रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) से जुड़ी डिजिटल और दूरसंचार कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) ने भारतीय शेयर बाजार में अपनी शुरुआत का जश्न बड़े स्तर पर मनाया। बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को मुंबई के प्रसिद्ध वानखेड़े स्टेडियम में शानदार ड्रोन शो आयोजित किया गया। इस दौरान आसमान में रंग-बिरंगी रोशनी और ड्रोन की अलग-अलग आकृतियों के माध्यम से जियो की उपलब्धियों को दिखाया गया।
कंपनी के शेयरों ने भी पहले कारोबारी दिन शानदार प्रदर्शन किया। जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर ₹1,119 के निर्गम मूल्य के मुकाबले ₹1,358 पर सूचीबद्ध हुए और दिन के अंत में ₹1,417.35 पर बंद हुए। इस तरह शेयरों ने पहले ही दिन निर्गम मूल्य से 26.66 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की।
इस अवसर पर रिलायंस समूह ने अपने कर्मचारियों के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए। कंपनी ने कर्मचारियों को समय से पहले वेतन देने के साथ वार्षिक प्रोत्साहन राशि का बड़ा हिस्सा भी वितरित किया।
मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में आयोजित ड्रोन शो जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर बाजार में प्रवेश के जश्न का प्रमुख आकर्षण रहा।
इस कार्यक्रम का आयोजन बॉटलैब डायनेमिक्स (BotLab Dynamics) ने किया। शो के दौरान बड़ी संख्या में ड्रोन ने आपसी तालमेल के साथ आसमान में अलग-अलग आकृतियां बनाईं।
इन आकृतियों के माध्यम से जियो की विकास यात्रा, रिलायंस समूह की भविष्य की योजनाओं और डिजिटल भारत की संभावनाओं को दर्शाया गया।
जियो ने पिछले कुछ वर्षों में भारत में मोबाइल इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
ड्रोन शो के माध्यम से कंपनी की इसी यात्रा और तकनीक के क्षेत्र में उसकी बढ़ती मौजूदगी को सामने लाने का प्रयास किया गया।
यह आयोजन जियो के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) को निवेशकों से मिली मजबूत प्रतिक्रिया के बाद किया गया।
प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों में तेजी के बाद कुल बाजार मूल्य के मामले में रिलायंस समूह ने टाटा समूह को पीछे छोड़ दिया।
हालांकि, समूहों के बाजार मूल्य की तुलना शेयर कीमतों में बदलाव के साथ बदल सकती है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने जियो प्लेटफॉर्म्स की शेयर बाजार में शुरुआत के अवसर पर कर्मचारियों के लिए एक बड़े समारोह का आयोजन किया।
यह कार्यक्रम रिलायंस कॉरपोरेट पार्क में आयोजित किया गया, जिसमें हजारों कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों ने हिस्सा लिया।
समारोह में कर्मचारियों के मनोरंजन के लिए कई विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं।
यहां लोकप्रिय स्ट्रीट फूड के स्टॉल लगाए गए। इसके अलावा नृत्य प्रस्तुतियों और संगीत कार्यक्रमों का भी आयोजन हुआ।
कार्यक्रम में भक्ति संगीत के साथ आधुनिक संगीत की धुनों का भी आनंद लिया गया।
इस आयोजन का उद्देश्य कंपनी की महत्वपूर्ण उपलब्धि में कर्मचारियों की भूमिका को पहचान देना और उनके साथ खुशी साझा करना था।
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ का जश्न केवल कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहा। रिलायंस समूह ने कर्मचारियों को आर्थिक लाभ भी दिए।
कंपनी ने अक्टूबर महीने का वेतन निर्धारित समय से पहले 15 अक्टूबर 2026 को जारी कर दिया था।
इसके बाद 28 अक्टूबर को कर्मचारियों को वित्त वर्ष 2026-27 के वार्षिक नकद बोनस या प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन राशि का 75 प्रतिशत हिस्सा भी दिया गया।
आमतौर पर इस तरह की प्रोत्साहन राशि वित्त वर्ष समाप्त होने के बाद कंपनी की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार दी जाती है।
लेकिन इस बार रिलायंस ने जियो की शेयर बाजार में सफल शुरुआत के अवसर पर इसका बड़ा हिस्सा पहले ही वितरित कर दिया।
