ज़ोमैटो के संस्थापक डीपिंदर गोयल अपने नए हेल्थ-ट्रैकिंग डिवाइस Temple को ग्राहकों तक पहुंचाने की तैयारी कर रहे हैं। इस डिवाइस के पहले बैच के लिए प्री-ऑर्डर बुकिंग 1 नवंबर, 2026 से शुरू होने वाली है। इसे कंपनी के व्यावसायिक लॉन्च की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। Temple को सामान्य स्मार्टवॉच और फिटनेस बैंड से अलग डिजाइन किया गया है। इसे कलाई पर पहनने के बजाय माथे के दोनों किनारों पर लगाया जाता है। इसका उद्देश्य मस्तिष्क की ओर होने वाले रक्त प्रवाह में बदलाव से जुड़े संकेतों को मापना है।
डीपिंदर गोयल Deepinder Goyal ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी साझा करते हुए बताया कि प्रत्येक डिवाइस को हाथ से तैयार किया जाएगा और ऑर्डर मिलने के बाद बनाया जाएगा। उनके अनुसार, खरीदारी के तीन महीने के भीतर ग्राहकों को डिवाइस मिलने की उम्मीद है, जबकि इसकी शिपिंग 2027 की शुरुआत में शुरू हो सकती है। हालांकि, कंपनी ने अभी तक भारत में इसकी कीमत, पहले बैच में तैयार होने वाली यूनिट की संख्या और सभी तकनीकी खूबियों का खुलासा नहीं किया है।
Temple एक हेल्थ-ट्रैकिंग वियरेबल डिवाइस है, जिसे शरीर की कुछ ऐसी गतिविधियों और बदलावों को समझने के लिए तैयार किया जा रहा है, जिन पर आम फिटनेस ट्रैकर सामान्यतः अधिक ध्यान नहीं देते। इसकी सबसे खास बात इसका डिजाइन और मापने का तरीका है। इसे कलाई पर पहनने के बजाय माथे के दोनों किनारों के पास लगाया जाता है।
Temple में रोशनी आधारित सेंसर इस्तेमाल किए जाते हैं। इनका उद्देश्य मस्तिष्क की ओर होने वाले रक्त प्रवाह में बदलावों को मापना है। डीपिंदर गोयल इस माप को “BrainFlow” कहते हैं। उनके अनुसार, इससे शरीर में होने वाले कुछ ऐसे शारीरिक बदलावों को समझने में मदद मिल सकती है, जिन्हें सामान्य उपभोक्ता वियरेबल डिवाइस पकड़ नहीं पाते।
अधिकतर स्मार्टवॉच और फिटनेस बैंड हृदय गति, रोजाना की गतिविधियों, नींद और व्यायाम से जुड़े आंकड़ों पर ध्यान देते हैं। इसके विपरीत, Temple मस्तिष्क की ओर रक्त संचार से जुड़े संकेतों को समझने की कोशिश करता है। इस वजह से इसका दृष्टिकोण सामान्य फिटनेस डिवाइस से अलग है।
हालांकि, इन मापों की वास्तविक उपयोगिता और सटीकता का पता तभी बेहतर तरीके से चलेगा, जब कंपनी अधिक तकनीकी जानकारी साझा करेगी और स्वतंत्र विशेषज्ञों द्वारा इसका आकलन किया जाएगा।
Temple से जुड़ी एक अन्य प्रमुख सुविधा इसका प्रस्तावित Entropy Score है। यह स्कोर 1 से 250 के पैमाने पर मापा जाएगा। इसका उद्देश्य शरीर पर पड़ने वाले कुल दबाव या बोझ को समझने के लिए अलग-अलग शारीरिक और जीवनशैली संबंधी कारकों को एक संकेतक में शामिल करना है।
बताई गई जानकारी के अनुसार, इस स्कोर को प्रभावित करने वाले कारकों में नींद, शरीर का आराम और रिकवरी, शारीरिक गतिविधियां, मानसिक तनाव तथा कैफीन का सेवन शामिल हो सकते हैं।
इस सुविधा के पीछे विचार यह है कि उपयोगकर्ता यह समझ सकें कि उनकी रोजाना की आदतें और गतिविधियां शरीर की स्थिति को किस तरह प्रभावित कर सकती हैं। केवल एक माप पर निर्भर रहने के बजाय, Temple कई कारकों से जुड़े संकेतों को मिलाकर एक समग्र स्कोर देने की कोशिश करता है।
हालांकि, कंपनी ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि Entropy Score की गणना किस तरीके से की जाएगी, यह कितनी बार अपडेट होगा और इसमें होने वाले बदलावों का अर्थ कैसे समझना चाहिए। इन जानकारियों के बिना इसकी वास्तविक उपयोगिता का आकलन करना मुश्किल होगा।
