ऑस्ट्रेलिया के ई-सेफ़्टी कमिश्नर की एक नई जांच में लोकप्रिय ऑनलाइन गेमिंग सेवाओं स्टीम, रोबॉक्स, फोर्टनाइट और माइनक्राफ्ट पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण कमियां और अलग-अलग सुरक्षा व्यवस्थाएं सामने आई हैं। नियामक ने पाया कि इन प्लेटफॉर्म पर बच्चों को गंभीर ऑनलाइन खतरों से बचाने के उपाय हर जगह एक जैसे मजबूत नहीं हैं।
जांच में बाल यौन शोषण और दुर्व्यवहार, यौन ब्लैकमेल, हिंसक सामग्री, साइबरबुलिंग और चरमपंथी गतिविधियों जैसे खतरों से बच्चों की सुरक्षा के उपायों की समीक्षा की गई। इसके लिए कंपनियों को कानूनी रूप से लागू किए जा सकने वाले पारदर्शिता नोटिस जारी किए गए थे। जांच में 1 अक्टूबर 2025 से 31 मार्च 2026 तक की अवधि से संबंधित जानकारी का इस्तेमाल किया गया।
इस रिपोर्ट का महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि ऑस्ट्रेलिया में बच्चों के बीच ऑनलाइन गेमिंग काफी लोकप्रिय है। eSafety के अनुसार, 8 से 17 वर्ष की आयु के 89 प्रतिशत ऑस्ट्रेलियाई बच्चों ने पिछले एक साल में ऑनलाइन गेम खेले थे।
नियामक के अनुसार, आज ऑनलाइन गेम केवल मनोरंजन या खेलने की जगह नहीं रह गए हैं। ये बच्चों और युवाओं के लिए बातचीत, दोस्ती और सामाजिक संपर्क के महत्वपूर्ण माध्यम भी बन चुके हैं।
ऐसे में यदि सुरक्षा उपाय कमजोर हों, तो बच्चों और वयस्कों के बीच अनुचित संपर्क की संभावना बढ़ सकती है। इसमें बच्चों को बहलाना-फुसलाना यानी गूमिंग और दूसरे प्रकार के शोषण जैसे जोखिम शामिल हैं।
जांच में Valve, जो Steam और Steam Chat का संचालन करती है, से जुड़ी कुछ विशेष कमियां सामने आईं। eSafety के अनुसार, जांच किए गए चार प्रदाताओं में Valve एकमात्र कंपनी थी जिसने Steam और Steam Chat पर हैश-मैचिंग तकनीक का इस्तेमाल नहीं किया था।
यह तकनीक पहले से पहचानी जा चुकी हानिकारक सामग्री को दोबारा पहचानने में मदद कर सकती है। इससे हर बार ऐसी सामग्री की अलग से जांच करने की जरूरत कम हो सकती है।
नियामक के अनुसार, जांच अवधि के दौरान Steam Chat में टेक्स्ट या वॉयस चैट के जरिए साझा की जाने वाली हानिकारक सामग्री की सक्रिय पहचान करने वाले पर्याप्त उपकरण मौजूद नहीं थे। इसमें मुख्य रूप से ऐसे URL की पहचान शामिल थी, जो धोखाधड़ी से जुड़े हो सकते थे।
eSafety ने कहा कि इसके कारण Steam Chat में कुछ प्रकार की हानिकारक सामग्री और गतिविधियों से बचाव के उपाय सीमित थे।
जांच में गेमिंग प्लेटफॉर्म द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले भाषा पहचान और विश्लेषण सिस्टम को भी देखा गया।
eSafety के अनुसार, Roblox और Valve अपने भाषा विश्लेषण मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिए केवल आंतरिक डेटासेट पर निर्भर थे। नियामक ने यह भी पाया कि Roblox अपने कई पहचान उपकरणों को नियमित रूप से अपडेट नहीं करता था।
दूसरी ओर, Valve ने शुरुआती प्रशिक्षण के बाद अपने प्रशिक्षण डेटा को नियमित रूप से अपडेट नहीं किया था।
रिपोर्ट के निष्कर्ष यह संकेत देते हैं कि ऑनलाइन नुकसान पहुंचाने वाली भाषा और व्यवहार के तरीके समय के साथ बदल सकते हैं। इसलिए स्वचालित मॉडरेशन और पहचान प्रणालियों को नियमित रूप से नए डेटा और नए खतरों के अनुसार अपडेट करना महत्वपूर्ण है।
