वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने कहा कि व्हाइट गुड्स के लिए प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम के चौथे राउंड में मिले 13 आवेदनों के मूल्यांकन के बाद पांच कंपनियों का प्रोविजनल सिलेक्शन किया गया है। इन आवेदकों ने ₹863 करोड़ के निवेश का वादा किया है, और ये सभी एयर कंडीशनर (AC) कंपोनेंट्स बनाने का काम करते हैं।
चुनी गई कंपनियों—किर्लोस्कर न्यूमैटिक, इंडो-एशिया कॉपर, गोदरेज एंड बॉयस मैन्युफैक्चरिंग, क्रायोन टेक्नोलॉजी और प्रणव विकास (इंडिया)—से उम्मीद है, कि वे FY 2027–28 तक कुल ₹8,337.24 करोड़ का प्रोडक्शन करेंगी और 1,799 अतिरिक्त डायरेक्ट नौकरियां पैदा करेंगी।
मंत्रालय के अनुसार कुल मिलाकर व्हाइट गुड्स (एयर कंडीशनर और LED लाइट्स) के लिए PLI स्कीम के तहत चुनी गई 85 कंपनियों से उम्मीद ,है कि वे ₹11,198 करोड़ का निवेश करेंगी और स्कीम की अवधि में कुल ₹1,90,050 करोड़ का प्रोडक्शन करेंगी। लेटेस्ट राउंड के आठ आवेदकों को विस्तृत जांच और सिफारिशों के लिए एक्सपर्ट्स की कमेटी (CoE) के पास भेजा गया है।
इस पहल का मकसद घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को मजबूत करना और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है। इस स्कीम के तहत AC मैन्युफैक्चरर्स कंप्रेसर, कॉपर ट्यूब, इनडोर और आउटडोर यूनिट के लिए कंट्रोल असेंबली, हीट एक्सचेंजर और BLDC मोटर जैसे कंपोनेंट्स बनाएंगे। LED लाइट्स के लिए LED चिप पैकेजिंग, ड्राइवर, इंजन, लाइट मैनेजमेंट सिस्टम और कैपेसिटर के लिए मेटलाइज्ड फिल्म जैसे कंपोनेंट्स देश में ही बनाए जाएंगे।
केंद्रीय कैबिनेट ने 7 अप्रैल 2021 को व्हाइट गुड्स (एयर कंडीशनर और LED लाइट्स) के लिए PLI स्कीम को मंजूरी दी थी, जिसका कुल खर्च ₹6,238 करोड़ था, जिसे FY 2021–22 से FY 2028–29 तक लागू किया जाना है। इस स्कीम को बाद में डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (DPIIT) ने 16 अप्रैल 2021 को नोटिफाई किया था।
PLI Scheme का मकसद एक मजबूत घरेलू कंपोनेंट इकोसिस्टम बनाना और भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित करना है। यह एक साल की शुरुआती अवधि के बाद पांच साल के लिए बढ़ी हुई बिक्री पर 6% से 4% तक का इंसेंटिव देती है, जिससे घरेलू वैल्यू एडिशन मौजूदा 20–25% से बढ़कर 75–80% होने की उम्मीद है।
सरकार के वाणिज्य मंत्रालय ने ऑफिसियल तौर पर यह जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने किरलोस्कर न्यूमैटिक, इंडो एशिया कॉपर लिमिटेड, गोडरेज एंड बॉयस, क्रायोन टेक्नोलॉजी और प्रणव विकास (इंडिया) को व्हाइट गुड्स (एसी और एलईडी लाइट्स) के लिए PLI योजना की चौथी राउंड में प्राप्त 13 आवेदनों की जांच के बाद, 863 करोड़ रुपये के निवेश के लिए अस्थायी रूप से चुना गया है। इन कंपनियों में सरकार का निवेश कुछ इस तरह होगा।
> किर्लोस्कर न्यूमैटिक (320 करोड़ रुपये का निवेश)
> इंडो एशिया कॉपर (258.97 करोड़ रुपये का निवेश)
> क्रायोन टेक्नोलॉजी (175 करोड़ रुपए का निवेश)
> गोडरेज एंड बॉयस मैन्युफैक्चरिंग कंपनी (58.69 करोड़ रुपये का निवेश)
> प्रणव विकास इंडिया (50 करोड़ रुपए का निवेश)