ईंधन कीमतों में फिर बढ़ोतरी: पेट्रोल ₹2.61 और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा

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25 May 2026
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News Synopsis

भारत में ईंधन की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी हुई है, जिससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार ऊपर जा रहे हैं।

मई में चौथी बार बढ़े ईंधन के दाम

25 मई को जारी नई दरों के अनुसार देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की गई। मई महीने में यह चौथी बार है जब ईंधन की कीमतों में इजाफा हुआ है। पेट्रोल की कीमत में औसतन ₹2.61 प्रति लीटर की वृद्धि हुई, जबकि डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा हो गया।

यह ताजा बढ़ोतरी वैश्विक ऊर्जा बाजारों में जारी अस्थिरता को दर्शाती है, जिस पर भू-राजनीतिक तनाव और सप्लाई संबंधी चिंताओं का असर पड़ा है। कम समय में बार-बार हुई इन बढ़ोतरी ने घरेलू बजट और परिवहन खर्च पर बड़ा प्रभाव डाला है, जिससे महंगाई बढ़ने की चिंता भी गहरा गई है।

11 दिनों में कुल ₹7.5 प्रति लीटर तक बढ़ी कीमतें

पिछले 11 दिनों में ईंधन की कीमतों में लगभग ₹7.5 प्रति लीटर की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसकी शुरुआत 15 मई को हुई थी, जब कीमतों में ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद 19 मई और 23 मई को 90-90 पैसे प्रति लीटर की दो छोटी बढ़ोतरी की गईं। अब 25 मई को हुई नई बढ़ोतरी ने कुल मूल्य वृद्धि को और तेज कर दिया है।

कम समय में बार-बार कीमतों में संशोधन यह संकेत देता है, कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों पर लगातार दबाव बना हुआ है, जिसकी मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है, कि इसका असर जरूरी वस्तुओं और लॉजिस्टिक्स लागत पर भी पड़ेगा।

प्रमुख महानगरों में पेट्रोल के नए दाम

हालिया संशोधन के बाद प्रमुख महानगरों में पेट्रोल की कीमतें इस प्रकार हो गई हैं:

  • दिल्ली: ₹102.12 प्रति लीटर (₹2.61 की बढ़ोतरी)
  • कोलकाता: ₹113.51 प्रति लीटर (₹2.87 की बढ़ोतरी)
  • मुंबई: ₹111.21 प्रति लीटर (₹2.72 की बढ़ोतरी)
  • चेन्नई: ₹107.77 प्रति लीटर (₹2.46 की बढ़ोतरी)

इन शहरों में कोलकाता में पेट्रोल की कीमत सबसे अधिक बनी हुई है, जबकि दिल्ली में कीमत अपेक्षाकृत कम है, लेकिन यहां भी पेट्रोल ₹100 प्रति लीटर से ऊपर पहुंच चुका है।

महानगरों में डीजल की नई कीमतें

डीजल की कीमतों में भी प्रमुख शहरों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई है:

  • दिल्ली: ₹95.20 प्रति लीटर (₹2.71 की बढ़ोतरी)
  • कोलकाता: ₹99.82 प्रति लीटर (₹2.80 की बढ़ोतरी)
  • मुंबई: ₹97.83 प्रति लीटर (₹2.81 की बढ़ोतरी)
  • चेन्नई: ₹99.55 प्रति लीटर (₹2.57 की बढ़ोतरी)

डीजल, जो परिवहन और कृषि क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण ईंधन है, कई शहरों में ₹100 प्रति लीटर के करीब पहुंच चुका है। इससे व्यापारियों और किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं।

बढ़ती ईंधन कीमतों का अर्थव्यवस्था पर असर

ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का असर कई क्षेत्रों पर पड़ने की आशंका है। परिवहन लागत बढ़ने से खाद्य पदार्थों, सब्जियों और रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं की कीमतें भी बढ़ सकती हैं।

विशेष रूप से डीजल की बढ़ती कीमतों का असर लॉजिस्टिक्स और कृषि क्षेत्र पर अधिक पड़ता है, क्योंकि ट्रकों, ट्रैक्टरों और सिंचाई प्रणालियों में डीजल का व्यापक उपयोग होता है। इससे किसानों की लागत बढ़ सकती है और उपभोक्ताओं को महंगे दाम चुकाने पड़ सकते हैं।

इसके अलावा ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी महंगाई को बढ़ावा देती है, जिसका असर समग्र आर्थिक स्थिरता पर पड़ सकता है। चूंकि ईंधन कई उद्योगों के लिए प्रमुख इनपुट है, इसलिए लगातार बढ़ती कीमतें खपत और आर्थिक विकास दोनों को प्रभावित कर सकती हैं।

ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे की वजहें

पेट्रोल और डीजल की हालिया कीमत वृद्धि के पीछे मुख्य रूप से वैश्विक कारण जिम्मेदार हैं। तेल उत्पादक क्षेत्रों में भू-राजनीतिक तनाव के कारण सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गई हैं।

इसके अलावा मुद्रा विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव और रिफाइनिंग लागत में वृद्धि ने भी कीमतों को प्रभावित किया है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियां इन्हीं कारकों के आधार पर खुदरा ईंधन कीमतों में समय-समय पर संशोधन करती हैं।

घरेलू कर नीतियां और राज्य स्तर पर लगाए जाने वाले टैक्स भी अंतिम खुदरा कीमतों को प्रभावित करते हैं, जिसके कारण अलग-अलग शहरों में कीमतों में अंतर देखने को मिलता है।

जनता की प्रतिक्रिया और आगे का अनुमान

बार-बार बढ़ती ईंधन कीमतों ने आम नागरिकों, खासकर मध्यम वर्गीय परिवारों और छोटे कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है। परिवहन खर्च बढ़ने से दैनिक जीवन की लागत पर भी असर पड़ रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती, तब तक ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। उपभोक्ताओं को अपने खर्चों की बेहतर योजना बनाने की सलाह दी जा रही है, जबकि सरकार को भी कमजोर वर्गों पर असर कम करने के लिए कदम उठाने पड़ सकते हैं।

निष्कर्ष:

पेट्रोल और डीजल की ताजा कीमत वृद्धि वैश्विक ऊर्जा बाजार में जारी चुनौतियों को उजागर करती है। पिछले कुछ दिनों में लगातार बढ़ती कीमतों से उपभोक्ताओं पर वित्तीय दबाव साफ दिखाई दे रहा है। आने वाले समय में सरकारी नीतियां और वैश्विक बाजार की स्थिति भारत में ईंधन कीमतों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी।

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