एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय निशानेबाज मोना अग्रवाल और अवनी लेखरा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश को स्वर्ण और रजत पदक दिलाए। सोमवार को महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 स्पर्धा में मोना अग्रवाल ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि अवनी लेखरा ने रजत पदक अपने नाम किया। इस तरह भारत ने प्रतियोगिता में अपने पदकों का खाता खोलते हुए एक ही स्पर्धा में पहला और दूसरा स्थान हासिल किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों खिलाड़ियों को उनकी इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। उन्होंने मोना अग्रवाल के रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन, सटीक निशाने और आत्मविश्वास की सराहना की। वहीं, अवनी लेखरा की निरंतरता, मेहनत और दृढ़ संकल्प की प्रशंसा करते हुए उनके भविष्य के मुकाबलों के लिए शुभकामनाएं दीं।
एशियन पैरा गेम्स 2026 Asian Para Games 2026
मोना अग्रवाल ने फाइनल में 250 अंक हासिल करके एशियन पैरा गेम्स का नया रिकॉर्ड बनाया। दूसरी ओर, अवनी लेखरा 249.6 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। दोनों खिलाड़ियों के इस प्रदर्शन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय पैरा निशानेबाजी की ताकत को दिखाया और प्रतियोगिता के शुरुआती दिन को देश के लिए खास बना दिया।
महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 स्पर्धा के फाइनल में मोना अग्रवाल ने बेहतरीन निशानेबाजी करते हुए 250 अंक हासिल किए। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने स्वर्ण पदक जीतने के अलावा एशियन पैरा गेम्स का नया रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया।
इससे पहले इस स्पर्धा का रिकॉर्ड 249.6 अंकों का था, जिसे अवनी लेखरा ने 2023 में हांगझोऊ में आयोजित एशियन पैरा गेम्स के दौरान बनाया था। मोना ने इस पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़कर नया कीर्तिमान स्थापित किया।
उनका प्रदर्शन इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि उन्होंने दबाव वाले फाइनल में अपनी एकाग्रता बनाए रखी और सटीक निशाने लगाए। इस उपलब्धि ने भारत को प्रतियोगिता के शुरुआती दिन ही स्वर्ण पदक दिलाया।
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा किए गए संदेश में नरेंद्र मोदी ने मोना अग्रवाल को स्वर्ण पदक जीतने और नया रिकॉर्ड बनाने के लिए बधाई दी।
प्रधानमंत्री ने उनके प्रदर्शन को उल्लेखनीय उपलब्धि बताते हुए कहा कि उनके शानदार स्कोर ने भारत के लिए प्रतियोगिता के पहले दिन को और खास बना दिया। उन्होंने मोना की सटीक निशानेबाजी, दृढ़ संकल्प और शांत रहकर मुकाबला करने की क्षमता की सराहना की।
मोदी ने यह भी उम्मीद जताई कि मोना आगे होने वाली स्पर्धाओं में भी अच्छा प्रदर्शन जारी रखेंगी। उनकी इस सफलता से भारतीय खेल जगत में खुशी का माहौल बना और देश को पैरा खेलों में एक और बड़ी उपलब्धि मिली।
भारत की अनुभवी पैरा निशानेबाज अवनी लेखरा ने भी फाइनल में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 249.6 अंक हासिल करके रजत पदक जीता। इस तरह भारत ने महिलाओं की इस स्पर्धा में स्वर्ण और रजत दोनों पदक अपने नाम किए।
अवनी का प्रदर्शन खास रहा, क्योंकि वह पिछले एशियन पैरा गेम्स में इसी स्पर्धा का रिकॉर्ड बना चुकी थीं। इस बार उनका स्कोर पिछले रिकॉर्ड के बराबर रहा, लेकिन मोना अग्रवाल के 250 अंकों ने उन्हें दूसरे स्थान पर पहुंचा दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक अन्य संदेश में अवनी लेखरा को रजत पदक जीतने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि अवनी की निरंतरता और दृढ़ संकल्प देश को गौरवान्वित करते हैं।
प्रधानमंत्री ने उनके प्रभावशाली प्रदर्शन की प्रशंसा करते हुए भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं भी दीं। अवनी ने एक बार फिर साबित किया कि बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में उनका प्रदर्शन लगातार मजबूत बना हुआ है।
