अमूल और मदर डेयरी ने बढ़ाए दूध के दाम, 14 मई से लागू हुई नई कीमतें

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15 May 2026
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News Synopsis

भारत की प्रमुख डेयरी कंपनियों अमूल और मदर डेयरी ने देशभर में दूध की कीमतों में नई बढ़ोतरी की घोषणा की है। संशोधित कीमतें 14 मई 2026 से लागू हो गई हैं, जिससे रोजाना इस्तेमाल होने वाले कई लोकप्रिय दूध उत्पाद महंगे हो गए हैं।

दोनों कंपनियों ने कई दूध वैरिएंट्स पर ₹2 प्रति लीटर तक कीमत बढ़ाई है। कंपनियों के अनुसार पशु चारे, ईंधन, पैकेजिंग और उत्पादन लागत में लगातार बढ़ोतरी के कारण यह फैसला लेना पड़ा।

इस बढ़ोतरी से आम परिवारों के मासिक बजट पर असर पड़ सकता है, खासकर उन घरों पर जहां दूध और डेयरी उत्पादों का नियमित उपयोग होता है।

उद्योग विशेषज्ञों का मानना है, कि डेयरी कंपनियों पर बढ़ते इनपुट कॉस्ट का दबाव बढ़ रहा है, और किसानों को उचित भुगतान सुनिश्चित करने के लिए कीमतों में संशोधन जरूरी हो गया था।

अमूल ने कई प्रमुख दूध वैरिएंट्स के दाम बढ़ाए

गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (GCMMF), जो अमूल उत्पादों की मार्केटिंग करता है, और पुष्टि की कि नई कीमतें देशभर में कंपनी के कई प्रमुख दूध उत्पादों पर लागू होंगी।

कीमत बढ़ने वाले प्रमुख उत्पादों में शामिल हैं:

  • अमूल ताज़ा
  • अमूल गोल्ड
  • अमूल काउ मिल्क
  • अमूल भैंस दूध
  • अमूल शक्ति
  • अमूल टी स्पेशल

नई दरों के अनुसार अमूल काउ मिल्क (500 ml) की कीमत ₹29 से बढ़ाकर ₹30 कर दी गई है। वहीं अमूल शक्ति दूध (500 ml) अब ₹31 की जगह ₹32 में मिलेगा।

अमूल टी स्पेशल मिल्क में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी देखी गई है। इसका 1 लीटर पैक अब ₹63 की जगह ₹66 में उपलब्ध होगा।

अन्य संशोधित कीमतें इस प्रकार हैं:

  • अमूल गोल्ड (500 ml): ₹34 से बढ़कर ₹35
  • अमूल ताज़ा (500 ml): ₹28 से बढ़कर ₹29
  • अमूल भैंस दूध (500 ml): ₹37 से बढ़कर ₹39

कंपनी ने बताया कि पिछली बड़ी कीमत वृद्धि अप्रैल 2025 में की गई थी। ऐसे में लगभग एक साल बाद यह नया संशोधन लागू किया गया है।

मदर डेयरी ने भी बढ़ाए दूध के दाम

मदर डेयरी ने भी अपने विभिन्न दूध वैरिएंट्स की कीमतों में बढ़ोतरी की है, खासतौर पर दिल्ली-NCR क्षेत्र में जहां कंपनी की मजबूत मौजूदगी है।

मदर डेयरी की नई कीमतें इस प्रकार हैं:

  • टोंड मिल्क (बल्क वेंडेड): ₹56 से बढ़कर ₹58 प्रति लीटर
  • फुल क्रीम मिल्क (पाउच): ₹72 प्रति लीटर
  • टोंड मिल्क (पाउच): ₹58 से बढ़कर ₹60 प्रति लीटर
  • डबल टोंड मिल्क: ₹54 प्रति लीटर
  • काउ मिल्क: ₹60 से बढ़कर ₹62 प्रति लीटर

कंपनी ने कहा कि पिछले एक साल में किसानों को दिए जाने वाले दूध खरीद मूल्य में लगभग 6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिसके चलते कीमतें बढ़ाना जरूरी हो गया।

मदर डेयरी के अनुसार उपभोक्ताओं पर बोझ कम करने की कोशिश के बावजूद बढ़ती लागत का कुछ हिस्सा ग्राहकों तक पहुंचाना आवश्यक था।

दूध की कीमतें क्यों बढ़ीं?

