भारत ने एशियन गेम्स 2026 में पुरुष कबड्डी के अपने शानदार प्रदर्शन को जारी रखते हुए बांग्लादेश को 48-25 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली है। बुधवार को जापान के टोकाई सिटीजन जिम्नेजियम में खेले गए ग्रुप ए के मुकाबले में भारतीय टीम ने शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा और लगातार तीसरी जीत दर्ज की। इस जीत के साथ भारत ने प्रतियोगिता में अपना पदक भी पक्का कर लिया है और अब टीम की नजर एशियन गेम्स में पुरुष कबड्डी का नौवां स्वर्ण पदक जीतने पर है।
भारत ने मुकाबले की शुरुआत से ही आक्रामक रेडिंग और मजबूत डिफेंस का बेहतरीन तालमेल दिखाया। भारतीय खिलाड़ियों ने बांग्लादेश के रेडर्स को लगातार दबाव में रखा और शुरुआती मिनटों में ही स्कोरबोर्ड पर बड़ी बढ़त बना ली। पहले हाफ में भारत ने सफल आउट के जरिए 18 अंक हासिल किए और सात बोनस अंक भी जोड़े। इसके अलावा भारतीय टीम ने दो बार बांग्लादेश को ऑल-आउट किया।
मैच के शुरुआती हिस्से में बांग्लादेश के लिए भारतीय डिफेंस को भेदना काफी मुश्किल साबित हुआ। बांग्लादेश ने पहले हाफ में आउट के जरिए केवल पांच अंक हासिल किए, जबकि उसे तीन बोनस अंक मिले। टीम को एक सुपर टैकल से भी एक अंक मिला, लेकिन भारतीय डिफेंस के लगातार दबाव के कारण वह मुकाबले में अपनी पकड़ मजबूत नहीं कर सकी।
भारत ने लगातार सफल रेड और प्रभावी टैकल के जरिए बांग्लादेश पर दबाव बनाए रखा। दो ऑल-आउट ने भारत की बढ़त को और मजबूत कर दिया। पहले हाफ के समाप्त होने तक भारतीय टीम 29-9 से आगे थी। 20 अंकों की यह बढ़त भारत के मजबूत प्रदर्शन को दर्शाती थी और इससे दूसरे हाफ में बांग्लादेश के लिए वापसी करना काफी मुश्किल हो गया।
एशियन गेम्स 2026 कबड्डी Asian Games 2026 Kabaddi
भारत की इस जीत में रेडिंग और डिफेंस दोनों विभागों का योगदान महत्वपूर्ण रहा। रेडर्स ने लगातार अंक हासिल किए, वहीं डिफेंडर्स ने बांग्लादेश के खिलाड़ियों को बोनस और आउट के ज्यादा मौके नहीं दिए। भारतीय टीम ने केवल आक्रामक खेल पर निर्भर रहने के बजाय जरूरत के अनुसार रणनीति में बदलाव भी किया।
यह संतुलित प्रदर्शन भारत की लगातार तीसरी जीत में दिखाई दिया। इससे पहले टीम ने ग्रुप ए के अपने शुरुआती दो मुकाबलों में मेजबान जापान और दक्षिण कोरिया को हराया था। जापान के खिलाफ भारत ने 49-24 और दक्षिण कोरिया के खिलाफ 63-31 से जीत दर्ज की थी।
पहले हाफ में बड़ी बढ़त हासिल करने के बाद भारत ने दूसरे हाफ की शुरुआत में अपनी टीम में बदलाव किया। अर्जुन देशवाल ने देवांक दलाल की जगह मैदान संभाला। भारतीय टीम का उद्देश्य अपनी आक्रामकता और दबाव को बनाए रखना था।
दूसरे हाफ में बांग्लादेश ने पहले हाफ की तुलना में बेहतर खेल दिखाया। उसके रेडर्स ने भारतीय डिफेंस पर ज्यादा दबाव बनाने की कोशिश की और टीम ने कुल 16 अंक हासिल किए। इनमें आठ आउट अंक और आठ बोनस अंक शामिल रहे।
बांग्लादेश के बेहतर प्रदर्शन के बावजूद भारतीय टीम ने अपनी बढ़त को कमजोर नहीं पड़ने दिया। भारत ने दूसरे हाफ में 19 अंक जुटाए और एक और ऑल-आउट हासिल किया। इस तरह बांग्लादेश की वापसी की संभावना पूरी तरह समाप्त हो गई और भारत ने अंत में 48-25 के अंतर से मुकाबला अपने नाम कर लिया।
मुकाबले के दूसरे हाफ में बांग्लादेश ने कुछ अच्छे अंक हासिल किए, लेकिन भारतीय टीम की शुरुआती बढ़त इतनी बड़ी थी कि उसे कम करना आसान नहीं था। भारत ने अनावश्यक जोखिम लेने के बजाय अपनी रणनीति पर भरोसा बनाए रखा।
