क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज बायनैंस को एक बड़ी सुरक्षा घटना के बाद ग्राहकों की भारी निकासी का सामना करना पड़ा है। एक्सचेंज की निकासी सेवाएं दोबारा शुरू होने के शुरुआती साढ़े नौ घंटों के भीतर ही यूजर्स ने लगभग 3.64 अरब डॉलर यानी करीब 30,600 करोड़ रुपये की क्रिप्टोकरेंसी प्लेटफॉर्म से बाहर निकाल ली। कंपनी के अनुसार, इस अवधि में कुल निकासी 4.64 अरब डॉलर से अधिक रही, जबकि लगभग 1.01 अरब डॉलर की जमा राशि भी एक्सचेंज में आई।
जमा और निकासी के बीच अंतर के कारण शुद्ध निकासी 3.64 अरब डॉलर दर्ज की गई। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब Binance सुरक्षा सेंध के प्रभाव से उबरने और अपनी सेवाओं को सामान्य बनाने की कोशिश कर रहा है। कंपनी ने प्रभावित ग्राहकों के धन की भरपाई अपने संसाधनों और यूजर्स के लिए सुरक्षित संपत्ति कोष (SAFU) से करने का भरोसा दिया है। हालांकि, सभी क्रिप्टोकरेंसी के लिए निकासी सेवाएं अभी पूरी तरह बहाल नहीं हुई हैं।
बायनैंस Binance ने सुरक्षा घटना के बाद कुछ समय के लिए निकासी सेवाओं पर रोक लगा दी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटना में लगभग 6.3 अरब डॉलर की रकम प्रभावित हुई थी। जांच और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के बाद जब एक्सचेंज ने निकासी की सुविधा दोबारा शुरू की, तो बड़ी संख्या में ग्राहकों ने अपनी क्रिप्टोकरेंसी दूसरे प्लेटफॉर्म और निजी डिजिटल वॉलेट में भेजनी शुरू कर दी।
कंपनी के आंकड़ों के अनुसार, शुरुआती साढ़े नौ घंटों में कुल निकासी 4.64 अरब डॉलर से अधिक रही। वहीं, इसी दौरान लगभग 1.01 अरब डॉलर की नई जमा राशि भी आई। इन दोनों आंकड़ों के अंतर से शुद्ध निकासी करीब 3.64 अरब डॉलर रही।
बायनैंस ने बताया कि यह शुद्ध निकासी उसकी अनुमानित 171 अरब डॉलर की कुल प्रबंधित परिसंपत्तियों का लगभग 2.1 प्रतिशत है। कंपनी के अनुसार, सेवाएं दोबारा शुरू होने के तुरंत बाद निकासी की रफ्तार काफी तेज थी, लेकिन धीरे-धीरे इसमें स्थिरता आने लगी। इस दौरान प्लेटफॉर्म पर जमा होने वाली रकम भी मजबूत बनी रही।
एक्सचेंज ने ग्राहकों को आश्वस्त किया है कि सुरक्षा घटना से प्रभावित धन की भरपाई कंपनी अपने आंतरिक संसाधनों और SAFU कोष के माध्यम से करेगी।
बायनैंस ने निकासी सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से बहाल करने की योजना अपनाई है। शुरुआती चरण में 15 ब्लॉकचेन नेटवर्क से जुड़ी क्रिप्टोकरेंसी के लिए निकासी की सुविधा शुरू की गई है।
शुरुआती सूची में शामिल प्रमुख डिजिटल संपत्तियां हैं:
बिटकॉइन (BTC)
इथेरियम (ETH)
BNB
ट्रॉन (TRX)
सोलाना (SOL)
XRP
Zcash (ZEC)
डॉजकॉइन (DOGE)
TON
पॉलीगॉन (POL)
एवलांच (AVAX)
आर्बिट्रम (ARB)
Base
Sui (SUI)
USDT और USDC सहित समर्थित स्टेबलकॉइन
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि अन्य क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े वॉलेट की सुरक्षा जांच अभी जारी है। इन जांचों में बार-बार सुरक्षा ऑडिट और एक्सचेंज के तकनीकी ढांचे की समीक्षा शामिल है।
बायनैंस की सह-संस्थापक यी हे के अनुसार, बाकी डिजिटल संपत्तियों के लिए निकासी शुरू करने का फैसला कई बातों पर निर्भर करेगा। इनमें संबंधित क्रिप्टोकरेंसी का बाजार मूल्य, उसके नेटवर्क में फंसी धनराशि और प्रभावित यूजर्स की संख्या शामिल है।
हालांकि, कंपनी ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि बाकी सभी क्रिप्टोकरेंसी के लिए निकासी सुविधा किस तारीख तक पूरी तरह बहाल होगी।
