भारत के निशानेबाजों नीरू धांडा और कायनान चेनी ने एशियन गेम्स 2026 में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। दोनों ने बुधवार को जापान में आयोजित मिक्स्ड ट्रैप स्पर्धा के चार टीमों वाले फाइनल में जगह बना ली। भारतीय जोड़ी ने क्वालिफिकेशन में कुल 136 अंक हासिल किए और चीन, कतर तथा ईरान के बाद चौथे स्थान पर रहते हुए फाइनल के लिए क्वालिफाई किया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, मिक्स्ड ट्रैप का फाइनल सुबह 11 बजे भारतीय समयानुसार निर्धारित था।
नीरू धांडा के लिए एशियन गेम्स 2026 अब तक बेहद खास रहे हैं। इससे पहले उन्होंने मंगलवार को महिलाओं की व्यक्तिगत ट्रैप स्पर्धा में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीता था। उनके इस प्रदर्शन ने भारतीय निशानेबाजी में एक नया अध्याय जोड़ा।
नीरू महिलाओं की व्यक्तिगत ट्रैप स्पर्धा में एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला निशानेबाज बनीं। उन्होंने क्वालिफिकेशन और फाइनल, दोनों चरणों में शानदार प्रदर्शन किया। फाइनल में उन्होंने 28 अंक हासिल किए और पुराने एशियाई रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए नया रिकॉर्ड बनाया।
नीरू का व्यक्तिगत ट्रैप फाइनल बारिश के बीच खेला गया। कठिन मौसम के बावजूद उन्होंने अपना ध्यान और निशाने की सटीकता बनाए रखी। आठ निशानेबाजों वाले फाइनल में नीरू 28 अंकों के साथ पहले स्थान पर रहीं।
चीन की सुन यूनोंग और कुवैत की हाजर अब्दुलमलिक ने 21-21 अंक हासिल किए और संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहीं, जबकि कतर की रे बासिल 16 अंकों के साथ चौथे स्थान पर रहीं। नीरू के 28 अंकों के प्रदर्शन को एशियाई रिकॉर्ड के रूप में भी दर्ज किया गया।
नीरू ने क्वालिफिकेशन चरण में भी अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा। उन्होंने 30 में से केवल दो निशाने गंवाए और 28 अंक हासिल किए। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने एशियाई रिकॉर्ड कायम किया और फाइनल में पहुंचने से पहले ही अपनी मजबूत स्थिति स्पष्ट कर दी थी।
उनकी लगातार अच्छी निशानेबाजी ने उन्हें महिलाओं की व्यक्तिगत ट्रैप स्पर्धा में स्वर्ण पदक तक पहुंचाया। अब मिक्स्ड ट्रैप में भी उनसे भारत के लिए एक और पदक की उम्मीद बनी है।
मिक्स्ड ट्रैप स्पर्धा में नीरू धांडा के साथ कायनान चेनी भारतीय चुनौती पेश कर रहे हैं। दोनों ने क्वालिफिकेशन में कुल 136 अंक हासिल किए। 12 टीमों के बीच हुए क्वालिफिकेशन में भारतीय जोड़ी चौथे स्थान पर रही और इस तरह चार टीमों वाले फाइनल में पहुंच गई। रिपोर्ट के अनुसार, कायनान चेनी ने भारत के कुल स्कोर में 73 अंक का योगदान दिया।
मिक्स्ड ट्रैप में महिला और पुरुष निशानेबाज एक साथ टीम बनाकर हिस्सा लेते हैं। ऐसे में फाइनल में बेहतर प्रदर्शन के लिए दोनों खिलाड़ियों की सटीकता, तालमेल और दबाव में निशाना लगाने की क्षमता महत्वपूर्ण होगी।
मिक्स्ड ट्रैप फाइनल नीरू धांडा के लिए इस एशियन गेम्स में तीसरा पदक जीतने का मौका भी है। मंगलवार को उन्होंने महिलाओं की व्यक्तिगत ट्रैप स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने से पहले टीम स्पर्धा में भी रजत पदक हासिल किया था।
