ऑटोमोटिव वायरिंग हार्नेस निर्माता धूत ट्रांसमिशन ने शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास अपना अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (UDRHP-1) दाखिल किया है। बेन कैपिटल समर्थित कंपनी ताजा पूंजी जुटाकर कर्ज कम करने, कारोबार विस्तार और नई मैन्युफैक्चरिंग सुविधाएं स्थापित करने की तैयारी में है, ताकि पारंपरिक और इलेक्ट्रिक वाहन दोनों क्षेत्रों में अपनी स्थिति मजबूत की जा सके।
वायरिंग हार्नेस और ऑटोमोटिव इलेक्ट्रिकल सिस्टम बनाने वाली प्रमुख कंपनी धूत ट्रांसमिशन ने अपने प्रस्तावित प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के लिए बाजार नियामक SEBI के पास अपडेटेड दस्तावेज दाखिल किए हैं। इस सार्वजनिक निर्गम में ₹1,400 करोड़ का फ्रेश इश्यू शामिल होगा, जबकि मौजूदा शेयरधारकों द्वारा ऑफर फॉर सेल (OFS) भी लाया जाएगा।
उद्योग सूत्रों के अनुसार IPO का कुल आकार लगभग 250 मिलियन डॉलर रहने का अनुमान है। इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में कंपनी की बढ़ती मौजूदगी और मजबूत वित्तीय प्रदर्शन के कारण इस इश्यू को निवेशकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिलने की उम्मीद है।
यह IPO भारत के तेजी से बढ़ते ऑटो कंपोनेंट उद्योग से आने वाली महत्वपूर्ण लिस्टिंग्स में से एक माना जा रहा है, जहां इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और वाहन उत्पादन में वृद्धि के कारण मांग लगातार बढ़ रही है।
ऑफर फॉर सेल के तहत प्रमोटर और प्रमोटर समूह के शेयरधारक करीब 1.63 करोड़ इक्विटी शेयर बेचेंगे। बेन कैपिटल समर्थित BC Asia Investments XV Limited लगभग 1.31 करोड़ शेयरों की बिक्री करेगी।
वहीं Mangalam Capital Private Limited लगभग 31.18 लाख इक्विटी शेयर बेचने की योजना बना रही है। OFS हिस्से का अंतिम आकार IPO की कीमत और बाजार परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
OFS के जरिए मौजूदा निवेशकों को अपनी हिस्सेदारी का आंशिक मोनेटाइजेशन करने का अवसर मिलेगा, साथ ही लिस्टिंग के बाद कंपनी की सार्वजनिक हिस्सेदारी भी बढ़ेगी।
धूत ट्रांसमिशन ने अपनी फाइलिंग में बताया कि फ्रेश इश्यू से प्राप्त राशि का बड़ा हिस्सा कर्ज कम करने और बैलेंस शीट मजबूत करने में इस्तेमाल किया जाएगा।
₹1,400 करोड़ के फ्रेश इश्यू में से लगभग ₹493.9 करोड़ का उपयोग कंपनी के मौजूदा कर्ज को चुकाने या प्रीपेमेंट के लिए किया जाएगा। इसके अलावा, लगभग ₹272.58 करोड़ की राशि सहायक कंपनियों में निवेश की जाएगी ताकि वे अपने कर्ज दायित्वों का भुगतान कर सकें।
कंपनी का मानना है, कि कर्ज कम होने से ब्याज लागत घटेगी, परिचालन क्षमता बेहतर होगी और दीर्घकालिक लाभप्रदता को मजबूती मिलेगी। इससे भविष्य के विस्तार के लिए वित्तीय लचीलापन भी बढ़ेगा।
कर्ज कम करने के अलावा धूत ट्रांसमिशन भारत में अपने मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क का विस्तार भी करने जा रही है। कंपनी झज्जर, हरियाणा और शूलागिरी, होसुर (तमिलनाडु) में नई वायरिंग हार्नेस उत्पादन इकाइयां स्थापित करने के लिए लगभग ₹150 करोड़ निवेश करेगी।
इन नई यूनिट्स के जरिए उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और कंपनी बढ़ती मांग को पूरा करने में सक्षम होगी, खासकर इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में।
