दूरसंचार विभाग यानी Department of Telecommunications (DoT) ने फर्जी तरीके से SIM जारी करने, दूरसंचार पहचान संख्या के दुरुपयोग और मोबाइल फोन के IMEI नंबर से छेड़छाड़ को लेकर नागरिकों को सावधान किया है। विभाग के मध्य प्रदेश लाइसेंस सेवा क्षेत्र (MP LSA) ने हाल ही में फर्जी SIM जारी किए जाने के एक मामले में कार्रवाई की है। जांच के दौरान पता चला कि छत्तीसगढ़ में एक Point of Sale (PoS) एजेंट ने नागरिकों के पहचान दस्तावेजों का उनकी जानकारी या सहमति के बिना इस्तेमाल करके 25 मोबाइल कनेक्शन यानी SIM सक्रिय कर दिए थे।
मामला सामने आने के बाद DoT और संबंधित दूरसंचार सेवा प्रदाताओं ने उस PoS एजेंट को ब्लैकलिस्ट कर दिया। अब वह भविष्य में नए मोबाइल कनेक्शन जारी नहीं कर सकेगा। इन 25 मोबाइल कनेक्शनों की DoT के Digital Intelligence Platform (DIP) पर जांच की गई। संदिग्ध पाए गए नंबरों का दोबारा सत्यापन कराया गया और जिन नंबरों का सत्यापन पूरा नहीं हो सका, उन्हें बाद में बंद कर दिया गया।
दूरसंचार विभाग यानी Department of Telecommunications (DoT) ने स्पष्ट किया है कि किसी व्यक्ति की पहचान का गलत इस्तेमाल करके SIM जारी करना केवल उपभोक्ता सुरक्षा का मामला नहीं है, बल्कि इससे साइबर अपराध और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों का खतरा भी बढ़ सकता है।
सरकार ने दूरसंचार संसाधनों के दुरुपयोग को रोकने के लिए विभिन्न डिजिटल प्रणालियां विकसित की हैं। इनमें Digital Intelligence Platform और Sanchar Saathi जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। DoT ने जुलाई 2026 में संसद में दी जानकारी में बताया था कि 15 जुलाई 2026 तक संदिग्ध पाए गए 88 लाख से अधिक मोबाइल कनेक्शन दोबारा सत्यापन में विफल रहने के बाद बंद किए जा चुके थे।
DoT ने नागरिकों से कहा है कि अपने नाम पर जारी SIM कार्ड किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए न दें। यदि उस SIM का इस्तेमाल साइबर ठगी या किसी अन्य गैरकानूनी गतिविधि में होता है, तो मूल ग्राहक को भी कानूनी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
इसी तरह किसी दूसरे व्यक्ति के लिए अपने दस्तावेजों पर SIM खरीदना, उसे किराये पर देना या जानबूझकर किसी और को इस्तेमाल करने देना जोखिम भरा हो सकता है।
IMEI यानी International Mobile Equipment Identity मोबाइल फोन की एक विशिष्ट पहचान संख्या होती है। यह आमतौर पर 15 अंकों की होती है और किसी मोबाइल डिवाइस की पहचान करने में मदद करती है। Sanchar Saathi के CEIR प्लेटफॉर्म के अनुसार, IMEI मोबाइल डिवाइस की पहचान से जुड़ा होता है और वैध IMEI के जरिए डिवाइस की स्थिति की जांच की जा सकती है।
DoT ने चेतावनी दी है कि IMEI नंबर को जानबूझकर बदलना, मिटाना या उसमें किसी तरह की छेड़छाड़ करना गैरकानूनी है। ऐसे उपकरणों को बनाना, इस्तेमाल करना, रखना या उनका कारोबार करना भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकता है।
DoT के अनुसार, फर्जी तरीके से SIM जारी करना, दूरसंचार पहचान संख्या का गलत इस्तेमाल करना और IMEI से छेड़छाड़ करना Telecommunications Act, 2023 के तहत दंडनीय हो सकता है। ऐसे मामलों में कानून के प्रावधानों के अनुसार तीन साल तक की जेल और ₹50 लाख तक का जुर्माना हो सकता है।
इसलिए नागरिकों को किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने पहचान दस्तावेजों से SIM जारी कराने या अपने नाम का मोबाइल कनेक्शन किसी और को देने से बचना चाहिए।
