Blinkit ने पकड़ी तेज रफ्तार, Instamart की ग्रोथ हुई धीमी

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12 May 2026
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News Synopsis

Swiggy के क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म Instamart ने FY26 की चौथी तिमाही में धीमी वृद्धि दर्ज की, क्योंकि भारत के तेजी से बढ़ते इंस्टेंट डिलीवरी बाजार में प्रतिस्पर्धा और अधिक तीव्र हो गई है।

कंपनी ने Blinkit, Zepto, Amazon Now, Flipkart Minutes और BigBasket जैसे प्रतिद्वंद्वियों के आक्रामक विस्तार के बीच सतर्क और स्थिरता-केंद्रित रणनीति अपनाई।

एक्सचेंज फाइलिंग्स के अनुसार Instamart का ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू (GOV) Q3FY26 में 7,938 करोड़ रुपये से घटकर Q4FY26 में 7,881 करोड़ रुपये रह गया।

हालांकि प्लेटफॉर्म ने Q4FY25 के 4,670 करोड़ रुपये की तुलना में सालाना आधार पर 69 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की, लेकिन यह तिमाही Instamart के प्रदर्शन में पहली क्रमिक गिरावट साबित हुई।

यह मंदी भारत के क्विक कॉमर्स सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को दर्शाती है, जहां कंपनियां ग्राहक अधिग्रहण, तेज डिलीवरी, व्यापक प्रोडक्ट रेंज और स्थायी लाभप्रदता पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं।

Instamart में पहली क्रमिक गिरावट

तिमाही प्रदर्शन की मुख्य बातें

Instamart ने Q4FY26 में 0.7 प्रतिशत की क्रमिक गिरावट दर्ज की, जो पिछले क्वार्टर्स की तुलना में ग्रोथ मोमेंटम में कमी को दर्शाती है।

Blinkit के साथ तुलना

तुलना के लिए Blinkit ने इसी अवधि में लगभग 8 प्रतिशत की क्रमिक वृद्धि दर्ज की और EBITDA पॉजिटिव बनने का महत्वपूर्ण मुकाम भी हासिल किया। प्लेटफॉर्म ने 37 करोड़ रुपये का एडजस्टेड EBITDA दर्ज किया, जो प्रतिस्पर्धी माहौल के बीच बेहतर परिचालन दक्षता को दर्शाता है।

Instamart और Blinkit के विपरीत प्रदर्शन भारत के क्विक कॉमर्स उद्योग की बदलती गतिशीलता को उजागर करते हैं, जहां कंपनियां अब तेज़ वृद्धि और लाभप्रदता के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही हैं।

Swiggy का फोकस स्थायी विकास पर

श्रीहर्षा मजेटी ने बताई रणनीति

Sriharsha Majety ने कहा कि यह मंदी केवल प्रतिस्पर्धी दबाव के कारण नहीं, बल्कि कंपनी द्वारा लिए जा रहे रणनीतिक फैसलों का भी परिणाम है।

उन्होंने कहा “हम दोहराते हैं कि किसी प्लेटफॉर्म की ग्रोथ रणनीति को केवल कुल वॉल्यूम वृद्धि के बजाय आर्थिक व्यवहार्यता के आधार पर तय किया जाना चाहिए, क्योंकि बड़े बाजार में अल्पकालिक अवधि में काफी अधिक वॉल्यूम हासिल किया जा सकता है।”

श्रीहर्षा मजेटी ने कहा “हालांकि इस तरह की रणनीति की स्थिरता संदिग्ध है, क्योंकि इस बिजनेस में परिचालन लागत काफी अधिक है और उपभोक्ताओं को दिए जाने वाले अत्यधिक प्रोत्साहनों की भी एक सीमा होती है।”

यह बयान दर्शाता है, कि Swiggy अल्पकालिक वृद्धि के लिए भारी छूट और प्रोत्साहनों पर निर्भर रहने के बजाय दीर्घकालिक परिचालन स्थिरता को प्राथमिकता दे रही है।

प्रोत्साहनों में कटौती से ग्रोथ प्रभावित

नो-फी कैंपेन का अंत

Instamart की वृद्धि को प्रभावित करने वाला एक अन्य बड़ा कारण प्रमोशनल प्रोत्साहनों में कटौती थी, जिसमें कंपनी का नो-फी कैंपेन भी शामिल था, जो इस वर्ष जनवरी में समाप्त हो गया।

उद्योग विशेषज्ञों का मानना है, कि ग्राहकों को बनाए रखने और ऑर्डर की आवृत्ति बढ़ाने के लिए आक्रामक डिस्काउंट और फीस माफी क्विक कॉमर्स कंपनियों की सामान्य रणनीति बन गई है। हालांकि, इससे मार्जिन और परिचालन लाभप्रदता पर भारी दबाव पड़ता है।

ऐसे उपभोक्ता प्रोत्साहनों को कम करके Swiggy वित्तीय अनुशासन को प्राथमिकता देती दिख रही है, जबकि सेवा गुणवत्ता और प्रोडक्ट रेंज के विस्तार के माध्यम से ग्राहक वफादारी बनाए रखने की कोशिश कर रही है।

