अमेरिकी क्रिप्टो बाजार में मंगलवार को भारी बिकवाली देखने को मिली। इसकी प्रमुख वजह अमेरिकी सीनेट में Digital Asset Market Clarity Act, जिसे आम तौर पर Clarity Act कहा जा रहा है, को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी समर्थन नहीं मिलना रही। इस घटनाक्रम के बाद Bitcoin सहित कई प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी की कीमतों में गिरावट आई और क्रिप्टो से जुड़ी कंपनियों के शेयर भी दबाव में आ गए।
बिटकॉइन मंगलवार को एक समय करीब 5.3% गिरकर $74,910 तक पहुंच गया। अन्य प्रमुख डिजिटल संपत्तियों में भी गिरावट देखी गई। Ethereum में भी एक समय 8% से अधिक की कमजोरी आई। इस घटनाक्रम ने अमेरिकी डिजिटल संपत्ति बाजार के लिए स्पष्ट नियामकीय ढांचे को लेकर एक बार फिर अनिश्चितता बढ़ा दी है।
अमेरिकी सीनेट में Clarity Act को आगे बढ़ाने के लिए हुए प्रक्रियात्मक मतदान में प्रस्ताव 49-50 से विफल हो गया। इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के लिए कम से कम 60 वोटों की जरूरत थी। आवश्यक समर्थन नहीं मिलने के कारण विधेयक पर आगे की प्रक्रिया रुक गई।
Clarity Act का उद्देश्य अमेरिका में डिजिटल संपत्तियों और क्रिप्टो बाजार के लिए अधिक स्पष्ट संघीय नियामकीय ढांचा तैयार करना था। प्रस्ताव में यह स्पष्ट करने की कोशिश की गई थी कि डिजिटल संपत्ति बाजार के अलग-अलग हिस्सों की निगरानी में Commodity Futures Trading Commission यानी CFTC और प्रतिभूति और विनिमय आयोग Securities and Exchange Commission यानी SEC की क्या भूमिका होगी।
क्रिप्टो उद्योग लंबे समय से अमेरिका में डिजिटल संपत्तियों से जुड़े स्पष्ट नियमों की मांग करता रहा है। उद्योग से जुड़े कई कारोबारियों और निवेशकों को उम्मीद थी कि Clarity Act के जरिए नियमों की स्थिति ज्यादा स्पष्ट हो सकती है।
लेकिन सीनेट में मतदान विफल होने के बाद यह कानून फिलहाल आगे नहीं बढ़ पाया। इससे डिजिटल संपत्ति कंपनियों और निवेशकों को अमेरिकी बाजार में भविष्य के नियमों को लेकर अभी भी अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है।
सीनेट में मतदान के बाद क्रिप्टो बाजार में बिकवाली बढ़ गई। बिटकॉइन Bitcoin करीब $74,910 के निचले स्तर तक पहुंचा। यह कुछ समय के लिए $75,000 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे चला गया।
Ethereum में भी तेज गिरावट देखने को मिली। कुछ समय पर इसकी कीमत में 8% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। XRP, Solana और Dogecoin जैसी अन्य प्रमुख डिजिटल संपत्तियां भी दबाव में रहीं। उपलब्ध बाजार आंकड़ों के अनुसार, XRP की गिरावट लगभग 10% तक पहुंची, जबकि Solana और Dogecoin में भी कई प्रतिशत की कमजोरी दर्ज हुई।
इससे पता चलता है कि अमेरिकी नियामकीय घटनाक्रम का असर केवल बिटकॉइन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि व्यापक क्रिप्टो बाजार में दिखाई दिया।
क्रिप्टोकरेंसी में गिरावट का असर डिजिटल संपत्ति क्षेत्र से जुड़ी सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों पर भी पड़ा।
Coinbase Global के शेयर करीब 10% नीचे बंद हुए। Circle Internet Group में लगभग 11% की गिरावट आई, जबकि Strategy के शेयर करीब 5% कमजोर हुए।