महिलाओं की ट्रैप टीम स्पर्धा में नीरू ने आशिमा अहलावत और मनिषा कीर के साथ मिलकर भारत का प्रतिनिधित्व किया। भारतीय टीम ने कुल 328 अंक हासिल किए और रजत पदक जीता। चीन ने 346 अंकों के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि कुवैत 325 अंकों के साथ कांस्य पदक जीतने में सफल रहा।
टीम स्पर्धा में नीरू ने 125 में से 118 अंक हासिल किए और भारत की ओर से सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने व्यक्तिगत स्पर्धा में 28 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीतकर अपने अभियान को और मजबूत किया।
उनका प्रदर्शन यह भी दिखाता है कि वह अलग-अलग परिस्थितियों में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने में सक्षम हैं। अब मिक्स्ड ट्रैप में कायनान चेनी के साथ उनकी जोड़ी पर भी भारतीय प्रशंसकों की नजर रहेगी।
बुधवार को निशानेबाजी के अलावा तीरंदाजी में भी भारत को बड़ी सफलता मिली। ज्योति सुरेखा वेन्नम, चिकिता तनिपार्थी और पृथिका प्रदीप की भारतीय महिला कंपाउंड टीम ने फाइनल में चीन को 238-234 से हराकर स्वर्ण पदक जीता।
भारतीय तिकड़ी ने फाइनल में 238 अंक हासिल किए, जो विश्व रिकॉर्ड के बराबर है। दक्षिण कोरिया ने 2014 में 238 अंक बनाकर यह विश्व रिकॉर्ड कायम किया था। भारतीय टीम ने उसी रिकॉर्ड की बराबरी करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
इस जीत के साथ ज्योति सुरेखा वेन्नम ने अपने एशियन गेम्स करियर का चौथा स्वर्ण पदक हासिल किया। वहीं चिकिता तनिपार्थी और पृथिका प्रदीप के लिए यह एशियन गेम्स में पहला स्वर्ण पदक रहा।
चीन के खिलाफ 238-234 की जीत ने भारत की महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीम के प्रदर्शन को भी खास बना दिया। भारतीय टीम ने दबाव के बीच लगातार सटीक निशाने लगाए और फाइनल में चार अंकों के अंतर से जीत हासिल की।
नीरू धांडा और कायनान चेनी के मिक्स्ड ट्रैप फाइनल में पहुंचने के साथ निशानेबाजी में भारत की पदक उम्मीदें और बढ़ गई हैं। नीरू का व्यक्तिगत स्वर्ण और महिला ट्रैप टीम का रजत पहले ही भारत के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धियां बन चुके हैं।
बुधवार को महिला कंपाउंड टीम के स्वर्ण ने भारत के प्रदर्शन को और मजबूत किया। हालांकि, एशियन गेम्स के दौरान पदक तालिका लगातार बदलती रहती है और अलग-अलग समय पर जारी रिपोर्टों में कुल पदकों की संख्या बदल सकती है। इसलिए किसी समाचार को प्रकाशित करते समय पदक तालिका का समय और तारीख स्पष्ट करना जरूरी है। बुधवार सुबह की एक रिपोर्ट में भारत के 55 पदक दर्ज किए गए थे, जिसमें 8 स्वर्ण, 21 रजत और 26 कांस्य शामिल थे।
नीरू धांडा के लिए प्रतियोगिता अभी समाप्त नहीं हुई है। व्यक्तिगत ट्रैप में ऐतिहासिक स्वर्ण और टीम ट्रैप में रजत के बाद अब मिक्स्ड ट्रैप में कायनान चेनी के साथ फाइनल उनके अभियान का अगला महत्वपूर्ण चरण है। भारतीय जोड़ी की नजर अब फाइनल में एक और पदक पर होगी।