भारत वैश्विक तकनीकी कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार बनता जा रहा है। स्मार्टफोन, कंप्यूटर और डिजिटल सेवाओं की बढ़ती मांग के बीच Apple ने भी भारतीय बाजार में अपनी मजबूत स्थिति दर्ज कराई है। कंपनी ने जुलाई से सितंबर 2026 की तिमाही में भारत में अब तक का सबसे अधिक तिमाही राजस्व हासिल किया है। कंपनी के CEO जॉन टर्नस ने हालिया आय संबंधी बातचीत के दौरान इस उपलब्धि की पुष्टि की।
एप्पल के इस प्रदर्शन में iPhone, Mac और Services कारोबार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। खास तौर पर पुराने iPhone इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों द्वारा नए मॉडल खरीदने की संख्या में बढ़ोतरी देखने को मिली। भारत उन प्रमुख बाजारों में शामिल रहा, जहां नए iPhone मॉडल अपनाने वाले ग्राहकों की संख्या ने रिकॉर्ड बनाया। इसके अलावा, Mac कंप्यूटर और डिजिटल सेवाओं के कारोबार ने भी कंपनी की कमाई को मजबूती दी। हालांकि, Apple ने भारत से होने वाली कुल आय का अलग आंकड़ा सार्वजनिक नहीं किया, लेकिन कंपनी के ताजा वित्तीय नतीजे भारतीय बाजार में उसकी मजबूत स्थिति की ओर संकेत करते हैं।
कंपनी की आय संबंधी बातचीत के दौरान CEO जॉन टर्नस CEO John Ternus ने बताया कि Apple ने सितंबर तिमाही में विकसित और उभरते हुए दोनों तरह के बाजारों में राजस्व के नए रिकॉर्ड बनाए हैं। भारत में भी इस अवधि के दौरान कंपनी ने अब तक की सबसे अधिक तिमाही आय दर्ज की।
वैश्विक स्तर पर एप्पल ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में 114.5 अरब डॉलर का राजस्व हासिल किया। पिछले साल की समान अवधि में यह आंकड़ा 102.5 अरब डॉलर था। इस तरह कंपनी की कुल कमाई में सालाना आधार पर अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई।
पूरे वित्त वर्ष 2026 में एप्पल का राजस्व बढ़कर रिकॉर्ड 479 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जबकि इससे पिछले वित्त वर्ष में यह 416 अरब डॉलर था।
कंपनी के अनुसार, उसके उत्पादों की विभिन्न श्रेणियों और डिजिटल सेवाओं की मांग ने इस प्रदर्शन को मजबूत बनाया। हालांकि, Apple ने भारतीय बाजार से हुई कमाई का अलग विवरण साझा नहीं किया। इसलिए भारत में कंपनी के कुल राजस्व का सटीक आंकड़ा फिलहाल उपलब्ध नहीं है।
सितंबर तिमाही के दौरान iPhone Apple के कारोबार का एक प्रमुख हिस्सा बना रहा। जॉन टर्नस के अनुसार, इस अवधि में दुनियाभर में पुराने iPhone से नए मॉडल पर जाने वाले ग्राहकों की संख्या अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई।
अमेरिका, चीन और भारत जैसे प्रमुख बाजारों में भी सितंबर तिमाही के दौरान iPhone अपग्रेड करने वाले ग्राहकों की संख्या ने नया रिकॉर्ड बनाया।
कंपनी ने 9 सितंबर 2026 को iPhone 18 Pro सीरीज और iPhone Duo पेश किए थे। इनमें iPhone 18 Pro मॉडल सितंबर तिमाही के दौरान बिक्री के लिए उपलब्ध थे, जबकि iPhone Duo की बिक्री अक्टूबर में शुरू हुई।
नए मॉडल की पेशकश और पुराने ग्राहकों की अपग्रेड करने की बढ़ती रुचि ने भारत में iPhone की मांग को समर्थन दिया। जो ग्राहक पहले के मॉडल इस्तेमाल कर रहे थे, उन्होंने नए फीचर्स और बेहतर तकनीक वाले उपकरणों की ओर रुख किया।
वैश्विक स्तर पर भी iPhone का कारोबार मजबूत रहा। सितंबर तिमाही में iPhone से होने वाला राजस्व सालाना आधार पर 17 प्रतिशत बढ़कर 57.6 अरब डॉलर हो गया।
Apple के मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) केवन पारेख ने भी कंपनी के सक्रिय iPhone उपयोगकर्ताओं की संख्या में बढ़ोतरी की जानकारी दी। सक्रिय उपयोगकर्ता आधार से आशय उन iPhone की कुल संख्या से है, जिनका इस्तेमाल ग्राहक वर्तमान में कर रहे हैं।
पारेख के अनुसार, कंपनी का सक्रिय iPhone उपयोगकर्ता आधार अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है। उन्होंने यह भी बताया कि वैश्विक स्तर पर iPhone के लिए वित्त वर्ष 2026 अपग्रेड के लिहाज से सबसे अच्छा साल रहा।