भारत में Quick Commerce प्रतिस्पर्धा तेज

कई कंपनियां कर रहीं आक्रामक विस्तार

भारत का क्विक कॉमर्स सेक्टर डिजिटल कॉमर्स बाजार के सबसे प्रतिस्पर्धी क्षेत्रों में से एक बन चुका है। कई कंपनियां बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए तेजी से डार्क स्टोर्स का विस्तार, लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार और प्रोडक्ट कैटेगरी बढ़ा रही हैं।

सेक्टर के प्रमुख खिलाड़ी

मौजूदा बाजार में शामिल हैं:

  • Blinkit
  • Zepto
  • Instamart
  • Amazon Now
  • Flipkart Minutes
  • Tata समर्थित BigBasket

ये कंपनियां प्रमुख शहरी बाजारों में तेज डिलीवरी, व्यापक विकल्प और बेहतर ग्राहक अनुभव प्रदान करने के लिए प्रतिस्पर्धा कर रही हैं।

तुरंत ग्रोसरी डिलीवरी, दैनिक जरूरतों, इलेक्ट्रॉनिक्स, दवाइयों और घरेलू उत्पादों की बढ़ती मांग के कारण इस सेक्टर में तेज़ वृद्धि देखी गई है। ग्राहक सुविधा और समय की बचत के लिए अल्ट्रा-फास्ट डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स को अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं।

Instamart के लिए Swiggy का दीर्घकालिक विजन

रोजमर्रा की जरूरतों से आगे

श्रीहर्षा मजेटी ने Instamart के लिए Swiggy की व्यापक रणनीति और सुविधा-केंद्रित कॉमर्स सेगमेंट में उसकी स्थिति पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा “हम निश्चित रूप से सुविधा सेगमेंट में मजबूत भूमिका निभाना चाहते हैं, और अपनी स्थिति को शीर्ष पर स्थापित करना चाहते हैं।”

प्रोडक्ट रेंज और विश्वसनीयता पर फोकस

श्रीहर्षा मजेटी ने कहा कि इस सेगमेंट में सफलता विश्वसनीय डिलीवरी सेवाओं, व्यापक प्रोडक्ट रेंज और रियल-टाइम प्रोडक्ट उपलब्धता पर निर्भर करेगी।

उनके अनुसार “इस सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा करने के लिए विश्वसनीय डिलीवरी, व्यापक प्रोडक्ट रेंज (~50k SKUs) और लाइव SKU उपलब्धता जरूरी होगी। हमारी रणनीति केवल रोजमर्रा की जरूरतों तक सीमित रहने के बजाय Instamart को रोजमर्रा के अपग्रेड्स के लिए एक प्रमुख प्लेटफॉर्म के रूप में स्थापित करना है।”

यह संकेत देता है, कि Swiggy Instamart को धीरे-धीरे केवल ग्रोसरी प्लेटफॉर्म से आगे बढ़ाकर उच्च मूल्य वाले लाइफस्टाइल और सुविधा श्रेणियों तक ले जाना चाहती है।

भारत का Quick Commerce बाजार लगातार विकसित हो रहा

उपभोक्ता मांग में वृद्धि

भारत का क्विक कॉमर्स उद्योग पिछले कुछ वर्षों में स्मार्टफोन उपयोग, डिजिटल पेमेंट अपनाने और बदलती शहरी जीवनशैली के कारण तेजी से बढ़ा है।

बाजार विश्लेषकों का मानना है, कि AI आधारित लॉजिस्टिक्स, हाइपरलोकल सप्लाई चेन और तेज डिलीवरी नेटवर्क में निवेश के कारण यह सेक्टर आगे भी बढ़ता रहेगा। हालांकि, उच्च डिलीवरी लागत, वेयरहाउसिंग खर्च और ग्राहक अधिग्रहण लागत के कारण लाभप्रदता अभी भी सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।

अब कंपनियों पर आक्रामक विस्तार और स्थायी व्यापार संचालन के बीच संतुलन बनाने का दबाव बढ़ रहा है।

निष्कर्ष:

Swiggy Instamart की Q4FY26 में धीमी वृद्धि भारत के तेजी से विकसित हो रहे क्विक कॉमर्स बाजार में बढ़ते प्रतिस्पर्धी दबाव को उजागर करती है। जहां Blinkit जैसे प्रतिद्वंद्वी आक्रामक विस्तार और लाभप्रदता सुधार पर ध्यान दे रहे हैं, वहीं Swiggy अधिक संतुलित रणनीति अपनाते हुए स्थायी विकास और दीर्घकालिक आर्थिक मजबूती पर फोकस कर रही है।

भारी प्रोत्साहनों में कटौती और परिचालन दक्षता पर ध्यान केंद्रित करने का कंपनी का निर्णय यह दर्शाता है, कि उसकी प्राथमिकताएं केवल बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने से हटकर एक मजबूत और वित्तीय रूप से स्थिर व्यवसाय बनाने की ओर बढ़ रही हैं। जैसे-जैसे क्विक कॉमर्स दिग्गजों के बीच प्रतिस्पर्धा तेज हो रही है, आने वाली तिमाहियां यह तय करने में महत्वपूर्ण होंगी कि कौन-सी कंपनियां तेज वृद्धि, लाभप्रदता और ग्राहक बनाए रखने के बीच सफल संतुलन स्थापित कर पाती हैं।

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