भारतीय डिफेंस ने महत्वपूर्ण मौकों पर बांग्लादेश के रेडर्स को रोकने में सफलता हासिल की। वहीं रेडर्स ने भी बोनस और आउट के जरिए स्कोर में लगातार इजाफा किया। एक और ऑल-आउट ने भारत की स्थिति और मजबूत कर दी।
बांग्लादेश के खिलाफ जीत भारत की ग्रुप ए में लगातार तीसरी जीत है। इससे पहले भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने 21 सितंबर को अपने अभियान की शुरुआत मेजबान जापान के खिलाफ 49-24 की जीत से की थी। इसके बाद 22 सितंबर को दक्षिण कोरिया को 63-31 से हराया। तीसरे मुकाबले में बांग्लादेश को 48-25 से हराकर भारत ने ग्रुप चरण में अपना अपराजित अभियान जारी रखा।
एशियन गेम्स 2026 में कबड्डी प्रतियोगिता 21 से 26 सितंबर तक टोकाई सिटीजन जिम्नेजियम में आयोजित हो रही है। पुरुष वर्ग में 10 टीमों को दो ग्रुप में बांटा गया है। प्रत्येक ग्रुप की शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल में पहुंचती हैं। दोनों सेमीफाइनल में हारने वाली टीमों को कांस्य पदक मिलता है, इसलिए भारत की सेमीफाइनल में जगह पक्की होने के साथ उसका पदक भी सुनिश्चित हो गया है।
भारत अब ग्रुप चरण के अपने अंतिम मुकाबले में चीनी ताइपे का सामना करेगा। यह मुकाबला 24 सितंबर को खेला जाना है। भारत के सेमीफाइनल में पहुंचने के बावजूद यह मैच टीम के लिए महत्वपूर्ण रहेगा, क्योंकि भारतीय खिलाड़ी नॉकआउट चरण से पहले अपनी लय और आत्मविश्वास को बनाए रखना चाहेंगे।
भारतीय टीम के पास अब अपने प्रदर्शन को और बेहतर करने तथा सेमीफाइनल से पहले खिलाड़ियों को पर्याप्त मैच अभ्यास देने का अवसर होगा। ग्रुप चरण में लगातार तीन जीत के बाद टीम का आत्मविश्वास ऊंचा है।
एशियन गेम्स में पुरुष कबड्डी में भारत का इतिहास बेहद सफल रहा है। यह खेल 1990 में एशियन गेम्स में शामिल हुआ था और तब से लगातार प्रतियोगिता का हिस्सा रहा है। भारत पुरुष कबड्डी में लंबे समय से प्रमुख टीमों में शामिल रहा है और 2022 के हांगझोउ एशियन गेम्स में भी उसने स्वर्ण पदक जीता था।
2026 में भारतीय टीम एक बार फिर स्वर्ण पदक की रक्षा करने के इरादे से उतरी है। जापान, दक्षिण कोरिया और बांग्लादेश के खिलाफ लगातार जीत ने टीम को नॉकआउट चरण से पहले मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया है।
अब भारत का अगला लक्ष्य सेमीफाइनल में अपनी जीत की लय को जारी रखना होगा। सेमीफाइनल 25 सितंबर को खेले जाएंगे, जबकि पुरुष कबड्डी का स्वर्ण पदक मुकाबला 26 सितंबर को निर्धारित है।
बांग्लादेश के खिलाफ 48-25 की जीत से भारतीय टीम की आक्रमण और रक्षा दोनों में निरंतरता दिखाई दी। पहले हाफ में 29-9 की बढ़त और पूरे मुकाबले में लगातार दबाव बनाए रखना टीम की रणनीतिक मजबूती को दर्शाता है। हालांकि दूसरे हाफ में बांग्लादेश ने बेहतर प्रदर्शन किया, लेकिन भारत ने अपनी बढ़त को सुरक्षित रखते हुए मुकाबला आसानी से अपने नाम किया।
भारत के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण चुनौती सेमीफाइनल होगी, जहां मुकाबले का दबाव और बढ़ेगा। ग्रुप चरण की तीन जीत से टीम को अच्छी शुरुआत मिली है, लेकिन स्वर्ण पदक तक पहुंचने के लिए उसे नॉकआउट चरण में भी इसी तरह का संतुलित प्रदर्शन जारी रखना होगा।
बांग्लादेश पर जीत के साथ भारत ने अपना पदक पक्का कर लिया है। अब 24 सितंबर को चीनी ताइपे के खिलाफ ग्रुप चरण का अंतिम मुकाबला और उसके बाद 25 सितंबर का सेमीफाइनल भारतीय टीम के अभियान की अगली महत्वपूर्ण कड़ी होंगे।