एलन मस्क ने एक नया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रोजेक्ट पेश किया, जिसे टेस्ला और स्टार्टअप xAI ने मिलकर बनाया है। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट सॉफ्टवेयर कंपनियों के कामों की नकल कर सकता है।
एलन मस्क ने इस प्रोजेक्ट को "मैक्रोहार्ड" या "डिजिटल ऑप्टिमस" बताया। यह एक ऐसा सिस्टम है, जो xAI के Grok लार्ज लैंग्वेज मॉडल को टेस्ला द्वारा बनाए गए एक AI एजेंट के साथ जोड़ता है। यह AI एजेंट कंप्यूटर इंटरफेस को देख और उनके साथ इंटरैक्ट कर सकता है।
इस सिस्टम को Grok के साथ जोड़ने के लिए डिज़ाइन किया गया है। Grok एक हाई-लेवल "नेविगेटर" की तरह काम करता है, जबकि AI एजेंट रियल-टाइम स्क्रीन वीडियो, कीबोर्ड और माउस इनपुट को प्रोसेस करके सॉफ्टवेयर के कामों को अपने आप पूरा करता है।
एलन मस्क Elon Musk ने कहा "सिद्धांत रूप में यह पूरी की पूरी कंपनियों के कामों की नकल करने में सक्षम है। इसीलिए इस प्रोग्राम का नाम MACROHARD रखा गया है, जो Microsoft का एक मज़ाकिया संदर्भ है।"
एलन मस्क पहले भी यह तर्क दे चुके हैं, कि Microsoft जैसी सॉफ्टवेयर की बड़ी कंपनियाँ, जो हार्डवेयर के बजाय मुख्य रूप से सॉफ्टवेयर पर ध्यान देती हैं, उन्हें सैद्धांतिक रूप से AI सिस्टम द्वारा पूरी तरह से सिम्युलेट किया जा सकता है।
यह अनावरण ऐसे समय में हुआ है, जब एजेंटिक AI सिस्टम—जो कंप्यूटर के कामों को अपने आप करने में सक्षम हैं, पूरी टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री में तेज़ी से लोगों का ध्यान खींच रहे हैं।
Anthropic के Claude Cowork का लॉन्च—एक ऐसा AI एजेंट जिसे कई तरह के डिजिटल काम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, सॉफ्टवेयर निवेशकों को पहले ही परेशान कर चुका है। उन्हें डर है, कि ऐसे टूल्स, इंसानी सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट पर आधारित पारंपरिक बिज़नेस मॉडल्स को पूरी तरह से बदल सकते हैं।
एलन मस्क ने कहा कि Macrohard सिस्टम, Tesla की अपनी AI4 चिप पर चलेगा, जिसे xAI द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले Nvidia-आधारित सर्वर हार्डवेयर के साथ जोड़ा जाएगा। उन्होंने इसे एक ऐसा सेटअप बताया, जो लागत के मामले में काफी किफायती है।
xAI ने अगस्त 2025 में “Macrohard” के लिए एक ट्रेडमार्क एप्लीकेशन फाइल किया था।
एलन मस्क ने पिछले साल एक सोशल मीडिया पोस्ट में इस पहल के बारे में पहले ही संकेत दिया था। उन्होंने इसे “पूरी तरह से एक AI सॉफ्टवेयर कंपनी” बताया था, और यह भी कहा कि यह नाम Microsoft के लिए एक मज़ाकिया संदर्भ के तौर पर रखा गया है।
इस घोषणा से एलन मस्क के लगातार बढ़ते टेक्नोलॉजी साम्राज्य में बढ़ते एकीकरण पर रोशनी पड़ती है।
जनवरी में टेस्ला ने xAI में शेयर खरीदने के लिए लगभग $2 बिलियन का निवेश करने पर सहमति जताई थी, क्योंकि दोनों कंपनियाँ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम पर अपना सहयोग और गहरा कर रही हैं।
पिछले महीने SpaceX ने xAI को एक 'ऑल-स्टॉक डील' के तहत अधिग्रहित कर लिया। इस डील में रॉकेट बनाने वाली कंपनी का मूल्यांकन $1 ट्रिलियन और xAI का मूल्यांकन $250 बिलियन किया गया था। यह कदम इस साल के अंत में SpaceX के संभावित 'इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग' (IPO) से ठीक पहले उठाया गया था।
एलन मस्क ने कहा कि इस विलय के पीछे एक मकसद 'ऑर्बिटल डेटा सेंटर' विकसित करना था। उनका मानना है, कि भविष्य के AI इंफ्रास्ट्रक्चर इकोसिस्टम में ये डेटा सेंटर एक अहम भूमिका निभा सकते हैं।
जानकारों का कहना है, कि टेस्ला ने खुद को एक पारंपरिक कार निर्माता कंपनी के बजाय तेजी से एक "फिजिकल AI" कंपनी के तौर पर स्थापित किया है, वहीं दूसरी ओर SpaceX भी रॉकेट और सैटेलाइट से आगे बढ़कर AI इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में अपने विस्तार की योजनाओं पर काम कर रहा है।
AI टेक्नोलॉजी के तेज़ी से विस्तार ने उनकी बढ़ती ऊर्जा ज़रूरतों की ओर भी सबका ध्यान खींचा है।
Tesla और Alphabet ने Carrier Global जैसी दूसरी कंपनियों के साथ मिलकर 'Utilize' नाम के एक लॉबिंग ग्रुप बनाने की घोषणा की। इस ग्रुप का मकसद बिजली की बढ़ती मांग और बिजली की बढ़ती कीमतों की समस्या को हल करना है।
हाल के सालों में बिजली की कीमतें तेज़ी से बढ़ी हैं, महामारी की शुरुआत के बाद से इनमें 44% की बढ़ोतरी हुई है, और 2022 के आखिर में ChatGPT के लॉन्च होने के बाद से 16% की बढ़ोतरी हुई है।
बिजली की बहुत ज़्यादा खपत करने वाले AI डेटा सेंटर्स ने बिजली की मांग को ऐसे स्तर तक बढ़ा दिया है, जो दशकों में नहीं देखा गया था। इसके चलते पिछले पाँच सालों में एक आम अमेरिकी परिवार का बिजली का बिल $500 से भी ज़्यादा बढ़ गया है।
Google में उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका के लिए ऊर्जा बाज़ार विकास की प्रमुख एलेन ज़करमैन ने कहा "जैसे-जैसे मांग बढ़ रही है, हमारी पहली प्राथमिकता यह होनी चाहिए कि हम मौजूदा ग्राहकों पर बिना कोई अतिरिक्त बोझ डाले, नई मांग को पूरा करें।"