दुनिया की प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनी गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट (Alphabet) ने वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी की कुल आय पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 25 प्रतिशत बढ़कर 127.6 अरब डॉलर पहुंच गई। इस बढ़ोतरी में विज्ञापन कारोबार, क्लाउड सेवाओं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती मांग का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
इस दौरान यूट्यूब (YouTube) की विज्ञापन आय 9 प्रतिशत बढ़कर 11.2 अरब डॉलर रही, जबकि गूगल क्लाउड (Google Cloud) की आय 103 प्रतिशत बढ़कर 30.7 अरब डॉलर पहुंच गई।
हालांकि, AI के लिए डेटा सेंटर, सर्वर और दूसरी तकनीकी सुविधाओं पर भारी निवेश के कारण कंपनी के खर्च भी तेजी से बढ़े हैं। इससे नकदी प्रवाह और मुनाफे पर दबाव देखने को मिला।
अल्फाबेट की मुख्य वित्तीय अधिकारी अनात अश्केनाजी Alphabet’s Chief Financial Officer Anat Ashkenazi के अनुसार, जुलाई से सितंबर 2026 के दौरान यूट्यूब की विज्ञापन आय सालाना आधार पर 9 प्रतिशत बढ़कर 11.2 अरब डॉलर हो गई।
इस वृद्धि में ब्रांड विज्ञापनों का सबसे बड़ा योगदान रहा। विशेष रूप से टेलीविजन स्क्रीन पर यूट्यूब देखने वाले दर्शकों से जुड़े विज्ञापनों में अच्छा प्रदर्शन देखने को मिला।
गूगल सर्च और उससे जुड़ी विज्ञापन सेवाओं की आय 12 प्रतिशत बढ़कर 63.3 अरब डॉलर पहुंच गई।
इस बढ़ोतरी में खुदरा कारोबार का सबसे बड़ा योगदान रहा। इसके बाद वित्तीय सेवाओं से जुड़े विज्ञापनों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कुल मिलाकर अल्फाबेट की विज्ञापन आय में 11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
गूगल सर्च, यूट्यूब, सदस्यता सेवाओं और उपकरणों को शामिल करने वाले गूगल सर्विसेज कारोबार की आय 11 प्रतिशत बढ़कर 96.3 अरब डॉलर रही।
वहीं, गूगल नेटवर्क के विज्ञापनों से आय 1 प्रतिशत बढ़कर 7.5 अरब डॉलर पहुंची।
यूट्यूब म्यूजिक, यूट्यूब प्रीमियम और गूगल वन की AI आधारित सदस्यता योजनाओं की बढ़ती मांग ने इस कारोबार को मजबूती दी।
अल्फाबेट का अनुमान है कि वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में विदेशी मुद्राओं की विनिमय दरों में बदलाव का कंपनी की आय पर थोड़ा अधिक नकारात्मक असर पड़ सकता है।
इसका प्रभाव विशेष रूप से गूगल सर्च और यूट्यूब के विज्ञापन कारोबार पर पड़ने की संभावना है।
इसके अलावा, वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में गूगल सर्च की आय में तेज वृद्धि हुई थी। इसलिए आगामी तिमाही में पिछले वर्ष के प्रदर्शन से तुलना करना भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
तीसरी तिमाही में अल्फाबेट की परिचालन आय 30 प्रतिशत बढ़कर 40.6 अरब डॉलर पहुंच गई। कंपनी का परिचालन लाभ मार्जिन 31.8 प्रतिशत रहा।
हालांकि, कारोबार बढ़ने के साथ खर्चों में भी वृद्धि हुई।
कंपनी के परिचालन खर्च 20 प्रतिशत बढ़कर 35.6 अरब डॉलर हो गए।
रिसर्च और डेवलपमेंट पर खर्च में 36 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इसकी प्रमुख वजह AI विशेषज्ञों को दिया जाने वाला वेतन और तकनीकी उपकरणों के मूल्य में समय के साथ होने वाली कमी से जुड़ा खर्च था।
वहीं, बिक्री और मार्केटिंग खर्च 22 प्रतिशत बढ़े। इसमें जेमिनी (Gemini) के प्रचार और कर्मचारियों से जुड़े खर्चों का योगदान रहा।
दूसरी ओर, सामान्य और प्रशासनिक खर्चों में 17 प्रतिशत की गिरावट आई। इसका मुख्य कारण पिछले वर्ष की समान तिमाही में कानूनी मामलों पर अधिक खर्च होना था।
अल्फाबेट ने अन्य आय और खर्च की श्रेणी में 8.2 अरब डॉलर का नुकसान दर्ज किया।
इसका प्रमुख कारण स्पेसएक्स (SpaceX) में किए गए निवेश के मूल्य में गिरावट से जुड़ा अवास्तविक नुकसान था।
