कोल इंडिया की सब्सिडियरी कंपनी CMPDI का IPO आज से खुला

41
20 Mar 2026
7 min read

News Synopsis

सरकारी कंपनी कोल इंडिया की सब्सिडियरी सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट (CMPDIL) का IPO आज 20 मार्च को खुल गया है और इसमें 24 मार्च तक सब्सक्राइब किया जा सकता है। सेंट्रल माइन प्लानिंग ने अपने IPO के लिए प्राइस बैंड 163 से 172 रुपये प्रति शेयर तय किया है। IPO खुलने से पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से 470 करोड़ रुपये जुटाए हैं। कंपनी के शेयर 30 मार्च को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होंगे।

आईपीओ साइज और वैल्युएशन

आईपीओ का साइज 1,842 करोड़ रुपये है, और यह पूरी तरह से ओएफएस (OFS) है। अपर प्राइस बैंड के हिसाब से कंपनी का कुल वैल्युएशन करीब 12,280 करोड़ रुपये आंका गया है। लॉट साइज 80 शेयरों का है। BSE की वेबसाइट पर जारी सर्कुलर के अनुसार एंकर निवेशकों में लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (LIC), निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड, एडेलवाइस म्यूचुअल फंड, ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, बेरिंग प्राइवेट इक्विटी इंडिया फंड, जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और एडेलवाइस लाइफ इंश्योरेंस कंपनी शामिल हैं।

किसके लिए कितना रिजर्व

कंपनी ने बताया कि इस इश्यू का 50% हिस्सा बड़े संस्थागत निवेशकों के लिए, 35% रिटेल निवेशकों के लिए और बाकी 15% नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व रखा गया है। कंपनी की स्थापना 1975 में कोल इंडिया की पूरी तरह से स्वामित्व वाली सहायक कंपनी के रूप में हुई थी।

सेंट्रल माइन प्लानिंग: लेटेस्ट GMP

इस IPO का लेटेस्ट GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) 4 रुपये है। IPO के अपर प्राइस बैंड 172 और रुपये मौजूदा GMP को देखते हुए, शेयर की अनुमानित लिस्टिंग कीमत करीब 176 रुपये पर हो सकती है, जो IPO कीमत से लगभग 2.33% ज्यादा है।

स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट: सब्सक्राइब रेटिंग

ब्रोकरेज हाउस स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट ने आईपीओ पर सब्सक्राइब रेटिंग दी है। ब्रोकरेज के अनुसार कंपनी का मुनाफा लगातार बढ़ रहा है, और उस पर कोई कर्ज नहीं है, जिससे निवेशकों को भरोसा मिलता है। आईपीओ की कीमत 18.4x P/E पर रखी गई है, जिसे मजबूत कमाई और लगभग 42% के ऊंचे EBITDA मार्जिन का समर्थन मिल रहा है।

रिस्क फैक्टर: ब्रोकरेज का कहना है, कि शॉर्ट से मिड टर्म के लिए यह एक अच्छा विकल्प हो सकता है, क्योंकि इसकी वैल्यूएशन कम है, और कंपनी कर्ज मुक्त है। हालांकि निवेशकों को कुछ रिस्क फैक्टर का भी ध्यान रखना चाहिए, जैसे कि यह IPO पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल है, और कंपनी की 90% से ज्यादा कमाई कोल इंडिया पर निर्भर है।

अरिहंत कैपिटल: न्यूट्रल रेटिंग

अरिहंत कैपिटल ने इस IPO को न्यूट्रल रेटिंग दी है। एनालिस्ट के अनुसार मिड टर्म में कंपनी को फायदा मिल सकता है, क्योंकि भारत सरकार देश में कोयला उत्पादन बढ़ाने और खनिज ब्लॉक्स की नीलामी पर जोर दे रही है। कंपनी अब कोयला और अन्य खनिजों के लिए वन-स्टॉप कंसल्टेंसी बनने की दिशा में काम कर रही है। साथ ही इसका बिजनेस मॉडल ऐसा है, जिसमें ज्यादा कैश की जरूरत नहीं होती, जिससे नियमित कैश फ्लो बना रहता है।

रिस्क फैक्टर: हालांकि कंपनी की ग्रोथ पर उसके पैरेंट कंपनी कोल इंडिया पर ज्यादा निर्भरता और दुनिया भर में एनर्जी के बदलते ट्रेंड का जोखिम भी है। 172 रुपये के अपर प्राइस पर यह IPO 21.65x P/E रेश्यो पर वैल्यूड है, जो FY26 के अनुमानित EPS 7.94 रुपये के आधार पर है।

क्या करती है, कंपनी

कंपनी कोयला और अन्य खनिजों की खोज से जुड़ी सभी तरह की कंसल्टिंग और सपोर्ट सेवाएं देती है। इसके अलावा यह माइन प्लानिंग और डिजाइन की सेवाएं भी प्रदान करती है। कंपनी की सेवाओं में इंफ्रास्ट्रक्चर इंजीनियरिंग, पर्यावरण प्रबंधन, जियोमैटिक्स, खास तकनीकी सेवाएं और मैनेजमेंट सिस्टम भी शामिल हैं, जो मुख्य रूप से कोयला और अन्य खनिज क्षेत्रों पर केंद्रित हैं। वित्तीय रूप से FY25 में कंपनी की ऑपरेशनल आय 2,103 करोड़ रुपये रही और नेट प्रॉफिट 667 करोड़ रुपये रहा।

Podcast

TWN Special