भारत में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ChargeZone और Tata.ev ने मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे पर एक हाई-कैपेसिटी चार्जिंग हब लॉन्च किया है। यह नई सुविधा लंबी दूरी की EV यात्रा को तेज, सुविधाजनक और अधिक सुलभ बनाने का लक्ष्य रखती है।
ChargeZone और Tata.ev ने मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे के फूड मॉल क्षेत्र में स्थित खालापुर में एक को-ब्रांडेड मेगा चार्जिंग हब का उद्घाटन किया है। यह स्थान भारी यातायात और यात्रियों के लिए लोकप्रिय ठहराव होने के कारण रणनीतिक रूप से चुना गया है।
यह चार्जिंग हब कुल 720 kW की स्थापित क्षमता के साथ आता है, जो इसे इस क्षेत्र के सबसे शक्तिशाली सार्वजनिक EV चार्जिंग स्टेशनों में से एक बनाता है। इसमें पांच एडवांस चार्जिंग डिस्पेंसर हैं, जो कुल मिलाकर दस चार्जिंग पॉइंट्स प्रदान करते हैं। ये चार्जर 360 kW तक की बूस्ट मोड स्पीड देने में सक्षम हैं, जिससे संगत EVs को बहुत तेजी से चार्ज किया जा सकता है।
खालापुर हब सिर्फ तेज चार्जिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उपयोगकर्ता सुविधा पर भी विशेष ध्यान देता है। यह एक विकसित हाईवे रेस्ट स्टॉप पर स्थित है, जहां रेस्टोरेंट, रिटेल आउटलेट्स और पर्याप्त पार्किंग की सुविधा उपलब्ध है।
इससे EV उपयोगकर्ता अपने चार्जिंग समय का उपयोग खाने, खरीदारी करने या आराम करने में कर सकते हैं।
यह हब एक साथ 10 वाहनों को चार्ज करने की क्षमता रखता है, जिससे पीक ट्रैफिक के दौरान प्रतीक्षा समय कम होता है। यह सुविधा विशेष रूप से मुंबई–पुणे जैसे व्यस्त मार्ग पर बेहद उपयोगी है।
इसके अलावा Tata.ev ग्राहकों को यहां 25 प्रतिशत तक की छूट भी दी जा रही है, जिससे EV चार्जिंग अधिक किफायती बनती है और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने को बढ़ावा मिलता है।
खालापुर चार्जिंग हब, ChargeZone और Tata.ev के बीच साझेदारी के तहत स्थापित किया गया 75वां हब है। यह पहल भारत के प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों पर 100 से अधिक मेगा चार्जिंग हब स्थापित करने के लक्ष्य का हिस्सा है।
इस योजना का उद्देश्य एक विश्वसनीय और व्यापक चार्जिंग नेटवर्क तैयार करना है, जो इंटरसिटी EV यात्रा को आसान बनाए। यह पहल EV उपयोगकर्ताओं की सबसे बड़ी चिंता—रेंज एंग्जायटी—को कम करने में मदद करेगी।
ChargeZone के CEO Kartikey Hariyani ने हाईवे चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को “इंटरसिटी इलेक्ट्रिफिकेशन की रीढ़” बताया। उन्होंने कहा कि खालापुर हब देश में सार्वजनिक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक नया मानक स्थापित करता है।
Tata Passenger Electric Mobility Ltd. के चीफ कमर्शियल ऑफिसर Vivek Srivatsa ने कहा कि यह साझेदारी एक ऐसे चार्जिंग नेटवर्क के निर्माण का हिस्सा है, जो तेज, विश्वसनीय और सुलभ हो। उन्होंने यह भी बताया कि Tata.ev के पास पहले से ही पूरे भारत में 200 से अधिक सक्रिय मेगा चार्जिंग हब हैं।
ChargeZone ने EV चार्जिंग सेक्टर में तेजी से अपनी मौजूदगी बढ़ाई है। कंपनी वर्तमान में भारत और UAE में 15,000 से अधिक चार्जिंग पॉइंट्स और 1,200 से ज्यादा लोकेशंस पर काम कर रही है।
गुजरात के वडोदरा में मुख्यालय वाली यह कंपनी स्मार्ट-ग्रिड आधारित हाई-स्पीड चार्जिंग समाधान प्रदान करती है। इसका नेटवर्क पैसेंजर कारों, बसों और ट्रकों सहित विभिन्न प्रकार के इलेक्ट्रिक वाहनों को सपोर्ट करता है।
Tata Motors अपनी इलेक्ट्रिक डिवीजन Tata.ev के माध्यम से भारत के चार-पहिया EV बाजार में अग्रणी बना हुआ है।
कंपनी ने शहरी और हाईवे दोनों उपयोग के लिए उपयुक्त EV मॉडल पेश करके इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को लोकप्रिय बनाने में अहम भूमिका निभाई है।
वाहनों के साथ-साथ चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश करके Tata Motors ग्राहकों को बेहतर EV अनुभव देने की दिशा में काम कर रही है।
खालापुर मेगा चार्जिंग हब का लॉन्च केवल एक नई सुविधा नहीं है, बल्कि यह भारत में सतत परिवहन की दिशा में एक बड़ा कदम है।
जैसे-जैसे EV अपनाने की गति बढ़ रही है, तेज और विश्वसनीय चार्जिंग नेटवर्क की आवश्यकता भी बढ़ती जा रही है।
इस तरह के हाई-कैपेसिटी हब उपभोक्ताओं के विश्वास को बढ़ाते हैं और लंबी दूरी की EV यात्रा को अधिक व्यावहारिक बनाते हैं।
निष्कर्ष:
ChargeZone और Tata.ev की साझेदारी भारत के EV इंफ्रास्ट्रक्चर को नई दिशा दे रही है। खालापुर हब अपनी उन्नत तकनीक, रणनीतिक स्थान और उपयोगकर्ता-केंद्रित डिजाइन के साथ देश में हाईवे चार्जिंग के भविष्य को दर्शाता है।
जैसे-जैसे यह नेटवर्क 100+ हब के लक्ष्य की ओर बढ़ेगा, इस तरह की पहलें भारत को स्वच्छ और टिकाऊ मोबिलिटी की ओर तेजी से आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।