इस नुकसान का असर कंपनी की शुद्ध आय और प्रति शेयर कमाई पर पड़ा, जबकि मुख्य कारोबार से होने वाली परिचालन आय में वृद्धि दर्ज की गई।
अल्फाबेट ने सितंबर तिमाही में तकनीकी सुविधाओं के विस्तार पर 51.4 अरब डॉलर का पूंजीगत खर्च किया। इसका बड़ा हिस्सा AI से जुड़े उपकरणों और डेटा सेंटर के निर्माण पर खर्च हुआ।
तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर में किए गए निवेश का लगभग 65 प्रतिशत हिस्सा सर्वर और नेटवर्किंग उपकरणों पर खर्च हुआ। शेष 35 प्रतिशत डेटा सेंटर के विकास में लगाया गया।
कंपनी का परिचालन नकदी प्रवाह 42.3 अरब डॉलर रहा। हालांकि, भारी पूंजीगत खर्च के कारण मुक्त नकदी प्रवाह लगभग 9.1 अरब डॉलर नकारात्मक हो गया।
इस दौरान TPU सिस्टम के लिए उपकरणों का भंडार बढ़ाने और यूरोपीय आयोग के वर्ष 2018 के जुर्माने से जुड़े 5.2 अरब डॉलर के भुगतान का भी नकदी पर असर पड़ा।
अल्फाबेट ने वर्ष 2026 के लिए 195 अरब से 205 अरब डॉलर के पूंजीगत खर्च का अनुमान बरकरार रखा है।
कंपनी के अनुसार, वर्ष 2027 में निवेश और तेजी से बढ़ सकता है। डेटा सेंटर के विस्तार के साथ बिजली, रखरखाव और उपकरणों से जुड़े खर्च भी बढ़ने की संभावना है।
तीसरी तिमाही में गूगल क्लाउड अल्फाबेट के सबसे तेजी से बढ़ते कारोबारों में शामिल रहा।
इसकी आय पिछले वर्ष के मुकाबले 103 प्रतिशत बढ़कर 30.7 अरब डॉलर हो गई।
इस बढ़ोतरी में AI इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लाउड सेवाओं और कंपनियों के लिए विकसित AI समाधानों की बढ़ती मांग का योगदान रहा।
गूगल क्लाउड का परिचालन मुनाफा बढ़कर 11.1 अरब डॉलर पहुंच गया।
इसका लाभ मार्जिन वर्ष 2025 की समान तिमाही के 23.7 प्रतिशत से बढ़कर 36.2 प्रतिशत हो गया।
AI मॉडल चलाने और प्रशिक्षित करने में इस्तेमाल होने वाले टेंसर प्रोसेसिंग यूनिट (TPU) सिस्टम की बिक्री ने भी क्लाउड कारोबार की आय बढ़ाने में मदद की।
हालांकि, कंपनी ने बताया कि TPU बिक्री को अलग रखने पर भी उसकी मुख्य क्लाउड सेवाओं में मजबूत वृद्धि रही।
सितंबर तिमाही के अंत में गूगल क्लाउड के अनुबंधित भविष्य के कारोबार का मूल्य 561 अरब डॉलर था।
कंपनी को उम्मीद है कि इस राशि का 55 प्रतिशत से थोड़ा अधिक हिस्सा अगले 24 महीनों में आय के रूप में दर्ज किया जाएगा।
हालांकि, कंप्यूटिंग क्षमता की सीमाओं और बाहरी कंपनियों के तकनीकी संसाधनों पर निर्भरता से निकट भविष्य में लाभ मार्जिन प्रभावित हो सकता है।
अल्फाबेट के अनुसार, AI में किए गए निवेश से गूगल सर्च, क्लाउड और सदस्यता सेवाओं को फायदा मिल रहा है।
गूगल सर्च पर लोगों की गतिविधियों में वृद्धि हुई है। कंपनी ने बताया कि सालाना आधार पर सर्च अनुरोधों की वृद्धि दर पिछले पांच वर्षों में सबसे अधिक रही।
गूगल वन भी कंपनी की सबसे तेजी से बढ़ती सदस्यता सेवाओं में शामिल रहा। इसमें AI आधारित योजनाओं की मांग महत्वपूर्ण रही।
वेमो (Waymo) जैसे कारोबारों को शामिल करने वाले अल्फाबेट के अन्य व्यवसायों की आय 37.2 करोड़ डॉलर रही।
हालांकि, इस श्रेणी में लगभग 2 अरब डॉलर का परिचालन घाटा दर्ज किया गया।
इसके अतिरिक्त, कंपनी स्तर की साझा गतिविधियों में लगभग 7.7 अरब डॉलर का घाटा हुआ। इसमें AI रिसर्च और विकास से जुड़े खर्च शामिल थे।
अल्फाबेट के तीसरी तिमाही के नतीजे बताते हैं कि विज्ञापन और क्लाउड कारोबार में मजबूत वृद्धि जारी है। यूट्यूब की विज्ञापन कमाई बढ़ने के साथ गूगल क्लाउड की आय दोगुने से अधिक हो गई।
हालांकि, AI तकनीक के विकास और डेटा सेंटर पर भारी निवेश से कंपनी के खर्च और नकदी प्रवाह पर दबाव बढ़ा है।
आने वाले समय में अल्फाबेट के लिए सबसे बड़ी चुनौती AI में किए गए निवेश को लंबे समय तक टिकाऊ आय और मुनाफे में बदलना होगी।