दुनिया की अग्रणी टेक कंपनी Amazon ने फ्रांस की यूटिलिटी कंपनी Veolia के साथ मिलकर डेटा सेंटर में पानी की खपत कम करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। यह साझेदारी अमेरिका के मिसिसिपी राज्य में लागू की जाएगी, जहां नई जल-पुनर्चक्रण तकनीक का उपयोग किया जाएगा। यह कदम पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में एक बड़ी पहल माना जा रहा है।
Amazon और Veolia मिलकर डेटा सेंटर के लिए पुनर्नवीनीकरण पानी का उपयोग करेंगे।
इस प्रोजेक्ट के तहत वेस्टवॉटर ट्रीटमेंट प्लांट से निकलने वाले पानी को प्रोसेस करके डेटा सेंटर की कूलिंग जरूरतों के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
इस तकनीक का पहला केंद्र 2027 तक शुरू होने की उम्मीद है।
इस परियोजना के लागू होने के बाद हर साल लगभग 83 मिलियन गैलन पीने योग्य पानी की बचत की जा सकेगी।
यह पानी आमतौर पर डेटा सेंटर कूलिंग के लिए इस्तेमाल होता है, लेकिन अब इसकी जगह रीसायकल किया गया पानी उपयोग में लाया जाएगा।
इससे स्थानीय जल संसाधनों पर दबाव कम होगा और पर्यावरण को भी फायदा मिलेगा।
Veolia इस परियोजना में कंटेनराइज्ड और ऑटोमेटेड वाटर ट्रीटमेंट सिस्टम लगाएगी।
ये सिस्टम पास के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से आने वाले पानी को प्रोसेस कर उसे उच्च गुणवत्ता वाले कूलिंग वॉटर में बदलेंगे।
यह तकनीक इंडस्ट्रियल कूलिंग के लिए जरूरी मानकों को पूरा करती है।
इस तकनीक की खास बात इसका मॉड्यूलर डिजाइन है, जिससे इसे आसानी से अन्य डेटा सेंटर में भी लागू किया जा सकता है।
इसका मतलब है कि भविष्य में Amazon अपने वैश्विक डेटा सेंटर नेटवर्क में इस मॉडल को दोहरा सकता है।
Amazon Web Services (AWS) इस प्रोजेक्ट में AI आधारित समाधान भी प्रदान करेगा।
इनमें शामिल हैं:
इन तकनीकों से पानी के उपयोग को अधिक कुशल और स्मार्ट बनाया जा सकेगा।
Estelle Brachlianoff ने कहा कि यह साझेदारी स्थानीय जल संसाधनों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है।
उन्होंने यह भी बताया कि AI और जल प्रबंधन तकनीकों का संयोजन डेटा सेंटर को स्थिरता (sustainability) का केंद्र बना सकता है।
वहीं Will Hewes ने कहा कि यह सहयोग वैश्विक स्तर पर जल प्रबंधन में नवाचार को बढ़ावा देगा और संसाधनों के बेहतर उपयोग में मदद करेगा।
यह परियोजना Data Center Resource 360 का हिस्सा है, जिसे हाल ही में लॉन्च किया गया है।
इसका उद्देश्य डेटा सेंटर संचालन में ऊर्जा और जल संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है।
Amazon पहले से ही जल संरक्षण के क्षेत्र में कई पहल कर चुका है।
हाल ही में कंपनी ने Water-AI Nexus Center of Excellence की स्थापना में भागीदारी की है।
इस केंद्र का उद्देश्य:
Amazon ने पिछले साल घोषणा की थी कि वह डेटा सेंटर कूलिंग में ट्रीटेड वेस्टवॉटर के उपयोग को 20 स्थानों से बढ़ाकर 120 स्थानों तक करेगा।
यह कदम कंपनी की सस्टेनेबिलिटी रणनीति का हिस्सा है।
डेटा सेंटर आधुनिक डिजिटल दुनिया की रीढ़ हैं, लेकिन ये भारी मात्रा में ऊर्जा और पानी का उपयोग करते हैं।
इसलिए Amazon और Veolia का यह प्रयास तकनीक और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
इस परियोजना से यह स्पष्ट होता है कि भविष्य में डेटा सेंटर संचालन केवल प्रदर्शन पर नहीं, बल्कि स्थिरता और संसाधन प्रबंधन पर भी आधारित होगा।
AI और जल पुनर्चक्रण तकनीकों का संयोजन इस दिशा में एक बड़ा कदम है।
Amazon और Veolia की यह साझेदारी डेटा सेंटर इंडस्ट्री में एक नई दिशा दिखाती है।
पानी की बचत, पर्यावरण संरक्षण और AI तकनीक के उपयोग के जरिए यह पहल भविष्य के टिकाऊ डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की नींव रखती है।