भारत, अमेरिका, चीन और जापान सहित कई बाजारों में पुराने iPhone से नए मॉडल पर जाने वाले ग्राहकों की संख्या ने रिकॉर्ड बनाया। पारेख ने यह भी कहा कि भारत सहित कई क्षेत्रों में iPhone सबसे अधिक बिकने वाले स्मार्टफोन मॉडल में शामिल रहा। इससे कंपनी को नए ग्राहकों के साथ-साथ मौजूदा उपयोगकर्ताओं को भी अपने साथ बनाए रखने में मदद मिली।
iPhone के अलावा Apple के Mac कंप्यूटर कारोबार ने भी भारत में कंपनी के रिकॉर्ड प्रदर्शन में योगदान दिया। केवन पारेख ने बताया कि विकसित और उभरते बाजारों में Mac की बिक्री में दोहरे अंकों की वृद्धि दर्ज की गई। भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया में इस कारोबार ने अब तक का सबसे अधिक राजस्व हासिल किया।
पारेख के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 विकासशील बाजारों में Mac कारोबार के लिए अब तक का सबसे अच्छा वित्त वर्ष रहा। इस दौरान पुराने Mac को नए मॉडल से बदलने वाले ग्राहकों और पहली बार Mac खरीदने वाले लोगों की संख्या में बढ़ोतरी हुई।
वैश्विक स्तर पर सितंबर तिमाही में Mac का राजस्व सालाना आधार पर 24 प्रतिशत बढ़कर 10.8 अरब डॉलर हो गया। यह वृद्धि ऐसे समय में दर्ज की गई, जब कंपनी को आपूर्ति से जुड़ी कुछ चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा।
MacBook Neo और MacBook Pro जैसे उत्पादों ने इस कारोबार को आगे बढ़ाने में मदद की। भारत जैसे बाजारों में Apple कंप्यूटर की बढ़ती मांग से संकेत मिलता है कि कंपनी अब केवल स्मार्टफोन तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य उत्पाद श्रेणियों में भी अपनी पहुंच बढ़ा रही है।
Apple के डिजिटल सेवाओं से जुड़े कारोबार ने भी सितंबर तिमाही में अच्छा प्रदर्शन किया। इस क्षेत्र से कंपनी को 31.6 अरब डॉलर का रिकॉर्ड तिमाही राजस्व मिला। पिछले साल की समान अवधि की तुलना में इसमें 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
कंपनी के अनुसार, जिन बाजारों में वह अपने सेवाओं के कारोबार पर नजर रखती है, उनमें से अधिकांश में रिकॉर्ड राजस्व दर्ज किया गया। भारत और लैटिन अमेरिका भी इन बाजारों में शामिल रहे।
Apple का Services कारोबार उसके हार्डवेयर उत्पादों से जुड़ी डिजिटल सुविधाओं और सेवाओं को शामिल करता है। यह कंपनी के पूरे तकनीकी इकोसिस्टम को मजबूत बनाने के साथ ग्राहकों को लंबे समय तक उसकी सेवाओं से जोड़े रखने में मदद करता है।
आय संबंधी बातचीत के दौरान जॉन टर्नस ने भारत में Apple Pay की शुरुआत का भी उल्लेख किया। यह भुगतान सेवा 30 सितंबर 2026 को Axis Bank के साथ साझेदारी में भारत में शुरू की गई थी।
टर्नस ने इसे दुनिया के बड़े बाजारों में शामिल भारत के ग्राहकों के लिए सुविधाजनक और सुरक्षित भुगतान विकल्प बताया। उन्होंने यह भी कहा कि Apple Pay अब दुनियाभर के 90 से अधिक बाजारों में उपलब्ध है।
भारत में इसकी शुरुआत Apple की सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। इससे कंपनी को अपने डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूत करने और भारतीय ग्राहकों तक अधिक सेवाएं पहुंचाने में मदद मिल सकती है।
भारत में सितंबर 2026 की तिमाही के दौरान Apple का रिकॉर्ड राजस्व कंपनी के उत्पादों और सेवाओं की बढ़ती मांग को दर्शाता है। iPhone अपग्रेड करने वाले ग्राहकों की संख्या में बढ़ोतरी, Mac कारोबार का मजबूत प्रदर्शन और Apple Pay जैसी सेवाओं का विस्तार इस सफलता के प्रमुख आधार रहे।
इसके साथ ही, सक्रिय iPhone उपयोगकर्ताओं की संख्या का रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचना बताता है कि कंपनी का भारतीय बाजार में ग्राहक आधार मजबूत हो रहा है। आने वाले समय में नए उत्पादों और डिजिटल सेवाओं के विस्तार के साथ भारत Apple के वैश्विक कारोबार के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार बना रह सकता है।