Forbes & Company Ltd ने FY26 की चौथी तिमाही और पूरे वित्तीय वर्ष के लिए अपने वित्तीय प्रदर्शन में तेज गिरावट दर्ज की है। कंपनी के नतीजों पर रियल एस्टेट राजस्व में कमजोरी का बड़ा असर पड़ा। हालांकि इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन सेगमेंट में कुछ मजबूती देखने को मिली, लेकिन कंपनी की कुल आय और मुनाफे पर भारी दबाव रहा।
Forbes & Company ने FY26 की चौथी तिमाही में अपने स्टैंडअलोन शुद्ध लाभ में भारी गिरावट दर्ज की। कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹1.87 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में दर्ज ₹7.47 करोड़ की तुलना में 85.4 प्रतिशत कम है।
मुनाफे में यह गिरावट मुख्य रूप से राजस्व में तेज कमी के कारण आई। ऑपरेशंस से प्राप्त राजस्व Q4 FY26 में घटकर ₹16.48 करोड़ रह गया, जबकि Q4 FY25 में यह ₹88.22 करोड़ था। इसी तरह कुल आय भी पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के ₹89.83 करोड़ से घटकर ₹17.78 करोड़ रह गई।
हालांकि तिमाही आधार पर राजस्व लगभग स्थिर रहा। Q3 FY26 में कंपनी ने ₹16.50 करोड़ का राजस्व दर्ज किया था। इसका मतलब है, कि पिछली तिमाही की तुलना में स्थिति ज्यादा खराब नहीं हुई, लेकिन पिछले वर्ष के मुकाबले प्रदर्शन काफी कमजोर रहा।
कमजोर तिमाही प्रदर्शन का मुख्य कारण रियल एस्टेट राजस्व में भारी गिरावट रहा। कंपनी के रियल एस्टेट सेगमेंट ने Q4 FY26 में केवल ₹6.79 करोड़ का राजस्व अर्जित किया, जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह ₹80.67 करोड़ था।
यह गिरावट रियल एस्टेट व्यवसाय की चक्रीय और प्रोजेक्ट-आधारित राजस्व पहचान प्रणाली को दर्शाती है। इस क्षेत्र में राजस्व केवल परियोजना पूर्ण होने, कब्जा सौंपने और नियंत्रण हस्तांतरण जैसे चरणों पर दर्ज किया जाता है। ऐसे में किसी भी देरी या अनुपस्थिति का सीधा असर वित्तीय नतीजों पर पड़ता है।
जहां रियल एस्टेट कारोबार दबाव में रहा, वहीं Coding और Industrial Automation सेगमेंट ने कंपनी के प्रदर्शन को कुछ सहारा दिया। इस सेगमेंट का राजस्व Q4 FY26 में बढ़कर ₹9.69 करोड़ हो गया, जो Q4 FY25 में ₹7.55 करोड़ था।
यह वृद्धि इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन क्षेत्र में स्थिर मांग को दर्शाती है, जिससे कंपनी की आय में कुछ स्थिरता बनी रही। हालांकि यह सेगमेंट रियल एस्टेट राजस्व में आई भारी गिरावट की भरपाई करने के लिए पर्याप्त नहीं था।
कंपनी के कुल खर्च Q4 FY25 के ₹74.52 करोड़ से घटकर Q4 FY26 में ₹15.06 करोड़ रह गए। यह कमी मुख्य रूप से रियल एस्टेट सेगमेंट में कम गतिविधियों और परियोजना लागत में गिरावट के कारण आई।
हालांकि खर्चों में कमी के बावजूद, राजस्व में तेज गिरावट के चलते मुनाफे पर दबाव बना रहा।
टैक्स से पहले लाभ (PBT) ₹2.72 करोड़ रहा, जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह ₹12.79 करोड़ और पिछली तिमाही में ₹3.27 करोड़ था। यह साल-दर-साल और तिमाही-दर-तिमाही दोनों आधार पर गिरावट को दर्शाता है।
कुल खर्च घटने के बावजूद कुछ लागत घटकों में वृद्धि देखी गई। फाइनेंस कॉस्ट बढ़कर ₹15 लाख हो गई, जबकि डेप्रिसिएशन खर्च Q4 FY25 के ₹39 लाख से बढ़कर ₹1.25 करोड़ हो गया।
इसके अलावा कंपनी ने तिमाही के दौरान ₹85 लाख का टैक्स खर्च दर्ज किया, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में टैक्स लाभ मिला था। इसका भी शुद्ध लाभ पर नकारात्मक असर पड़ा।
नतीजतन बेसिक और डायल्यूटेड Earnings Per Share (EPS) घटकर Q4 FY26 में ₹1.45 रह गई, जबकि Q4 FY25 में यह ₹5.79 थी।
पूरे वित्तीय वर्ष FY26 के दौरान भी Forbes & Company ने राजस्व और मुनाफे दोनों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की।
पूरे वर्ष के प्रदर्शन में यह गिरावट रियल एस्टेट राजस्व पहचान चक्र पर कंपनी की भारी निर्भरता को दर्शाती है।
कंपनी के वित्तीय नतीजों को प्रभावित करने वाला एक प्रमुख कारक उसकी रियल एस्टेट राजस्व पहचान नीति है। Forbes & Company, Ind AS 115 के तहत राजस्व दर्ज करती है, जिसके लिए कुछ विशेष शर्तों का पूरा होना जरूरी होता है, जैसे:
FY26 के दौरान बड़े राजस्व पहचान कार्यक्रमों की कमी के कारण रियल एस्टेट राजस्व घटकर ₹14.68 करोड़ रह गया, जबकि FY25 में यह ₹145.16 करोड़ था।
यह दिखाता है, कि परियोजनाओं की पूर्णता के समय में बदलाव से कंपनी की आय में बड़ा उतार-चढ़ाव आ सकता है।
Forbes & Company दो प्रमुख सेगमेंट्स में कारोबार करती है:
कंपनी Shapoorji Pallonji Group का हिस्सा है, जो एक बड़ा और विविध क्षेत्रों में सक्रिय समूह है।
आगे चलकर कंपनी का प्रदर्शन मुख्य रूप से रियल एस्टेट परियोजनाओं की पूर्णता और उससे जुड़े राजस्व पहचान पर निर्भर करेगा। हालांकि इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन सेगमेंट स्थिर वृद्धि प्रदान कर रहा है, लेकिन कंपनी के कुल प्रदर्शन में रियल एस्टेट अभी भी सबसे बड़ा योगदानकर्ता बना हुआ है।
निष्कर्ष:
Forbes & Company के FY26 नतीजे रियल एस्टेट क्षेत्र में राजस्व अस्थिरता से जुड़ी चुनौतियों को उजागर करते हैं। Q4 और पूरे वर्ष के कमजोर प्रदर्शन से स्पष्ट है, कि परियोजनाओं से जुड़े राजस्व की देरी या कमी का कंपनी की आय पर बड़ा असर पड़ा है।
हालांकि इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन कारोबार लगातार बढ़ रहा है, लेकिन अभी यह रियल एस्टेट आय में उतार-चढ़ाव की पूरी भरपाई करने में सक्षम नहीं है। आने वाले समय में कंपनी की वृद्धि सफल परियोजना पूर्णता और बेहतर राजस्व दृश्यता पर निर्भर करेगी।