जहां महिलाओं की स्पर्धा में भारत को दो पदक मिले, वहीं पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 स्पर्धा में भारतीय निशानेबाज पदक जीतने में सफल नहीं हो सके।
महावीर स्वरूप उन्हालकर ने फाइनल में 205.9 अंक हासिल किए और चौथे स्थान पर रहे। पांचवीं सीरीज के बाद वह मुकाबले से बाहर हो गए। वहीं, अपना पहला एशियन पैरा गेम्स खेल रहे राकेश निदागुंडी ने 141.5 अंकों के साथ सातवां स्थान हासिल किया।
दोनों खिलाड़ियों ने फाइनल तक पहुंचकर अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन पदक जीतने के लिए जरूरी बढ़त हासिल नहीं कर पाए। इसके बावजूद फाइनल में उनकी भागीदारी ने भारतीय पुरुष निशानेबाजी दल को अनुभव हासिल करने का अवसर दिया।
फाइनल से पहले मोना अग्रवाल ने क्वालिफिकेशन दौर में भी शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने छह सीरीज में कुल 629.1 अंक हासिल किए और महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 स्पर्धा में शीर्ष स्थान प्राप्त किया।
इस स्कोर के साथ उन्होंने एशियन पैरा गेम्स का नया क्वालिफिकेशन रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने चीन की निशानेबाज झांग कुइपिंग के नाम दर्ज पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
मोना का स्कोर 629.4 अंकों के विश्व रिकॉर्ड से केवल 0.3 अंक कम था। यह विश्व रिकॉर्ड अवनी लेखरा और स्लोवाकिया की वेरोनिका वाडोविकोवा के नाम संयुक्त रूप से दर्ज बताया गया है।
अवनी लेखरा ने क्वालिफिकेशन दौर में 626.4 अंक हासिल किए और दूसरे स्थान पर रहीं। उनके इस प्रदर्शन ने फाइनल से पहले भारत की स्थिति मजबूत कर दी थी।
क्वालिफिकेशन और फाइनल, दोनों चरणों में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन देश की पदक जीतने की संभावनाओं के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ। इसके बाद फाइनल में मोना और अवनी ने क्रमशः स्वर्ण और रजत पदक जीतकर अपनी मेहनत को सफलता में बदल दिया।
पुरुषों की क्वालिफिकेशन स्पर्धा में राकेश निदागुंडी और महावीर स्वरूप उन्हालकर ने भी फाइनल में जगह बनाई। राकेश ने 619.3 अंक हासिल करके सातवां स्थान प्राप्त किया, जबकि महावीर 617.4 अंकों के साथ आठवें स्थान पर रहे।
हालांकि, भारत के आनंदा कृष्णन फाइनल में जगह बनाने से चूक गए। उन्होंने 605.2 अंक हासिल किए और 13वें स्थान पर रहे। इस कारण वह पदक मुकाबले तक नहीं पहुंच सके।
मोना अग्रवाल और अवनी लेखरा की स्वर्ण-रजत जीत ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत के निशानेबाजी अभियान की शानदार शुरुआत की। एक ही स्पर्धा में दोनों पदक जीतना भारतीय दल के लिए बड़ी उपलब्धि रही।
मोना का नया रिकॉर्ड और अवनी का लगातार अच्छा प्रदर्शन यह दिखाता है कि भारतीय पैरा निशानेबाज बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता रखते हैं। प्रधानमंत्री की बधाई ने भी खिलाड़ियों की उपलब्धियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।
आगे की प्रतियोगिताओं में भारतीय खिलाड़ियों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी। शुरुआती दिन की यह सफलता टीम का मनोबल बढ़ाने के साथ-साथ भारत के लिए अन्य स्पर्धाओं में भी बेहतर परिणाम हासिल करने की उम्मीद जगाती है।
एशियन पैरा गेम्स 2026 में मोना अग्रवाल ने 250 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीतकर नया रिकॉर्ड बनाया, जबकि अवनी लेखरा ने 249.6 अंकों के साथ रजत पदक हासिल किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनकी मेहनत, एकाग्रता और दृढ़ संकल्प की सराहना की।
भारत के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण रही, क्योंकि दोनों पदक प्रतियोगिता के शुरुआती दिन मिले। पुरुषों की स्पर्धा में भारतीय निशानेबाज पदक से चूक गए, लेकिन महिलाओं की स्पर्धा में भारत की स्वर्ण-रजत जीत ने देश के अभियान को मजबूत शुरुआत दी।