आधार पर कीमतें बदलती हैं:
वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें
करेंसी एक्सचेंज रेट
अंतरराष्ट्रीय मांग और आपूर्ति
शिपिंग रूट में बाधाएं
दुनिया के ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बनी हुई है, खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे महत्वपूर्ण शिपिंग रूट में बाधाओं के कारण।
यह रूट वैश्विक तेल और गैस व्यापार का बड़ा हिस्सा संभालता है, जिससे कीमतों पर दबाव बढ़ा है।
ईरान, अमेरिका और इज़राइल के बीच तनाव बढ़ने के बाद LPG कीमतों में कई बार बदलाव हुआ है:
मार्च: ₹144 की बढ़ोतरी (कमर्शियल LPG)
अप्रैल: ₹203 की बढ़ोतरी
मई: ₹993 की बढ़ोतरी
घरेलू LPG में भी मार्च में ₹60 की बढ़ोतरी की गई थी।
| शहर | घरेलू (14.2 Kg) | कमर्शियल (19 Kg) |
| नई दिल्ली | ₹913.00 | ₹3,071.50 |
| कोलकाता | ₹939.00 | ₹3,202.00 |
| मुंबई | ₹912.50 | ₹3,024.00 |
| चेन्नई | ₹928.50 | ₹3,237.00 |
| गुरुग्राम | ₹921.50 | ₹3,088.00 |
| नोएडा | ₹910.50 | ₹3,071.50 |
| बेंगलुरु | ₹915.50 | ₹3,152.00 |
| भुवनेश्वर | ₹939.00 | ₹3,238.00 |
| चंडीगढ़ | ₹922.50 | ₹3,092.50 |
| हैदराबाद | ₹965.00 | ₹3,315.00 |
| जयपुर | ₹916.50 | ₹3,099.00 |
| लखनऊ | ₹950.50 | ₹3,194.00 |
| पटना | ₹1,002.50 | ₹3,346.50 |
| तिरुवनंतपुरम | ₹922.00 | ₹3,106.00 |
कमर्शियल LPG की बढ़ती कीमतों का सबसे ज्यादा असर होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग उद्योग पर पड़ा है।
केरल होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने 6 मई को 24 घंटे के बंद का ऐलान किया है।
मुख्य बातें:
होटल, रेस्टोरेंट और बेकरी बंद रहेंगे
ऑनलाइन फूड डिलीवरी सेवाएं भी बंद
सरकारी कार्यालयों के सामने प्रदर्शन और धरना
कई व्यापार संगठनों ने इस बंद का समर्थन किया है।
ब्रेंट क्रूड की कीमत गिरकर लगभग $108 प्रति बैरल पर आ गई है।
ईरान से जुड़ी बातचीत में प्रगति के संकेत मिलने के बाद बाजार में सकारात्मक माहौल बना।
Sensex 657 अंक बढ़कर 77,675 पर पहुंचा
Nifty 218 अंक बढ़कर 24,250 पर पहुंचा
रुपया 23 पैसे मजबूत होकर 94.95 प्रति डॉलर पर पहुंच गया।
तेल विपणन कंपनियां लगातार वैश्विक कीमतों, घरेलू मांग और सब्सिडी संतुलन के आधार पर रेट तय करती हैं।
घरेलू LPG स्थिर रहने की संभावना
कमर्शियल LPG में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है
निष्कर्ष:
6 मई 2026 को भारत में LPG कीमतों में घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिली है, लेकिन कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें अभी भी ऊंची बनी हुई हैं। वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों के चलते आने वाले समय में LPG दरें अस्थिर रह सकती हैं।
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भारत में कमर्शियल LPG सिलेंडरों की कीमतों में बड़ा इजाफा हुआ है। वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता और वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव के कारण सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिसका सीधा असर LPG की कीमतों पर पड़ा है।
भारत की सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने कमर्शियल LPG सिलेंडरों की कीमतों में बढ़ोतरी की है। इस बदलाव के बाद 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर और 5 किलो वाले मिनी सिलेंडर दोनों महंगे हो गए हैं।
यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक बाजार में भू-राजनीतिक तनाव के कारण ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
नई कीमतों के बाद देश के बड़े शहरों में कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम इस प्रकार हैं:
इन कीमतों में अंतर का कारण परिवहन लागत और स्थानीय टैक्स हैं, लेकिन कुल मिलाकर पूरे देश में कीमतें बढ़ी हैं।
इस मूल्य वृद्धि का मुख्य कारण वेस्ट एशिया में चल रहा संघर्ष है, जिसने वैश्विक ऊर्जा सप्लाई को प्रभावित किया है।
तनाव बढ़ने के कारण इस क्षेत्र से तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है।
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है, इसलिए वैश्विक कीमतों में बदलाव का सीधा असर देश पर पड़ता है।
Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum जैसी कंपनियां LPG की कीमतों की समीक्षा करती हैं।
इस बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर व्यापारिक क्षेत्रों पर पड़ेगा।
इसका असर अंततः आम लोगों पर भी पड़ सकता है।
कमर्शियल LPG महंगा होने के बावजूद घरेलू LPG की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
यह कीमत मार्च में ₹60 की बढ़ोतरी के बाद तय की गई थी।
हालांकि, अगर वैश्विक कीमतें बढ़ती रहीं, तो आने वाले समय में घरेलू LPG भी महंगा हो सकता है।
LPG के विपरीत, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
यह स्थिरता पिछले साल मार्च में ₹2 प्रति लीटर की कटौती के बाद बनी हुई है।
वर्तमान स्थिति यह दिखाती है कि वैश्विक घटनाएं भारत जैसे देशों पर कितना प्रभाव डालती हैं।
यदि क्षेत्र में शांति स्थापित होती है, तो कीमतें कम भी हो सकती हैं।
कमर्शियल LPG की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी यह दिखाती है कि भारत को अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में कितनी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
जहां घरेलू उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिली है, वहीं व्यापारिक क्षेत्र पर इसका दबाव साफ दिख रहा है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह बढ़ोतरी अस्थायी है या लंबे समय तक बनी रहती है।