इन कंपनियों के कारोबार का संबंध डिजिटल संपत्ति बाजार से है। इसलिए क्रिप्टो नियमन को लेकर निवेशकों की धारणा में बदलाव का असर इनके शेयरों पर भी पड़ सकता है।
EMJ Capital के संस्थापक और मुख्य निवेश अधिकारी एरिक जैक्सन ने बाजार में आए इस झटके को स्वीकार किया, लेकिन कहा कि उनकी फर्म के आंतरिक मॉडल अभी भी बिटकॉइन के लिए सकारात्मक संकेत दिखा रहे थे। यह एक विश्लेषक का आकलन है और इसे बाजार की निश्चित दिशा के रूप में नहीं देखा जा सकता।
Clarity Act पर मतदान ऐसे समय हुआ है जब वित्तीय बाजार पहले से ही ब्याज दरों और नकदी की उपलब्धता को लेकर संवेदनशील हैं।
क्रिप्टो संपत्तियों को आम तौर पर जोखिम वाली संपत्तियों में शामिल किया जाता है। ऐसे में जब निवेशकों को ब्याज दरों के ऊंचे रहने या मौद्रिक परिस्थितियों के सख्त होने की आशंका होती है, तो वे जोखिम वाले निवेशों में अपनी हिस्सेदारी कम कर सकते हैं।
इस मामले में नियामकीय अनिश्चितता और व्यापक आर्थिक चिंताएं एक साथ सामने आईं। इसलिए क्रिप्टो बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ गया। कुछ बाजार विश्लेषकों ने भी कहा कि आगे क्रिप्टो कीमतों की दिशा पर ब्याज दरों और व्यापक आर्थिक परिस्थितियों का असर बना रह सकता है।
Clarity Act का व्यापक उद्देश्य डिजिटल संपत्तियों के लिए अमेरिका में बाजार संरचना से जुड़े नियमों को अधिक स्पष्ट करना था।
विधेयक में संघीय नियामकों की जिम्मेदारियों को स्पष्ट करने और डिजिटल संपत्ति बाजार के अलग-अलग हिस्सों के लिए नियामकीय व्यवस्था बनाने की कोशिश की गई थी। इसमें CFTC को डिजिटल संपत्तियों के एक बड़े हिस्से पर प्रमुख नियामकीय अधिकार देने का प्रस्ताव शामिल था, जबकि SEC की भूमिका भी कुछ डिजिटल संपत्तियों के संबंध में बनी रहती।
क्रिप्टो उद्योग के कई हिस्सों ने इसे लंबे समय से चली आ रही नियामकीय अस्पष्टता को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना था। हालांकि, विधेयक को लेकर सांसदों के बीच कई मुद्दों पर मतभेद बने रहे।
सीनेट के रिपब्लिकन नेताओं ने रविवार देर रात Clarity Act का संशोधित संस्करण जारी किया था। इसमें कुछ नैतिकता से जुड़े प्रावधानों को मजबूत करने और राज्य के अटॉर्नी जनरल को कुछ मामलों में अतिरिक्त अधिकार देने की कोशिश की गई थी।
संशोधित प्रस्ताव में स्टेबलकॉइन उपयोगकर्ताओं को पुरस्कार या ब्याज देने वाली क्रिप्टो कंपनियों पर अतिरिक्त प्रतिबंधों से जुड़े प्रावधान भी शामिल थे।
इन मुद्दों पर सांसदों के बीच बातचीत के दौरान मतभेद बने रहे। कुछ डेमोक्रेट सांसदों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के क्रिप्टो कारोबार से जुड़े संभावित हितों और नैतिकता संबंधी प्रावधानों को लेकर अधिक सुरक्षा उपायों की मांग की। वहीं विधेयक के समर्थकों ने इसे डिजिटल संपत्ति बाजार के लिए जरूरी नियामकीय स्पष्टता और उपभोक्ता सुरक्षा से जोड़कर देखा।
बाजार में गिरावट के दौरान क्रिप्टो डेरिवेटिव बाजार में बड़े पैमाने पर परिसमापन भी हुआ। उपलब्ध CoinGlass आंकड़ों के अनुसार, सीनेट मतदान से पहले अंतिम चरण में करीब $300 मिलियन की तेजी वाली क्रिप्टो पोजीशन समाप्त हुईं।
