UNSC सुधार पर G4 देश: भारत, जापान, जर्मनी और ब्राजील ने जल्द सुधार की मांग की

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24 Sep 2026
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News Synopsis

भारत, ब्राजील, जर्मनी और जापान के विदेश मंत्रियों वाले G4 समूह ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी UNSC में जल्द और व्यापक सुधार की मांग की है। G4 देशों का कहना है कि सुरक्षा परिषद की मौजूदा संरचना आज की भू-राजनीतिक वास्तविकताओं को पूरी तरह नहीं दर्शाती है। इसलिए परिषद को अधिक प्रतिनिधित्व वाला, प्रभावी और वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों के अनुरूप बनाने के लिए सुधार प्रक्रिया को आगे बढ़ाना जरूरी है।

G4 के विदेश मंत्रियों की बैठक 22 सितंबर 2026 को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान हुई। बैठक में ब्राजील के विदेश मंत्री Mauro Vieira, जर्मनी के विदेश मंत्री Dr Johann David Wadephul, भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और जापान के विदेश मंत्री Motegi Toshimitsu शामिल हुए। मंत्रियों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार से जुड़ी अब तक की चर्चा की समीक्षा की और आगे की प्रक्रिया पर विचार किया।

G4 ने UNSC में जल्द व्यापक सुधार पर दिया जोर G4 Emphasises the Need for Early and Comprehensive UNSC Reform

G4 देशों G4 Nations ने कहा कि वर्तमान चुनौतीपूर्ण भू-राजनीतिक माहौल में सुरक्षा परिषद में सुधार पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गया है। उनके अनुसार, परिषद की प्रतिनिधित्व क्षमता, वैधता, विश्वसनीयता और प्रभावशीलता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।

G4 का कहना है कि सुरक्षा परिषद की मौजूदा व्यवस्था लगभग आठ दशक पुरानी है। यह व्यवस्था उस समय की वैश्विक परिस्थितियों को दर्शाती है जब संयुक्त राष्ट्र की स्थापना हुई थी। आज दुनिया की राजनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक स्थिति काफी बदल चुकी है। ऐसे में सुरक्षा परिषद की संरचना को भी वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप बनाने की आवश्यकता है।

संयुक्त राष्ट्र महासभा United Nations General Assembly के अध्यक्ष ने भी 81वें सत्र के उद्घाटन भाषण में सुरक्षा परिषद को अधिक प्रतिनिधित्व वाला और वर्तमान भू-राजनीतिक वास्तविकताओं के अनुरूप बनाने के लिए सुधार का समर्थन किया तथा अफ्रीका के कम प्रतिनिधित्व को विशेष रूप से रेखांकित किया।

स्थायी और गैर-स्थायी दोनों श्रेणियों में विस्तार Expansion in Both Permanent and Non-Permanent Categories

G4 देशों ने सुरक्षा परिषद में स्थायी और गैर-स्थायी दोनों श्रेणियों में सदस्यता बढ़ाने को सुधार प्रक्रिया का प्रमुख हिस्सा बताया है।

G4 के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों का एक बड़ा हिस्सा दोनों श्रेणियों में विस्तार का समर्थन करता है। समूह का मानना है कि जिन क्षेत्रों और समूहों का वर्तमान सुरक्षा परिषद में पर्याप्त या कोई प्रतिनिधित्व नहीं है, उन्हें दोनों श्रेणियों में बेहतर जगह मिलनी चाहिए।

इसमें विशेष रूप से अफ्रीका, एशिया-प्रशांत और लैटिन अमेरिका तथा कैरेबियन क्षेत्र शामिल हैं। G4 ने कहा कि सुधार के दौरान ऐतिहासिक रूप से कम प्रतिनिधित्व वाले क्षेत्रों की स्थिति को ध्यान में रखना जरूरी है।

अफ्रीका की स्थायी सदस्यता के मामले का समर्थन G4 Supports Africa’s Case for Permanent Representation

G4 विदेश मंत्रियों ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र के दौरान अंतर-सरकारी वार्ताओं यानी Intergovernmental Negotiations (IGN) में अफ्रीकी समूह द्वारा प्रस्तुत सुधार मॉडल का स्वागत किया।

G4 ने सुरक्षा परिषद में अफ्रीका को अधिक प्रतिनिधित्व देने की मांग का समर्थन दोहराया। इसमें स्थायी सदस्यता की श्रेणी में अफ्रीका का प्रतिनिधित्व भी शामिल है।

अफ्रीका लंबे समय से सुरक्षा परिषद में अपने प्रतिनिधित्व को बढ़ाने की मांग करता रहा है। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के उद्घाटन में भी अफ्रीका के स्थायी प्रतिनिधित्व की कमी को महत्वपूर्ण सुधार मुद्दे के रूप में उठाया गया।

18 वर्षों की वार्ता के बावजूद प्रगति पर चिंता G4 Raises Concern Over Limited Progress After 18 Years of Talks

G4 देशों ने सुरक्षा परिषद सुधार पर चल रही IGN प्रक्रिया की धीमी प्रगति को लेकर चिंता व्यक्त की। संयुक्त राष्ट्र में सुरक्षा परिषद सुधार पर अंतर-सरकारी वार्ताएं 2008 में शुरू हुई थीं और तब से इस विषय पर लगातार चर्चा होती रही है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, महासभा ने अलग-अलग सत्रों में इस प्रक्रिया को जारी रखने के फैसले किए हैं।