ई-सेफ़्टी की जांच में पाया गया कि चारों गेमिंग सेवाएं बच्चों की सुरक्षा के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल करती हैं।
Epic Games, जो Fortnite का संचालन करती है, अपने प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ताओं द्वारा बनाए गए प्रत्येक “Island” की उपलब्ध होने से पहले समीक्षा करती थी।
इसके विपरीत, Roblox उपयोगकर्ताओं द्वारा बनाए गए अनुभवों को प्रकाशित होने के बाद हानिकारक सामग्री के लिए पहचानने के कई उपकरणों का इस्तेमाल करता था।
Minecraft में तीसरे पक्ष के सर्वरों से जुड़े कुछ जोखिमों की पहचान के लिए सक्रिय स्कैनिंग और उपयोगकर्ताओं की रिपोर्ट का सहारा लिया जाता था।
वहीं Valve प्रकाशित होने वाले गेम्स की समीक्षा प्रक्रिया अपनाती थी, लेकिन प्रकाशित गेम्स में गैर-कानूनी सामग्री की पहचान के लिए मुख्य रूप से उपयोगकर्ताओं की रिपोर्ट पर निर्भर थी।
इन अलग-अलग तरीकों के कारण eSafety ने गेमिंग उद्योग में सुरक्षा प्रक्रियाओं को अधिक समान और मजबूत बनाने की जरूरत बताई।
जांच में उम्र की पुष्टि यानी Age Assurance को भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा पाया गया।
जांच अवधि के दौरान Steam और Steam Chat उपयोगकर्ताओं से उनकी उम्र खुद बताने पर निर्भर थे। इन सेवाओं में यह जांचने के लिए पर्याप्त उम्र संबंधी जानकारी एकत्र नहीं की जाती थी कि कोई उपयोगकर्ता बच्चा है या वयस्क।
Minecraft और Fortnite भी काफी हद तक उपयोगकर्ताओं द्वारा बताई गई उम्र पर निर्भर थे। हालांकि, इन दोनों सेवाओं में बच्चों के खातों के लिए कुछ अतिरिक्त सुरक्षा उपाय उपलब्ध थे।
दिसंबर 2025 से Roblox ने ऑस्ट्रेलियाई उपयोगकर्ताओं के लिए अधिक मजबूत उम्र-पुष्टि उपाय लागू करना शुरू किया। इसमें वयस्क के रूप में पहचाने गए उपयोगकर्ताओं के लिए कुछ अधिक जोखिम वाली सुविधाओं पर प्रतिबंध शामिल थे।
ई-सेफ़्टी ने यह भी देखा कि गेमिंग कंपनियां ऑनलाइन सुरक्षा खतरों से जुड़ी जानकारी एक-दूसरे के साथ किस तरह साझा करती हैं।
Minecraft का संचालन करने वाली Mojang Studios ने कई उद्योग-स्तरीय सूचना साझा करने वाली पहलों में भाग लिया। Roblox ने Lantern पहल के माध्यम से सुरक्षा संकेत साझा किए और बच्चों की सुरक्षा तथा हिंसक चरमपंथ से जुड़े रुझानों पर Discord के साथ भी काम किया।
Epic Games ने कुछ पहलों में भाग लिया, लेकिन उसने Lantern के माध्यम से बाल यौन शोषण और दुर्व्यवहार से जुड़े कुछ संकेत साझा नहीं किए।
नियामक के अनुसार, Valve ने जांच में शामिल की गई सूचना-साझाकरण पहलों में भाग नहीं लिया।
यह रिपोर्ट Roblox से जुड़ी पहले की नियामकीय कार्रवाई के बाद सामने आई है। अगस्त 2026 में eSafety ने Roblox से अदालत द्वारा लागू किए जा सकने वाले एक समझौते को स्वीकार किया था।
इसके तहत कंपनी को ऑस्ट्रेलियाई बच्चों को गूमिंग और यौन शोषण से बचाने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू करने थे।
नियामक ने इससे पहले कुछ ऐसे मुद्दों की पहचान की थी, जिनमें वयस्कों द्वारा युवा ऑस्ट्रेलियाई उपयोगकर्ताओं को संपर्क अनुरोध भेजना और बच्चों की प्रोफाइल से जुड़ी कुछ जानकारी का दिखाई देना शामिल था।