कंपनी के इस कदम को जियो की विकास यात्रा में कर्मचारियों के योगदान को मान्यता देने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
इससे शेयर बाजार में कंपनी की शुरुआत का जश्न कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए भी विशेष बन गया।
जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर 28 अक्टूबर 2026 को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर सूचीबद्ध हुए।
कंपनी के आईपीओ का निर्गम मूल्य ₹1,119 प्रति शेयर निर्धारित किया गया था। इसके मुकाबले शेयर ₹1,358 पर खुले। इस तरह निवेशकों को सूचीबद्ध होते ही 21.36 प्रतिशत का लाभ मिला।
प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार, बीएसई पर जियो प्लेटफॉर्म्स का शेयर ₹1,417.35 पर बंद हुआ। यह आईपीओ मूल्य से 26.66 प्रतिशत अधिक था।
कारोबार के दौरान शेयर ₹1,423.80 के उच्चतम स्तर तक भी पहुंचा। यह निर्गम मूल्य से लगभग 27.23 प्रतिशत की बढ़त थी।
हालांकि, कुछ अन्य बाजार रिपोर्टों में बंद भाव ₹1,419 बताया गया है। इसलिए प्रकाशन से पहले संबंधित शेयर बाजार के आधिकारिक आंकड़ों से अंतिम बंद भाव की पुष्टि करना उचित होगा।
जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ ₹30,213 करोड़ का था। इसे निवेशकों से बड़ी संख्या में आवेदन मिले।
यह सार्वजनिक निर्गम कुल 22.19 गुना सब्सक्राइब हुआ। सार्वजनिक निर्गम और एंकर निवेशकों की मांग मिलाकर कुल निवेश रुचि ₹7.4 लाख करोड़ से अधिक रही। आवेदन की संख्या लगभग 1.39 करोड़ तक पहुंची।
लगभग 3.1 से 3.2 अरब डॉलर के आकार वाला यह निर्गम भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बना। इसने आकार के मामले में पिछले प्रमुख सार्वजनिक निर्गमों को पीछे छोड़ दिया।
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विवरण |
जानकारी |
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आईपीओ का आकार |
₹30,213 करोड़ |
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मूल्य सीमा |
₹1,065 से ₹1,119 |
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अंतिम निर्गम मूल्य |
₹1,119 |
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नए शेयरों की संख्या |
27 करोड़ |
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आवेदन शुरू |
21 अक्टूबर 2026 |
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आवेदन समाप्त |
23 अक्टूबर 2026 |
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शेयर बाजार में सूचीबद्ध |
28 अक्टूबर 2026 |
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कुल सब्सक्रिप्शन |
22.19 गुना |
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शुरुआती शेयर मूल्य |
₹1,358 |
इस आईपीओ के अंतर्गत कंपनी ने लगभग 27 करोड़ नए शेयर जारी किए। इसमें मौजूदा शेयरधारकों की ओर से शेयर बिक्री का हिस्सा शामिल नहीं था।
इस तरह जियो प्लेटफॉर्म्स का सार्वजनिक निर्गम पूरी तरह नए शेयर जारी करने पर आधारित था।
जियो प्लेटफॉर्म्स का शेयर बाजार में प्रवेश रिलायंस समूह के लिए एक महत्वपूर्ण कारोबारी उपलब्धि है।
कंपनी दूरसंचार, इंटरनेट कनेक्टिविटी और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में काम करती है। शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने के बाद आम निवेशकों को भी इसके कारोबार में सीधे निवेश करने का अवसर मिला है।
इससे कंपनी के प्रदर्शन का मूल्यांकन अब शेयर बाजार के माध्यम से भी होगा।
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ ने भारतीय शेयर बाजार में एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। निवेशकों की मजबूत मांग और पहले दिन शेयरों में 26 प्रतिशत से अधिक बढ़त ने इसकी शुरुआत को विशेष बनाया।
वानखेड़े स्टेडियम का ड्रोन शो, कर्मचारियों के लिए आयोजित समारोह और समय से पहले दिए गए प्रोत्साहन भुगतान इस अवसर के प्रमुख आकर्षण रहे।
हालांकि, शेयरों की शुरुआती तेजी भविष्य में समान लाभ की गारंटी नहीं देती। कंपनी का आगे का प्रदर्शन उसके कारोबार, प्रतिस्पर्धा और बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।