भारत में शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026 को महात्मा गांधी की 157वीं जयंती मनाई जा रही है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके सत्य, अहिंसा, सादगी, करुणा, सेवा और स्वदेशी जैसे आदर्शों को याद किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि बापू का संदेश आज भी समाज को बेहतर दिशा देने में महत्वपूर्ण है और उनके विचार विकसित भारत की सामूहिक यात्रा में मार्गदर्शन दे सकते हैं। उन्होंने गांधी के विचारों के वैश्विक प्रभाव का भी उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी Prime Minister Narendra Modi ने गांधी जयंती के अवसर पर महात्मा गांधी के जीवन और विचारों को याद करते हुए कहा कि 2 अक्टूबर का दिन भारत की राष्ट्रीय चेतना में विशेष महत्व रखता है। गांधी के विचारों ने भारत के साथ-साथ दुनिया के कई हिस्सों में लोगों को प्रभावित किया है।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में गांधी के सत्य, अहिंसा, सादगी, करुणा और सेवा के मूल्यों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बापू का जीवन मानवता के लिए सत्य और अहिंसा का मार्ग दिखाने वाला रहा है। उनके अनुसार, गांधी का संदेश आने वाले समय में भी बेहतर समाज के निर्माण के प्रयासों को दिशा दे सकता है।
गांधी का प्रभाव केवल किसी पद या राजनीतिक शक्ति से नहीं बना था। उनका जीवन, आचरण और विचार आम लोगों से जुड़ने का माध्यम बने। प्रधानमंत्री ने इसी पहलू को रेखांकित करते हुए कहा कि गांधी का संदेश मानवता से जुड़ा रहने तक प्रासंगिक बना रहेगा।
गांधी के विचारों में शांतिपूर्ण तरीके से बदलाव लाने, समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशील रहने और सेवा को महत्व देने की बात प्रमुख थी। यही कारण है कि उनकी विचारधारा आज भी सामाजिक जिम्मेदारी, शांति और मानवीय मूल्यों से जुड़ी चर्चाओं में दिखाई देती है।
महात्मा गांधी का सार्वजनिक जीवन सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों से गहराई से जुड़ा रहा। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान शांतिपूर्ण प्रतिरोध और अहिंसक आंदोलनों को महत्वपूर्ण माध्यम बनाया। संयुक्त राष्ट्र भी 2 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाता है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2007 में इस दिवस की स्थापना की थी, जिसका उद्देश्य शिक्षा और जन-जागरूकता के माध्यम से अहिंसा के संदेश को बढ़ावा देना है।
आज भी गांधी की विचारधारा को शांति, संवाद, सहिष्णुता और सामाजिक बदलाव के संदर्भ में याद किया जाता है। संयुक्त राष्ट्र के 2026 के संदेश में भी गांधी की विरासत को शांति और अहिंसा से जोड़ते हुए संवाद और समझ के महत्व पर जोर दिया गया है।
गांधी जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वदेशी और खादी को भी याद किया। उन्होंने लोगों से 2 अक्टूबर को कम से कम एक खादी उत्पाद खरीदने की अपील की। प्रधानमंत्री ने गांधी के स्वदेशी विचार और खादी के बीच संबंध का उल्लेख करते हुए स्थानीय उत्पादों को अपनाने के महत्व पर जोर दिया।
स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान खादी केवल कपड़े तक सीमित नहीं थी। यह स्वदेशी उत्पादन, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ी सोच का भी प्रतीक बनी। गांधी ने स्थानीय स्तर पर उत्पादन और स्थानीय वस्तुओं के इस्तेमाल को महत्व दिया था।
आज खादी को ग्रामीण रोजगार, स्थानीय उत्पादन और स्वावलंबन से जोड़कर भी देखा जाता है। प्रधानमंत्री की गांधी जयंती पर खादी खरीदने की अपील इसी विचार को वर्तमान संदर्भ से जोड़ती है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी महात्मा गांधी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी और प्रदेशवासियों को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने गांधी के सत्य, अहिंसा, शांति, सद्भाव और मानवता से जुड़े विचारों को याद किया।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि गांधी के आदर्श, सादगी और विचार आज भी आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में मार्गदर्शन दे सकते हैं। उन्होंने गांधी के स्वदेशी और अहिंसा से जुड़े विचारों का भी उल्लेख किया।
योगी आदित्यनाथ ने गांधी के जीवन को सत्य और अहिंसा के मार्ग से जोड़ते हुए कहा कि इन मूल्यों को अपनाकर समाज और राष्ट्र में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
हर वर्ष 2 अक्टूबर को भारत में गांधी जयंती के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन वर्ष 1869 में महात्मा गांधी का जन्म हुआ था। भारत में यह दिन उनके स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान और उनके विचारों को याद करने का अवसर होता है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी 2 अक्टूबर का विशेष महत्व है। संयुक्त राष्ट्र ने इसे अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मान्यता दी है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, यह दिन अहिंसा, शांति, सहिष्णुता और समझ के संदेश को आगे बढ़ाने का अवसर है।
भारत में गांधी जयंती के अवसर पर विभिन्न स्थानों पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम, प्रार्थना सभाएं और सामाजिक गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। इस दिन स्वच्छता, सेवा, शांति और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे विषयों पर भी विशेष जोर दिया जाता है।
गांधी जयंती 2026 पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश में सत्य, अहिंसा, सादगी, करुणा, सेवा और स्वदेशी जैसे मूल्यों को प्रमुखता दी गई। खादी खरीदने की उनकी अपील ने गांधी के स्वदेशी विचार को स्थानीय उत्पादों और आत्मनिर्भरता से जोड़ने का प्रयास किया।
महात्मा गांधी की विरासत भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास से आगे बढ़कर शांति, अहिंसा, सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय मूल्यों से भी जुड़ी हुई है। 2 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाया जाना इस बात को दर्शाता है कि गांधी के अहिंसा से जुड़े विचारों को वैश्विक स्तर पर भी महत्व दिया जाता है।
गांधी जयंती का अवसर इसलिए केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व को याद करने तक सीमित नहीं है। यह सत्य, शांति, सेवा, सादगी और स्वदेशी जैसे मूल्यों पर विचार करने का अवसर भी है। प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस वर्ष के संदेशों में भी गांधी के इन्हीं विचारों को वर्तमान समय और विकसित भारत के संदर्भ से जोड़ा गया।