G4 ने कहा कि करीब 18 वर्षों की चर्चाओं के बाद भी सुधार की दिशा में ठोस परिणाम सामने नहीं आए हैं। समूह ने पिछली IGN बैठक में हुई सीमित प्रगति पर भी चिंता जताई।

मंत्रियों ने बातचीत शुरू होने से पहले पेश किए गए कथित ब्रिजिंग प्रस्ताव पर भी गंभीर आपत्ति जताई। G4 के अनुसार, इस प्रस्ताव में दोनों श्रेणियों में सुरक्षा परिषद का विस्तार करने के पक्ष में मौजूद सदस्य देशों की व्यापक राय को पर्याप्त रूप से शामिल नहीं किया गया।

टेक्स्ट आधारित वार्ता शुरू करने की मांग G4 Calls for Text-Based Negotiations

G4 ने सुरक्षा परिषद सुधार के लिए Text-Based Negotiations यानी लिखित प्रस्तावों के आधार पर औपचारिक बातचीत शुरू करने को प्राथमिकता बताया है।

समूह का कहना है कि केवल विचारों और बयानों के आदान-प्रदान से आगे बढ़कर ऐसी प्रक्रिया शुरू होनी चाहिए जिसमें सदस्य देश वास्तविक प्रस्तावों के आधार पर बातचीत कर सकें।

G4 ने यह भी कहा कि सुरक्षा परिषद सुधार पर सहमति को ही निर्णय लेने का एकमात्र आधार नहीं माना जाना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र चार्टर और IGN के मौजूदा ढांचे के संदर्भ में G4 ने कहा कि सुधार प्रक्रिया को व्यापक सदस्य देशों की राय को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ाया जाना चाहिए।

अन्य सुधार समर्थक समूहों के साथ काम करेगा G4 G4 Will Work with Other Reform-Oriented Groups

आगे की प्रक्रिया के लिए G4 ने अन्य सुधार समर्थक समूहों के साथ सहयोग बढ़ाने की बात कही है। समूह का उद्देश्य ऐसे साझा मॉडल की दिशा में काम करना है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों के व्यापक हिस्से की राय को शामिल किया जा सके।

G4 ने कहा कि सुरक्षा परिषद सुधार पर बातचीत केवल IGN तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इसके लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा सहित अन्य मंचों पर भी व्यापक सदस्यता के साथ चर्चा की जा सकती है।

संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, IGN का उद्देश्य सुरक्षा परिषद में समान प्रतिनिधित्व और सदस्यता बढ़ाने से जुड़े मुद्दों पर सदस्य देशों के प्रस्तावों के आधार पर बातचीत को आगे बढ़ाना है।

सुधार का लक्ष्य सुरक्षा परिषद को अधिक प्रतिनिधित्व वाला बनाना Goal of Reform Is a More Representative Security Council

G4 के अनुसार, सार्थक सुधार से सुरक्षा परिषद की प्रतिनिधित्व क्षमता, वैधता, विश्वसनीयता और प्रभावशीलता मजबूत हो सकती है। समूह का मानना है कि इससे संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व वाले बहुपक्षीय तंत्र को भी मजबूती मिलेगी।

G4 ने कहा कि सुरक्षा परिषद को वर्तमान और भविष्य की अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों से प्रभावी तरीके से निपटने में सक्षम बनाने के लिए उसकी संरचना में बदलाव जरूरी है।

81वें UNGA सत्र में G4 देशों के बीच जारी रहेगा समन्वय G4 to Maintain Close Coordination During the 81st UNGA Session

भारत, ब्राजील, जर्मनी और जापान ने कहा कि चारों देश बहुपक्षवाद, कानून के शासन और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों एवं सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्धता साझा करते हैं।

चारों देशों ने यह भी कहा कि वे अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने की सुरक्षा परिषद की प्राथमिक जिम्मेदारी में योगदान देने के लिए तैयार हैं।

81वें संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र के दौरान G4 देशों के बीच नजदीकी समन्वय जारी रहेगा। चारों देशों के अधिकारियों को बैठक में हुई चर्चाओं पर आगे काम करने की जिम्मेदारी दी गई है।

इस प्रक्रिया की प्रगति की समीक्षा अगली Director General-level बैठक में की जाएगी, जो नई दिल्ली में आयोजित होने वाली है।

UNSC सुधार पर भारत की लंबे समय से सक्रिय भूमिका India’s Long-Standing Role in UNSC Reform Efforts

सुरक्षा परिषद में सुधार भारत की बहुपक्षीय कूटनीति का लंबे समय से महत्वपूर्ण मुद्दा रहा है। भारत G4 के साथ-साथ अन्य सुधार समर्थक समूहों के साथ भी इस विषय पर समन्वय करता रहा है। भारत के विदेश मंत्रालय ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में भी सुरक्षा परिषद में स्थायी और गैर-स्थायी दोनों श्रेणियों में व्यापक सुधार तथा समयबद्ध ठोस परिणामों की आवश्यकता पर जोर दिया था।

G4 की 2026 की बैठक ऐसे समय हुई है जब संयुक्त राष्ट्र में सुरक्षा परिषद सुधार को लेकर चर्चा फिर से तेज है। आगे की प्रक्रिया इस बात पर निर्भर करेगी कि सदस्य देश अलग-अलग सुधार प्रस्तावों के बीच किस तरह सहमति और व्यापक समर्थन का रास्ता तैयार करते हैं।

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