Temple के विकास के दौरान शरीर की स्थिति और गुरुत्वाकर्षण का मस्तिष्क की ओर होने वाले रक्त प्रवाह से संबंध भी अध्ययन का एक हिस्सा रहा है। यह पहलू इसे बाजार में उपलब्ध कई दूसरे उपभोक्ता वियरेबल डिवाइस से अलग बनाता है।
स्वास्थ्य से जुड़ी सुविधाएं होने के बावजूद, Temple को एक वेलनेस डिवाइस के रूप में पेश किया जा रहा है, न कि किसी चिकित्सकीय जांच करने वाले उपकरण के रूप में। इसलिए इसके माप को सीधे किसी बीमारी का निदान नहीं माना जाना चाहिए। इसी तरह, इसके नतीजों को डॉक्टर की सलाह या पेशेवर चिकित्सा देखभाल का विकल्प भी नहीं समझना चाहिए।
डिवाइस की बैटरी कितनी देर चलेगी, इसके साथ कौन-सा मोबाइल ऐप मिलेगा, उपयोगकर्ता अपने आंकड़े किस तरह देख सकेंगे और इसमें कौन-कौन से ट्रैकिंग फीचर्स होंगे, इन सभी सवालों के जवाब अभी सामने आने बाकी हैं।
Temple की प्री-ऑर्डर बुकिंग 1 नवंबर, 2026 से शुरू होने वाली है। हालांकि, कंपनी ने अभी तक इसकी भारतीय कीमत और शुरुआती उत्पादन की संख्या की घोषणा नहीं की है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इसकी प्रमुख बातें इस प्रकार हैं।
प्री-ऑर्डर की तारीख: 1 नवंबर, 2026।
बनाने का तरीका: हर डिवाइस हाथ से तैयार किया जाएगा और ऑर्डर मिलने पर बनाया जाएगा।
डिलीवरी का अनुमान: डीपिंदर गोयल के अनुसार, खरीदारी के तीन महीने के भीतर डिवाइस मिलने की उम्मीद है।
शिपिंग की शुरुआत: 2027 की शुरुआत में होने की संभावना है।
भारत में कीमत: अभी घोषित नहीं हुई है।
पहले बैच में डिवाइस की संख्या: जानकारी उपलब्ध नहीं है।
बैटरी और मोबाइल ऐप: इनकी जानकारी की पुष्टि होना बाकी है।
जो ग्राहक Temple खरीदने में दिलचस्पी रखते हैं, उन्हें इसकी अंतिम कीमत, ऑर्डर करने की प्रक्रिया और पूरी फीचर लिस्ट के लिए कंपनी की अगली घोषणा का इंतजार करना होगा।
लॉन्च से पहले ही Temple ने निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया है। टेकक्रंच की रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी 2026 में डीपिंदर गोयल ने इस उद्यम के लिए 54 मिलियन डॉलर यानी 5.4 करोड़ डॉलर की फंडिंग जुटाई थी। उस समय कंपनी का मूल्यांकन लगभग 190 मिलियन डॉलर बताया गया था।
इस निवेश दौर में Steadview Capital, Peak XV Partners, InfoEdge Ventures और Dharana Capital ने भाग लिया। इसके अलावा, कुछ व्यक्तिगत निवेशकों और Temple के कर्मचारियों ने भी निवेश किया।
इस फंडिंग से कंपनी को अपने डिवाइस के निर्माण और शुरुआती ग्राहकों तक इसकी डिलीवरी की तैयारी में आर्थिक सहायता मिलने की उम्मीद है। अब प्री-ऑर्डर शुरू होना Temple के लिए एक अहम पड़ाव होगा। इससे यह समझने में मदद मिल सकती है कि ग्राहक स्वास्थ्य पर नजर रखने के इस नए तरीके में कितनी दिलचस्पी दिखाते हैं।
डीपिंदर गोयल का Temple वियरेबल व्यावसायिक लॉन्च के करीब पहुंच रहा है। इसकी प्री-ऑर्डर बुकिंग 1 नवंबर, 2026 से शुरू होने वाली है और शिपिंग 2027 की शुरुआत में शुरू होने की उम्मीद है। माथे के पास लगाए जाने वाला इसका डिजाइन, BrainFlow माप और Entropy Score इसे सामान्य फिटनेस ट्रैकर से अलग बनाते हैं।
फिर भी, इसकी कीमत, बैटरी की अवधि, मोबाइल ऐप की सुविधाओं और मापों को समझने के तरीके से जुड़ी कई अहम जानकारियां अभी सामने नहीं आई हैं। इन विवरणों और स्वतंत्र आकलन के बाद ही ग्राहक इसकी क्षमताओं, उपयोगिता और कीमत के मुकाबले मिलने वाले लाभ का बेहतर मूल्यांकन कर पाएंगे।