निकासी सेवाओं पर रोक लगाने का मुख्य कारण एक्सचेंज की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी गंभीर घटना थी। इस घटना के बाद ग्राहकों की डिजिटल संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे थे। ऐसे में Binance ने जांच पूरी करने, नुकसान का आकलन करने और सुरक्षा उपाय मजबूत बनाने के लिए निकासी सुविधा को अस्थायी रूप से सीमित कर दिया।
कंपनी ने निकासी से जुड़े तकनीकी सिस्टम की अतिरिक्त जांच भी की। इसके साथ ही कानून लागू करने वाली एजेंसियों और क्रिप्टो उद्योग से जुड़े दूसरे संगठनों के साथ तालमेल बनाया गया।
जांचकर्ता चोरी हुई क्रिप्टोकरेंसी के लेन-देन पर नजर रख रहे हैं। उनका उद्देश्य यह पता लगाना है कि प्रभावित डिजिटल संपत्तियां किन वॉलेट और नेटवर्क के माध्यम से आगे भेजी गईं। इसके अलावा, हमले के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और चोरी हुई संपत्तियों की संभावित वापसी के रास्ते तलाशने की कोशिश भी की जा रही है।
बायनैंस के अनुसार, निकासी सेवाओं को दोबारा शुरू करने से पहले सिस्टम को सुरक्षित बनाना जरूरी था। इसी वजह से सेवाओं की बहाली एक साथ करने के बजाय धीरे-धीरे की जा रही है।
बायनैंस ने सुरक्षा घटना से प्रभावित डिजिटल संपत्तियों की भरपाई को लेकर भी जानकारी साझा की है। कंपनी का दावा है कि उसने प्रभावित कुल धनराशि का लगभग 95 प्रतिशत हिस्सा कवर कर लिया है। इससे पहले कंपनी ने यह आंकड़ा करीब 90 प्रतिशत बताया था।
बाकी डिजिटल संपत्तियों की व्यवस्था करने के लिए Binance क्रिप्टोकरेंसी बाजार और सीधे बड़े सौदों यानी ओवर-द-काउंटर (OTC) लेन-देन के माध्यम से खरीदारी कर रहा है। इसके लिए कंपनी अपने संसाधनों का इस्तेमाल कर रही है।
कंपनी के मुताबिक, बची हुई लगभग 5 प्रतिशत धनराशि में मुख्य रूप से ऐसी क्रिप्टोकरेंसी शामिल हैं, जो बाजार की शीर्ष 10 डिजिटल संपत्तियों में नहीं आतीं। इन टोकन में आमतौर पर कारोबार कम होता है और इनकी उपलब्धता भी सीमित हो सकती है।
कम तरलता (Liquidity) के कारण बाजार से बड़ी मात्रा में ऐसे टोकन खरीदना आसान नहीं होता। इसलिए आवश्यक मात्रा जुटाने में अधिक समय लग सकता है।
बायनैंस ने यह भी कहा है कि बिटकॉइन, इथेरियम, USDT, BNB, सोलाना, USDC, XRP, USD1, RLUSD और ZEC में ग्राहकों की शेष राशि के बराबर पूरी संपत्ति रिजर्व में मौजूद है। कंपनी ने दोहराया है कि चोरी हुई धनराशि का वित्तीय बोझ ग्राहकों पर नहीं डाला जाएगा, बल्कि इसकी जिम्मेदारी एक्सचेंज खुद उठाएगा।
निकासी के ताजा आंकड़े बताते हैं कि सेवाएं अस्थायी रूप से बंद होने के बाद ग्राहकों ने तेजी से अपने फंड दूसरे प्लेटफॉर्म और निजी वॉलेट में भेजे। हालांकि, Binance का कहना है कि शुरुआती तेजी के बाद लेन-देन की स्थिति धीरे-धीरे स्थिर हो रही है और प्रभावित संपत्तियों की भरपाई का काम आगे बढ़ रहा है।
अब कंपनी की प्राथमिकता बाकी क्रिप्टोकरेंसी के लिए सुरक्षा जांच पूरी करना और निकासी सेवाओं को पूरी तरह सामान्य बनाना है। इस घटना के बाद ग्राहकों का भरोसा बनाए रखना Binance के लिए एक बड़ी चुनौती होगी। इसके लिए पारदर्शी जानकारी देना, मजबूत सुरक्षा उपाय लागू करना और प्रभावित धन की भरपाई के वादे को पूरा करना महत्वपूर्ण होगा।
कुल मिलाकर, यह घटनाक्रम दिखाता है कि क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज के लिए केवल कारोबार की सुविधा देना ही पर्याप्त नहीं है। ग्राहकों की डिजिटल संपत्तियों की सुरक्षा, जोखिम प्रबंधन और किसी संकट के दौरान प्रभावी कार्रवाई भी उतनी ही जरूरी है।