भारत में पर्यावरण के अनुकूल माल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन (Amazon) और वाहन निर्माता टाटा मोटर्स (Tata Motors) ने एक महत्वपूर्ण साझेदारी की घोषणा की है। इसके तहत अमेजन के भारतीय परिवहन नेटवर्क में 3,000 इलेक्ट्रिक ट्रक शामिल करने की योजना बनाई गई है। कंपनियों के अनुसार, यह देश में किसी ई-कॉमर्स कंपनी द्वारा इलेक्ट्रिक ट्रकों की सबसे बड़ी प्रस्तावित तैनाती है।
इस पहल का उद्देश्य माल ढुलाई में डीजल से चलने वाले वाहनों पर निर्भरता कम करना और इलेक्ट्रिक परिवहन को बढ़ावा देना है। इन ट्रकों का इस्तेमाल गोदामों, वितरण केंद्रों और विभिन्न शहरों के बीच ग्राहकों के सामान को पहुंचाने के लिए किया जाएगा।
योजना के पहले चरण की शुरुआत दिल्ली से होगी। मंगलवार को केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने दिल्ली में टाटा के इलेक्ट्रिक ट्रकों के पहले समूह को हरी झंडी दिखाई।
यह साझेदारी भारत में स्वच्छ परिवहन व्यवस्था विकसित करने और माल ढुलाई से होने वाले प्रदूषण को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
इस समझौते के अंतर्गत टाटा मोटर्स, अमेजन की माल परिवहन संबंधी जरूरतों के लिए इलेक्ट्रिक ट्रक उपलब्ध कराएगी।
इन वाहनों का स्वामित्व और संचालन अमेजन के परिवहन साझेदारों के पास होगा। ट्रकों को कंपनी के मौजूदा माल ढुलाई नेटवर्क में शामिल किया जाएगा।
अमेजन के पास बड़े स्तर पर सामान पहुंचाने का नेटवर्क है, जबकि टाटा मोटर्स के पास व्यावसायिक वाहनों के निर्माण और तकनीकी सहायता का अनुभव है।
दोनों कंपनियां इन क्षमताओं का उपयोग करके यह दिखाना चाहती हैं कि इलेक्ट्रिक ट्रक बड़े और व्यस्त माल परिवहन नेटवर्क में किस तरह काम कर सकते हैं।
इससे देश में इलेक्ट्रिक व्यावसायिक वाहनों को अपनाने की प्रक्रिया को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
योजना के पहले चरण में दिल्ली में इलेक्ट्रिक ट्रकों का संचालन शुरू किया जाएगा।
यह शुरुआत त्योहारी खरीदारी के मौसम में की जा रही है, जब ऑनलाइन ऑर्डर और सामान की आवाजाही सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है।
अमेजन शुरुआत में हल्के और मध्यम क्षमता वाले इलेक्ट्रिक ट्रकों का इस्तेमाल करेगी।
इनका उपयोग मुख्य रूप से मिडिल-माइल परिवहन में किया जाएगा। इसका अर्थ है सामान को एक गोदाम से दूसरे गोदाम, छंटाई केंद्र या वितरण केंद्र तक पहुंचाना।
अब तक इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग मुख्य रूप से ग्राहकों के घर तक सामान पहुंचाने में बढ़ रहा था।
नई पहल के माध्यम से अमेजन इलेक्ट्रिक परिवहन का विस्तार माल ढुलाई के दूसरे चरणों तक करना चाहती है।
पहले चरण के अनुभवों के आधार पर आगे ट्रकों की संख्या और संचालन क्षेत्रों को बढ़ाया जाएगा।
दिल्ली में शुरुआती संचालन के बाद दोनों कंपनियां प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों पर इलेक्ट्रिक ट्रकों का विस्तार करने की योजना बना रही हैं।
इसमें लगभग 2,800 किलोमीटर लंबे दिल्ली-बेंगलुरु-चेन्नई परिवहन मार्ग को विशेष महत्व दिया गया है।
घोषणा में इस मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग 48 (NH48) से जुड़े प्रमुख माल परिवहन गलियारे के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
कंपनियों के अनुसार, प्रस्तावित मार्ग सात राज्यों से गुजरता है और देश के छह महत्वपूर्ण ई-कॉमर्स क्षेत्रों को जोड़ता है।
इस मार्ग पर इलेक्ट्रिक ट्रकों का संचालन सफल होने से लंबी दूरी की माल ढुलाई में बैटरी से चलने वाले वाहनों के उपयोग को बढ़ावा मिल सकता है।
हालांकि, लंबी दूरी के संचालन के लिए पर्याप्त चार्जिंग सुविधाएं और नियमित तकनीकी सहायता जरूरी होंगी।
इलेक्ट्रिक ट्रकों के संचालन में सबसे महत्वपूर्ण जरूरतों में से एक भरोसेमंद चार्जिंग व्यवस्था है।
लंबी दूरी तक सामान पहुंचाने वाले ट्रकों को समय पर चार्ज करना जरूरी होता है, ताकि परिवहन में अनावश्यक देरी न हो।
