भारत इस वर्ष अपनी BRICS अध्यक्षता के तहत 17 से 21 अगस्त तक पुणे में BRICS ICT Track की मेजबानी करेगा। दूरसंचार विभाग (Department of Telecommunications - DoT) द्वारा आयोजित किए जा रहे इस पांच दिवसीय कार्यक्रम में BRICS देशों के संचार मंत्री, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) क्षेत्र के विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सूचना और संचार प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में BRICS देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करना है। पांच दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में डिजिटल तकनीक, साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल कौशल, स्टार्टअप, अगली पीढ़ी की कनेक्टिविटी और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी।
कार्यक्रम की थीम “Innovate, Cooperate and Transform (ICT) for a Resilient Future” यानी “एक मजबूत और लचीले भविष्य के लिए नवाचार, सहयोग और परिवर्तन” रखी गई है। इस थीम के माध्यम से सुरक्षित, समावेशी, टिकाऊ और मजबूत डिजिटल इकोसिस्टम विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।
BRICS वर्तमान में 11 उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं का समूह है। इसमें ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) शामिल हैं।
ICT Track के दौरान इन देशों के प्रतिनिधि डिजिटल तकनीक और दूरसंचार से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपने अनुभव साझा करेंगे। इसका उद्देश्य ऐसी नीतियों और सहयोगी पहलों को बढ़ावा देना है, जिनसे सभी देशों के नागरिकों को बेहतर और सुरक्षित डिजिटल सेवाएं मिल सकें।
BRICS ICT Track के तहत तीन प्रमुख कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें 7वीं BRICS Working Group Meeting for Cooperation in ICTs, Digital BRICS Forum and Expo और 12वीं BRICS Communications Ministers Meeting शामिल हैं।
इन तीनों कार्यक्रमों के माध्यम से डिजिटल सहयोग को बढ़ाने, नई तकनीकों को अपनाने और भविष्य के लिए मजबूत ICT इकोसिस्टम तैयार करने पर विचार किया जाएगा।
BRICS ICT Track की शुरुआत 17 से 19 अगस्त के बीच होने वाली 7वीं BRICS ICT Working Group Meeting से होगी। इस बैठक में BRICS देशों के प्रतिनिधि डिजिटल कनेक्टिविटी और ICT विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
बैठक में ऐसे ICT इकोसिस्टम तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जो सभी लोगों को सार्वभौमिक, सार्थक, किफायती, टिकाऊ और भरोसेमंद कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने में मदद करें।
बैठक के दौरान सुरक्षित और भरोसेमंद डिजिटल वातावरण विकसित करने पर भी चर्चा होगी। इसके साथ ही डिजिटल कौशल बढ़ाने और क्षमता निर्माण के उपायों पर विचार किया जाएगा।
BRICS देश ICT क्षेत्र में नवाचार, स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए सहयोग के नए रास्ते तलाशेंगे। इसका उद्देश्य नई तकनीकों पर आधारित व्यवसायों और डिजिटल समाधानों को प्रोत्साहित करना है।
बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), अगली पीढ़ी की संचार तकनीक, Digital Public Infrastructure (DPI), साइबर सुरक्षा और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा जैसे विषय भी महत्वपूर्ण रहेंगे।
इसके अलावा डिजिटल इकोसिस्टम में सहयोग बढ़ाने और नई तकनीकों के सुरक्षित एवं जिम्मेदार इस्तेमाल पर भी विचार किया जाएगा। तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया को देखते हुए इन विषयों को डिजिटल भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
BRICS ICT Track का दूसरा प्रमुख कार्यक्रम Digital BRICS Forum and Expo होगा, जिसका आयोजन 20 अगस्त को किया जाएगा। यह मंच उभरती डिजिटल तकनीकों और मजबूत ICT इकोसिस्टम के क्षेत्र में BRICS देशों के बीच सहयोग को प्रदर्शित करने का अवसर देगा।
फोरम में डिजिटल तकनीक से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों के बीच चर्चा होगी। इसमें साइबर सुरक्षा, भरोसेमंद ICT, बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा और टिकाऊ एवं मजबूत डिजिटल इकोसिस्टम जैसे विषय शामिल होंगे।
यह एक्सपो नई तकनीकों, डिजिटल समाधानों और BRICS देशों के बीच तकनीकी सहयोग की संभावनाओं को सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
BRICS ICT Track का तीसरा और महत्वपूर्ण कार्यक्रम 12वीं BRICS Communications Ministers Meeting होगा। यह बैठक 21 अगस्त को आयोजित की जाएगी।
भारत की ओर से केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया Union Minister for Communications and Development of North Eastern Region Jyotiraditya M. Scindia इस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
बैठक में BRICS देशों के संचार मंत्री ICT Track के दौरान हुई चर्चाओं और तय की गई प्राथमिकताओं की समीक्षा करेंगे। साथ ही डिजिटल तकनीक और दूरसंचार के क्षेत्र में भविष्य के सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की जाएगी।
संचार मंत्रियों की बैठक में टिकाऊ और मजबूत ICT इकोसिस्टम, साइबर सुरक्षा और भरोसेमंद डिजिटल तकनीक जैसे विषयों को प्राथमिकता मिलने की उम्मीद है।
इसके साथ ही डिजिटल स्किलिंग, क्षमता निर्माण, नवाचार, स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा देने पर भी विचार किया जाएगा। इन क्षेत्रों में सहयोग से BRICS देशों को डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और नई तकनीकों से पैदा होने वाले अवसरों का लाभ उठाने में मदद मिल सकती है।
पुणे में BRICS ICT Track की मेजबानी भारत की वर्ष 2026 की BRICS अध्यक्षता के तहत तकनीकी और डिजिटल सहयोग को मजबूत करने की व्यापक कोशिशों का हिस्सा है।
भारत डिजिटल नवाचार और तकनीक आधारित विकास को बढ़ावा देने के साथ-साथ समावेशी और टिकाऊ विकास पर भी जोर दे रहा है। BRICS देशों के साथ सहयोग के माध्यम से भारत सुरक्षित, भरोसेमंद और मजबूत डिजिटल इकोसिस्टम के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है।
संचार मंत्रालय के अनुसार, यह कार्यक्रम डिजिटल नवाचार और तकनीक आधारित विकास के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। साथ ही यह BRICS साझेदार देशों के साथ मिलकर ऐसा डिजिटल भविष्य तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो सुरक्षित, समावेशी, टिकाऊ और सभी के लिए उपयोगी हो।
BRICS ICT Track के दौरान होने वाली चर्चाएं न केवल सदस्य देशों के बीच तकनीकी सहयोग को बढ़ा सकती हैं, बल्कि AI, साइबर सुरक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी और डिजिटल कौशल जैसे क्षेत्रों में भविष्य की साझेदारी के लिए भी आधार तैयार कर सकती हैं।