पैरालंपिक खेल के बारे में वो सारी बातें जो आपको जाननी चाहिए

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19 Jan 2023
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News Synopsis

Latest Updated on 19 January 2023

सिंहराज अधाना Singhraj Adhana टोक्यो पैरालिंपिक Tokyo Paralympics में पदक जीतने की दौड़ में थे। लेकिन एक प्रयास में सात अंक हासिल करने के बाद उनकी संभावना फीकी पड़ गई।

दो बार के पैरालंपिक पदक विजेता सिंहराज अधाना यहां पैरा निशानेबाजी विश्व चैंपियनशिप 2022 में 'पी-एक मेन्स 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच-एक' में चौथे स्थान पर रहे। इससे भारत को 2024 पेरिस पैरालिंपिक के लिए कोटा मिल गया।

कोरिया Korea के जो जोंगडू Jongdu ने 235.7 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता। पोलैंड Poland के सोविंस्की जिमोन Sovinsky Zimon 233.1 अंकों के साथ दूसरे जबकि इब्राहिमोव सरवर Ibrahimov Sarwar 213.3 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। सिंहराज उस भारतीय निशानेबाजी टीम का भी हिस्सा थे, जिसने टीम वर्ग में दूसरा स्वर्ण पदक जीता था। टीम में मनीष नरवाल Manish Narwal और निहाल सिंह Nihal Singh को भी शामिल किया गया।

भारतीय टीम Indian Team ने फाइनल रैंकिंग में काफी अंक हासिल किए, जबकि पैरालंपिक चैंपियन नरवाल ने कुछ ही अंक हासिल किए।

भारतीय पिस्टल निशानेबाजों ने 'पी-3 मिश्रित 25 मीटर पिस्टल एसएच 1' स्पर्धा में टीम को स्वर्ण पदक Gold Medal जीता और राहुल जाखड़ Rahul Jakhar ने व्यक्तिगत वर्ग में कांस्य पदक जीता।

Last Updated on 28 August 2021

जब देश को ओलंपिक्स में मेडल मिलता है तो देश का हर व्यक्ति खुशी मनाता है लेकिन जब बात पैरालंपिक खेलों की होती है, तो उन बहादुर पैरालंपिक खिलाड़ियों की तरफ से की गई हर संभव कोशिश हम सभी को आश्चर्यचकित कर देती है। पैरालंपिक खेल सिर्फ मेहनत, हौसले और चुनौती के बारे में नहीं है। यह खेल उन सभी लड़ाइयों के बारे में है जो एक एथलीट पहले अपने आप से, फिर समाज से और अंत में खेल के मैदान में जीतता है।

पैरालंपिक खेल को देख कर आप नई चीजें सीखेंगे और आपका जीवन के बारे में सोचने का तरीका बदलेगा। जब आप देखेंगे कि जिनके पास हाथ नहीं है वो मुंह में टेबल टेनिस रैकेट ले कर खेल रहे हैं, जिनके पास पैर नहीं है वो व्हील चेयर पर बैठ कर टेनिस, बैडमिंटन, बास्केटबॉल खेल रहे हैं, व्हील चेयर पर बैठ कर रेस में हिस्सा ले रहे हैं

पैरालंपिक गेम्स का प्रबंध आईपीसी यानी की इंटरनेशनल पैरालंपिक कमेटी करती है। हर देश का एक निर्धारित कोटा होता है और उससे ज्यादा खिलाड़ी पैरालंपिक गेम्स में भाग नहीं ले सकते हैं। आपको बता दें कि भारत सरकार ने टोक्यो पैरालंपिक गेम्स के लिए अपने खिलाड़ियों पर 17 करोड़ रुपए खर्च किए हैं, जिसमें खिलड़ियों के प्रशिक्षण, विदेशी दौरे और सुविधाएँ शामिल हैं। भारत पैरा खिलड़ियों को दी जाने वाली सुविधा में काफी सुधार कर रहा है पर अभी भी पैरा खिलड़ियों को अच्छी ट्रेनिंग और सुविधाओं की आवश्यकता है, ताकि वह अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दिखा पाएं।

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