इस परियोजना के विस्तार के लिए चार्जिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने वाली कंपनी Yahhvi के सहयोग से विशेष चार्जिंग केंद्र विकसित किए जाएंगे।
इन केंद्रों का उद्देश्य इलेक्ट्रिक ट्रकों को नियमित संचालन के दौरान चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध कराना है।
चार्जिंग के साथ ट्रकों की समय पर मरम्मत, रखरखाव और तकनीकी सहायता भी आवश्यक होगी।
टाटा मोटर्स इन जरूरतों को पूरा करने के लिए सहयोग करेगी, जिससे बड़े परिवहन नेटवर्क में इलेक्ट्रिक ट्रकों का संचालन अधिक भरोसेमंद बनाया जा सके।
इलेक्ट्रिक ट्रकों की यह पहल दिल्ली की इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2026 के प्रावधानों के अनुरूप भी है।
उपलब्ध नीति विवरण के अनुसार, निजी स्वामित्व वाले मध्यम क्षमता के इलेक्ट्रिक ट्रकों को कुछ विशेष सुविधाएं देने का प्रावधान किया गया है।
नीति के अनुसार, इसके लागू होने के शुरुआती तीन महीनों में पंजीकृत होने वाले पहले 1,000 पात्र इलेक्ट्रिक ट्रकों को दिल्ली में दिन के किसी भी समय प्रवेश की अनुमति मिल सकती है।
यह सुविधा सामान्य नो-एंट्री प्रतिबंधों से छूट के रूप में 10 वर्षों तक उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
हालांकि, इसका लाभ संबंधित पात्रता शर्तों और नीति के वास्तविक क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।
भारत सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण और उपयोग को बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है।
इनमें पीएम ई-ड्राइव (PM E-DRIVE), वाहन और उनके कलपुर्जों के लिए उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना (PLI) तथा आधुनिक बैटरी भंडारण के लिए ACC बैटरी PLI योजना शामिल हैं।
केंद्रीय मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने कहा कि यह साझेदारी दिखाती है कि भारत में बने इलेक्ट्रिक ट्रकों के माध्यम से देश की बड़ी माल परिवहन जरूरतों को पूरा करने की दिशा में काम किया जा सकता है।
उन्होंने स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने में सरकारी योजनाओं की भूमिका पर भी जोर दिया।
टाटा मोटर्स लिमिटेड में ट्रक कारोबार के उपाध्यक्ष एवं प्रमुख राजेश कौल ने बताया कि यह साझेदारी केवल इलेक्ट्रिक ट्रकों की आपूर्ति तक सीमित नहीं रहेगी।
इसमें चार्जिंग सुविधाओं, वाहनों की सर्विस और संचालन से जुड़ी सहायता को भी शामिल किया जाएगा।
अमेजन के एशिया-प्रशांत, पश्चिम एशिया, अफ्रीका और तुर्किये क्षेत्र के परिचालन उपाध्यक्ष अभिनव सिंह ने कहा कि परिवहन को इलेक्ट्रिक बनाना कंपनी के वर्ष 2040 तक शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जन हासिल करने के लक्ष्य का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उनके अनुसार, अमेजन के 15,000 से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन भारत के 500 से ज्यादा शहरों में पहले से काम कर रहे हैं।
नई योजना के माध्यम से कंपनी इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग बड़े स्तर की माल ढुलाई में भी बढ़ाना चाहती है।
अमेजन और टाटा मोटर्स की 3,000 इलेक्ट्रिक ट्रकों की योजना भारत में पर्यावरण के अनुकूल माल परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
दिल्ली से शुरू होकर प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों तक विस्तार की यह योजना इलेक्ट्रिक ट्रकों के व्यावसायिक उपयोग की संभावनाओं को मजबूत कर सकती है।
इन वाहनों से संचालन के दौरान सीधे निकलने वाले धुएं और प्रदूषकों को कम करने में मदद मिलेगी। हालांकि, कुल कार्बन उत्सर्जन में वास्तविक कमी बिजली के स्रोत, बैटरी निर्माण और वाहनों के उपयोग पर भी निर्भर करेगी।
परियोजना की सफलता चार्जिंग सुविधाओं, संचालन लागत और लंबी दूरी पर वाहनों के प्रदर्शन पर निर्भर करेगी।