दूध की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी का मुख्य कारण उत्पादन और सप्लाई चेन से जुड़ी लागत में बढ़ोतरी है।

GCMMF के अनुसार पिछले एक साल में पशु चारे की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसके अलावा डेयरी कंपनियां इन बढ़ती लागतों का सामना कर रही हैं:

  • ईंधन और परिवहन खर्च
  • दूध पैकेजिंग सामग्री की लागत
  • ऊर्जा और प्रोसेसिंग खर्च
  • कोल्ड चेन लॉजिस्टिक्स
  • किसानों को दिया जाने वाला खरीद मूल्य

इन बढ़ती लागतों ने डेयरी कंपनियों के मुनाफे पर असर डाला है, जिसके चलते खुदरा कीमतों में बदलाव करना पड़ा।

GCMMF ने यह भी बताया कि मई 2025 के बाद से किसानों को दिए जाने वाले दूध खरीद मूल्य में लगभग 3.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। कंपनी का कहना है, कि यह कदम किसानों को उचित आय सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

मदर डेयरी ने भी कहा कि यह बढ़ोतरी केवल लागत वृद्धि का आंशिक हिस्सा ही ग्राहकों तक पहुंचाती है।

डेयरी किसानों को मिलेगा फायदा

अमूल और मदर डेयरी दोनों ने जोर देकर कहा कि दूध बिक्री से होने वाली आय का बड़ा हिस्सा सीधे किसानों तक पहुंचता है।

अमूल के अनुसार उपभोक्ताओं द्वारा खर्च किए गए हर एक रुपये में से लगभग 80 पैसे सीधे दूध उत्पादकों को दिए जाते हैं। कंपनी का मानना है, कि नई कीमतों से ग्रामीण आय को मजबूती मिलेगी और दूध उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।

मदर डेयरी ने भी बताया कि उसकी दूध बिक्री से प्राप्त कुल आय का लगभग 75 से 80 प्रतिशत हिस्सा किसानों को दिया जाता है।

उद्योग विशेषज्ञों का कहना है, कि बढ़ती चारा लागत और उत्पादन खर्च के बीच किसानों को बेहतर कीमत मिलना जरूरी है।

उपभोक्ताओं और घरेलू बजट पर असर

दूध की कीमतों में यह बढ़ोतरी आम परिवारों के मासिक खर्च को प्रभावित कर सकती है, खासकर शहरी क्षेत्रों में जहां पैकेट दूध की खपत अधिक है।

भारत में दूध का उपयोग कई दैनिक जरूरतों के लिए किया जाता है:

  • चाय और कॉफी
  • नाश्ता
  • मिठाइयां और डेजर्ट
  • खाना बनाने में
  • बच्चों के पोषण के लिए

विशेषज्ञों का कहना है, कि दूध महंगा होने से दही, पनीर, मक्खन, चीज और मिठाइयों जैसी डेयरी उत्पादों की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है।

डेयरी सेक्टर पर बढ़ता महंगाई का दबाव

दूध कीमतों में यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है, जब खाद्य और कृषि क्षेत्र पहले से महंगाई के दबाव का सामना कर रहे हैं।

भारत के डेयरी उद्योग को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है:

  • जलवायु परिवर्तन का पशुओं पर असर
  • पशु चारे की बढ़ती कीमतें
  • मांग और सप्लाई में असंतुलन
  • परिवहन लागत में वृद्धि

इन चुनौतियों के बावजूद डेयरी कंपनियां किसानों और उपभोक्ताओं दोनों के हितों के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रही हैं।

विशेषज्ञों का मानना है, कि यदि लागत में बढ़ोतरी जारी रहती है, तो आने वाले महीनों में दूध की कीमतें और बढ़ सकती हैं।

भविष्य में दूध की कीमतों का क्या होगा?

उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले समय में दूध की कीमतें कई कारकों पर निर्भर करेंगी, जिनमें शामिल हैं:

  • मानसून की स्थिति
  • पशु चारे की उपलब्धता
  • ईंधन की कीमतें
  • समग्र महंगाई दर

यदि मानसून अच्छा रहता है, तो चारे की उपलब्धता बेहतर हो सकती है, और लागत पर दबाव कम हो सकता है। हालांकि ईंधन और लॉजिस्टिक्स खर्च बढ़ते रहे तो कीमतों में आगे भी संशोधन संभव है।

फिलहाल डेयरी कंपनियां सप्लाई चेन को स्थिर बनाए रखने और किसानों को उचित भुगतान सुनिश्चित करने पर ध्यान दे रही हैं।

निष्कर्ष:

अमूल और मदर डेयरी द्वारा दूध की कीमतों में की गई हालिया बढ़ोतरी भारत के डेयरी सेक्टर पर बढ़ते लागत दबाव को दर्शाती है। कई वैरिएंट्स पर ₹2 प्रति लीटर तक कीमत बढ़ने से आम उपभोक्ताओं के घरेलू बजट पर असर पड़ सकता है।

हालांकि कंपनियों का कहना है, कि यह फैसला किसानों को उचित भुगतान देने और दूध उत्पादन को स्थिर बनाए रखने के लिए जरूरी था।

जैसे-जैसे परिचालन लागत बढ़ रही है, डेयरी उद्योग के सामने उपभोक्ताओं के लिए कीमतें नियंत्रित रखने और किसानों की आय सुरक्षित करने की दोहरी चुनौती बनी रहेगी।

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