जब निवेशक उधार या लीवरेज के जरिए बड़ी पोजीशन लेते हैं और कीमत अचानक उनके विपरीत दिशा में जाती है, तो एक्सचेंज उन पोजीशन को बंद कर सकते हैं। इससे बाजार में अतिरिक्त बिक्री का दबाव बन सकता है और कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव हो सकता है।
कुछ अन्य बाजार आंकड़ों में मतदान के बाद 24 घंटे की अवधि में कुल क्रिप्टो परिसमापन इससे भी अधिक बताया गया है। इसलिए अलग-अलग समय-सीमा के कारण परिसमापन के आंकड़ों में अंतर हो सकता है।
सीनेट में Clarity Act का आगे नहीं बढ़ पाना उन क्रिप्टो कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम है, जो अमेरिका में लंबे समय से स्पष्ट और स्थायी नियामकीय नियमों की मांग कर रही हैं।
कानून के रुकने से बाजार संरचना से जुड़े व्यापक नियमों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि अमेरिका में क्रिप्टो से जुड़े सभी नियामकीय प्रयास समाप्त हो गए हैं। अन्य नियामकीय और विधायी प्रक्रियाएं अलग-अलग स्तरों पर जारी रह सकती हैं।
Wintermute के ओवर-द-काउंटर ट्रेडर जैस्पर डी मारे ने इस घटनाक्रम को 2026 में व्यापक बाजार-संरचना कानून के आगे बढ़ने की संभावनाओं के लिए बड़ा झटका बताया। यह उनका विश्लेषण है, न कि किसी आधिकारिक संस्था का निष्कर्ष।
Clarity Act का आगे न बढ़ना अमेरिकी क्रिप्टो बाजार में नियामकीय स्पष्टता को लेकर जारी चर्चा को और महत्वपूर्ण बनाता है। बिटकॉइन का $75,000 से नीचे जाना और क्रिप्टो कंपनियों के शेयरों में गिरावट इस बात को दिखाती है कि बाजार नियामकीय खबरों पर तेजी से प्रतिक्रिया कर सकता है।
हालांकि, किसी एक मतदान के आधार पर क्रिप्टो बाजार की आगे की दिशा तय नहीं की जा सकती। ब्याज दरें, नकदी की स्थिति, निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता, नियामकीय फैसले और व्यापक आर्थिक आंकड़े भी डिजिटल संपत्तियों की कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं।
इसलिए Clarity Act का मौजूदा घटनाक्रम अमेरिकी क्रिप्टो बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण नियामकीय घटना है, लेकिन बाजार की आगे की चाल कई अन्य कारकों पर भी निर्भर करेगी।
अमेरिकी सीनेट में Digital Asset Market Clarity Act को आगे बढ़ाने का प्रस्ताव 49-50 के मतदान से विफल हो गया। इसके बाद बिटकॉइन एक समय $75,000 से नीचे गिरकर करीब $74,910 तक पहुंचा, जबकि Ethereum और अन्य प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी में भी गिरावट आई। क्रिप्टो से जुड़ी Coinbase, Circle और Strategy जैसी कंपनियों के शेयर भी दबाव में रहे।
Clarity Act का उद्देश्य अमेरिका में डिजिटल संपत्तियों के लिए अधिक स्पष्ट बाजार ढांचा तैयार करना था। लेकिन नियामकीय जिम्मेदारियों, नैतिकता संबंधी प्रावधानों और स्टेबलकॉइन से जुड़े नियमों सहित कई मुद्दों पर पर्याप्त राजनीतिक समर्थन नहीं बन सका।
अब अमेरिकी क्रिप्टो उद्योग को नियामकीय स्पष्टता के लिए आगे की विधायी और नियामकीय प्रक्रिया का इंतजार करना होगा। इस बीच ब्याज दरों और व्यापक वित्तीय बाजार की परिस्थितियां भी डिजिटल संपत्तियों पर असर डालती रहेंगी।