IPO से जुटाई गई शेष राशि का उपयोग रणनीतिक अधिग्रहण, वर्किंग कैपिटल जरूरतों और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए FY27 और FY28 के दौरान किया जाएगा। कंपनी का कहना है कि ये निवेश उसके अगले विकास चरण और तकनीकी प्रगति को समर्थन देंगे।
1999 में स्थापित धूत ट्रांसमिशन आज इंटरनल कंबशन इंजन (ICE) और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) दोनों प्लेटफॉर्म्स के लिए वायरिंग हार्नेस और इलेक्ट्रिकल सिस्टम सप्लाई करने वाली प्रमुख कंपनियों में शामिल है।
कंपनी के उत्पाद पोर्टफोलियो में वायरिंग हार्नेस, बैटरी पैक, ऑटोमोटिव केबल, सेंसर, स्विच, कंट्रोलर और अन्य इलेक्ट्रिकल कंपोनेंट शामिल हैं, जिनका उपयोग यात्री वाहनों, कमर्शियल वाहनों और गैर-ऑटोमोटिव क्षेत्रों में किया जाता है।
कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी समाधान पर अपना फोकस तेजी से बढ़ाया है, क्योंकि दुनियाभर की ऑटो कंपनियां EV उत्पादन को तेज कर रही हैं।
DRHP फाइलिंग के अनुसार वायरिंग हार्नेस कंपनी का सबसे बड़ा राजस्व स्रोत बना हुआ है। FY25 में कुल राजस्व में इसकी हिस्सेदारी लगभग 78% रही।
वायरिंग हार्नेस आधुनिक वाहनों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है, क्योंकि यह वाहन के विभिन्न इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम को जोड़ता है। वाहनों में बढ़ते इलेक्ट्रॉनिक फीचर्स और कनेक्टेड व इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग ने एडवांस वायरिंग सॉल्यूशंस की जरूरत को और बढ़ा दिया है।
कंपनी ने EV से जुड़े कारोबार में भी तेज वृद्धि दर्ज की है। FY23 में कुल राजस्व में EV कारोबार की हिस्सेदारी 8.05% थी, जो FY25 में बढ़कर 25.2% हो गई।
31 दिसंबर 2025 तक धूत ट्रांसमिशन के पास भारत और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में 22 मैन्युफैक्चरिंग सुविधाएं, तीन इंजीनियरिंग और डिजाइन सेंटर तथा सात वेयरहाउस मौजूद थे।
इसके अलावा कंपनी भारत में चार नई मैन्युफैक्चरिंग सुविधाओं का निर्माण भी कर रही है, ताकि भविष्य की उत्पादन जरूरतों और ग्राहकों की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके।
कंपनी की इंजीनियरिंग और रिसर्च क्षमताएं आधुनिक वाहनों के लिए एडवांस इलेक्ट्रिकल सिस्टम विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी, खासकर ऐसे समय में जब ऑटोमोटिव तकनीक तेजी से इलेक्ट्रिफाइड और सॉफ्टवेयर आधारित होती जा रही है।
धूत ट्रांसमिशन ने पिछले दो वित्तीय वर्षों में शानदार वित्तीय वृद्धि दर्ज की है। कंपनी का परिचालन राजस्व FY25 में बढ़कर ₹3,444.86 करोड़ हो गया, जो FY23 में ₹2,125.86 करोड़ था।
इसी अवधि में कंपनी के शुद्ध लाभ में भी बड़ा उछाल आया। FY23 में ₹163.91 करोड़ का मुनाफा FY25 में बढ़कर ₹353.89 करोड़ पहुंच गया।
मजबूत वित्तीय प्रदर्शन, बढ़ती EV हिस्सेदारी और विस्तार योजनाएं कंपनी को भारत के ऑटो कंपोनेंट सेक्टर में एक आकर्षक निवेश अवसर बना सकती हैं।
IPO के लिए कई प्रमुख वित्तीय संस्थानों को बुक रनिंग लीड मैनेजर नियुक्त किया गया है। इनमें Axis Capital, Jefferies India, Kotak Mahindra Capital, Nomura Financial Advisory and Securities (India), SBI Capital Markets और 360 ONE WAM शामिल हैं।
नियामकीय मंजूरी और बाजार परिस्थितियों के आधार पर कंपनी आने वाले समय में IPO लॉन्च कर सकती है।