Roblox ने कहा था कि वह अपने ऑस्ट्रेलियाई समुदाय की सुरक्षा को प्राथमिकता देता है और अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।
आज के ऑनलाइन गेम केवल गेम खेलने तक सीमित नहीं हैं। इनमें मैसेजिंग, वॉयस चैट, सोशल कम्युनिटी और उपयोगकर्ताओं द्वारा बनाया गया कंटेंट भी शामिल होता है।
इस वजह से बच्चे गेमिंग के दौरान ऐसे लोगों और सामग्री के संपर्क में आ सकते हैं, जो पारंपरिक गेमिंग अनुभव का हिस्सा नहीं होते।
eSafety ने पहले भी चेतावनी दी है कि अपराधी कभी-कभी गेमिंग प्लेटफॉर्म के जरिए बच्चों से शुरुआती संपर्क स्थापित कर सकते हैं और बाद में बातचीत को दूसरे निजी मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर ले जाने की कोशिश कर सकते हैं।
इसी कारण नियामक गेमिंग कंपनियों से मजबूत Safety by Design व्यवस्था अपनाने की मांग कर रहा है, ताकि बच्चों के सामने खतरा आने से पहले ही उसकी पहचान और रोकथाम की जा सके।
eSafety Commissioner जूली इनमैन ग्रांट ने कहा कि बच्चों को ऑनलाइन गेमिंग सेवाओं का इस्तेमाल करते समय शिकारियों, यौन ब्लैकमेल या हिंसक चरमपंथी सामग्री जैसे खतरों से बचाया जाना चाहिए।
नियामक ने गेमिंग कंपनियों से सक्रिय खतरा पहचान, उम्र की बेहतर पुष्टि, मजबूत मॉडरेशन और सूचना साझा करने की व्यवस्था सुधारने को कहा है।
eSafety ने यह भी माना कि पारदर्शिता नोटिस मिलने के बाद कई कंपनियों ने अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए हैं। हालांकि, नियामक के अनुसार पूरे उद्योग में अभी भी महत्वपूर्ण सुधार की जरूरत है।
माता-पिता गेमिंग प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध सुरक्षा सुविधाओं का इस्तेमाल करके बच्चों के ऑनलाइन अनुभव को अधिक सुरक्षित बनाने में मदद कर सकते हैं।
eSafety माता-पिता को गेम की उम्र सीमा, प्राइवेसी सेटिंग, रिपोर्ट करने की सुविधा और पैरेंटल कंट्रोल की जांच करने की सलाह देता है।
प्लेटफॉर्म के अनुसार इन सुविधाओं से खरीदारी सीमित करने, अनजान लोगों के साथ बातचीत को नियंत्रित करने और बच्चों के गेम खेलने के समय को प्रबंधित करने में मदद मिल सकती है।
इन तकनीकी उपायों के साथ बच्चों से ऑनलाइन बातचीत, अनजान लोगों से संपर्क और संदिग्ध गतिविधियों के बारे में खुलकर बात करना भी महत्वपूर्ण है।
ऑस्ट्रेलिया की यह रिपोर्ट दिखाती है कि दुनिया की लोकप्रिय गेमिंग सेवाओं में भी बच्चों की सुरक्षा के मानक एक जैसे नहीं हैं। Steam, Roblox, Fortnite और Minecraft की व्यवस्थाओं में सक्रिय पहचान, उम्र की पुष्टि, मॉडरेशन और सुरक्षा संबंधी जानकारी साझा करने के तरीकों में अंतर पाया गया है।
इन निष्कर्षों के बाद गेमिंग कंपनियों पर बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को मजबूत करने का दबाव बढ़ सकता है। खासतौर पर स्वचालित पहचान प्रणाली, उम्र की पुष्टि, सामग्री मॉडरेशन और अन्य प्लेटफॉर्म के साथ सुरक्षा संबंधी सहयोग को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जा सकता है।
बच्चों और परिवारों के लिए मुख्य उद्देश्य ऐसे ऑनलाइन गेमिंग वातावरण को बढ़ावा देना है, जहां मनोरंजन और सामाजिक संपर्क के साथ गंभीर ऑनलाइन खतरों से बचाव के लिए मजबूत सुरक्षा उपाय भी मौजूद हों।