2007 में अपने पहले मॉडल के लॉन्च के बाद से Apple ने 3 अरब iPhone बेचकर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। यह घोषणा कंपनी के सीईओ टिम कुक ने जून तिमाही के लिए कंपनी की इनकम रिपोर्ट के दौरान की। हालाँकि कंपनी के पास एक मज़बूत तिमाही और उम्मीद से ज़्यादा iPhone सेल के साथ जश्न मनाने के लिए बहुत कुछ था, लेकिन बढ़ते इम्पोर्ट टैरिफ के कारण अगले कुछ महीने नई चुनौतियाँ लेकर आ सकते हैं।
हाल ही की तिमाही में Apple ने iPhone सेल से $44.6 अरब की कमाई की, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 13 प्रतिशत अधिक है। इसने मार्केट के अनुमानों को पीछे छोड़ दिया और तिमाही के लिए कंपनी के कुल रेवेनुए, जो $94 अरब था, के लगभग आधे हिस्से का योगदान दिया। बिज़नेस वैल्यू और कंस्यूमर माँग के लिहाज़ से iPhone Apple का सबसे महत्वपूर्ण प्रोडक्ट बना हुआ है।
कंपनी ने चाइना में भी थोड़ा सुधार देखा, एक ऐसा मार्केट जहाँ उसे हाल ही में दबाव का सामना करना पड़ रहा है। इस क्षेत्र से रेवेनुए YoY $14.7 अरब से बढ़कर $15.3 अरब हो गया, जिससे कई धीमी तिमाहियों के बाद कुछ राहत मिली।
अच्छे आँकड़ों के बावजूद Apple अब नई टैरिफ़ धमकियों के कारण अगली तिमाही में संभावित फाइनेंसियल दबाव के लिए तैयारी कर रहा है। टिम कुक ने कहा कि Apple को सितंबर तिमाही में लगभग 1.1 अरब डॉलर का टैरिफ़ चुकाने की उम्मीद है, जो जून तिमाही के 80 करोड़ डॉलर से काफ़ी ज़्यादा है। यह ट्रंप प्रशासन की नई इम्पोर्ट पॉलिसीज से जुड़ा है, जिससे Apple जैसी कंपनियों के लिए अमेरिका के बाहर बने प्रोडक्ट्स को इम्पोर्ट करना महंगा पड़ सकता है।
इस रिस्क से निपटने के लिए Apple ने अमेरिकी मार्केट के लिए अपने iPhone प्रोडक्शन का एक बड़ा हिस्सा पहले ही भारत में स्थानांतरित कर दिया है। कुक ने पुष्टि की कि अमेरिका में बिकने वाले ज़्यादातर iPhone अब भारत से आते हैं, और हाल के महीनों में इस स्ट्रेटेजी में कोई बदलाव नहीं आया है।
हालाँकि इनकम रिपोर्ट के बाद Apple के शेयरों में थोड़ी (लगभग 2 प्रतिशत) वृद्धि हुई, लेकिन यह वृद्धि अन्य टेक कंपनियों की तुलना में मामूली थी। उदाहरण के लिए Microsoft और Meta ने AI पर अपने ज़ोरदार ध्यान के कारण कहीं ज़्यादा बढ़त दर्ज की। दूसरी ओर Apple के शेयर इस साल लगभग 15 प्रतिशत नीचे हैं, क्योंकि निवेशक कंपनी से AI के स्पष्ट रोडमैप का इंतज़ार कर रहे हैं।
एनालिस्ट ने टिम कुक से Apple की AI योजनाओं और भविष्य में iPhone की उपयुक्तता के बारे में पूछा, जहाँ वॉयस असिस्टेंट और स्क्रीनलेस टेक ज़्यादा आम हो सकती है। टिम कुक ने कहा कि उन्हें लगता है, कि iPhone एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा और भविष्य की टेक्नोलॉजीज iPhone की जगह लेने के बजाय, उसे सपोर्ट करेंगी।
इस बीच कुछ इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है, कि iPhone सेल में तेज़ी का कारण यह भी हो सकता है, कि कंस्यूमर्स टैरिफ़ से जुड़ी कीमतों में बढ़ोतरी से पहले ही खरीदारी करने के लिए दौड़ पड़े। इसका मतलब यह हो सकता है, कि इस तिमाही की मज़बूत सेल अगली तिमाही में भी जारी नहीं रहेगी।