DoT ने नागरिकों को कई गतिविधियों से दूर रहने की सलाह दी है।
फर्जी दस्तावेज, धोखाधड़ी या किसी दूसरे व्यक्ति की पहचान का इस्तेमाल करके SIM हासिल करना गैरकानूनी गतिविधि हो सकती है। इसी तरह किसी और के नाम पर जारी SIM का इस्तेमाल करना भी जोखिमपूर्ण है।
नागरिकों को ऐसे मोबाइल फोन, मॉडेम, मॉड्यूल, SIM Box या अन्य उपकरणों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए जिनका IMEI बदला या छेड़छाड़ किया गया हो।
DoT ने मोबाइल ऐप, वेबसाइट या किसी अन्य माध्यम से Calling Line Identity (CLI) अथवा दूसरे दूरसंचार पहचान विवरणों को बदलने की कोशिश से भी बचने को कहा है।
सरकार ने नागरिकों को अपने नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शनों की नियमित जांच करने की सलाह दी है। इसके लिए Sanchar Saathi पोर्टल और मोबाइल ऐप का इस्तेमाल किया जा सकता है।
Sanchar Saathi की सुविधा से नागरिक अपने नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शनों की जानकारी देख सकते हैं। यदि कोई ऐसा नंबर दिखाई देता है जिसे उन्होंने नहीं लिया है या जिसकी जरूरत नहीं है, तो उसे रिपोर्ट करने और बंद कराने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। यह सुविधा फर्जी SIM के संभावित दुरुपयोग को रोकने में मदद करती है।
Sanchar Saathi के जरिए मोबाइल फोन के IMEI की जांच भी की जा सकती है। आधिकारिक सेवा में IMEI नंबर डालकर डिवाइस की जानकारी देखी जा सकती है। इसमें निर्माता, ब्रांड और मॉडल जैसी जानकारी उपलब्ध हो सकती है।
मोबाइल का IMEI नंबर देखने के लिए फोन में *#06# डायल किया जा सकता है। इसके अलावा Sanchar Saathi की सेवा के जरिए KYM <15 अंकों का IMEI नंबर> लिखकर 14422 पर SMS भेजकर भी IMEI की जांच की जा सकती है।
मोबाइल फोन आज बैंकिंग, डिजिटल भुगतान, सरकारी सेवाओं, शिक्षा और अन्य कई जरूरी कामों का हिस्सा बन चुका है। ऐसे में किसी व्यक्ति के नाम पर बिना जानकारी के SIM जारी होना गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है।
Sanchar Saathi नागरिकों को मोबाइल कनेक्शन की जांच, संदिग्ध संचार की रिपोर्टिंग, खोए या चोरी हुए फोन को ब्लॉक करने और मोबाइल हैंडसेट की वास्तविकता जांचने जैसी सुविधाएं देता है।
DoT के अनुसार, नागरिकों को अपने मोबाइल कनेक्शनों और उपकरणों की समय-समय पर जांच करनी चाहिए। यदि कोई अनजान मोबाइल नंबर उनके नाम पर दिखाई देता है, तो उसे नजरअंदाज करने के बजाय संबंधित सरकारी सुविधा के माध्यम से रिपोर्ट करना बेहतर है।
दूरसंचार विभाग ने नागरिकों से सतर्क रहने और अपने नाम पर जारी SIM कार्ड तथा मोबाइल उपकरणों की जानकारी सुरक्षित रखने को कहा है। किसी अन्य व्यक्ति को अपने नाम का SIM देना, फर्जी दस्तावेजों से कनेक्शन लेना या IMEI में बदलाव किए गए उपकरण का इस्तेमाल करना कानूनी और सुरक्षा संबंधी जोखिम पैदा कर सकता है।
नागरिक Sanchar Saathi पोर्टल और मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करके अपने नाम पर जारी कनेक्शनों की जांच कर सकते हैं और मोबाइल फोन के IMEI की वास्तविकता भी सत्यापित कर सकते हैं। इस तरह की नियमित जांच न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा बढ़ा सकती है, बल्कि साइबर धोखाधड़ी में दूरसंचार संसाधनों के संभावित दुरुपयोग को रोकने में भी मदद कर सकती है।