Amazon ने बेंगलुरु में एक बड़ा नया ऑफिस लॉन्च करके भारत में अपनी मौजूदगी बढ़ाई है, जो एशिया में उसके सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट में से एक है। कंपनी ने बताया कि उसका नया कैंपस, जो 1.1 मिलियन स्क्वेयर फीट में फैला है, अब खुल गया है, और इस इलाके में उसका दूसरा सबसे बड़ा ऑफिस होगा। 7,000 से ज़्यादा कर्मचारियों के रहने के लिए डिज़ाइन की गई यह फैसिलिटी ई-कॉमर्स, ऑपरेशन्स, पेमेंट्स, टेक्नोलॉजी और सेलर सर्विसेज़ जैसे कई बिज़नेस एरिया को सपोर्ट करेगी।
केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से लगभग 15 किलोमीटर दूर 12-मंज़िला कैंपस पाँच एकड़ के प्लॉट पर बना है, और इसका ऑफिशियल उद्घाटन कर्नाटक के बड़े और मीडियम इंडस्ट्रीज़ और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट मिनिस्टर डॉ. एम.बी. पाटिल ने किया। नया ऑफिस भारत के लिए Amazon के लंबे समय के कमिटमेंट को दिखाता है, जहाँ उसने पहले ही $40 बिलियन से ज़्यादा का इन्वेस्टमेंट किया है, और 2030 तक और $35 बिलियन इन्वेस्ट करने का प्लान है।
डॉ. पाटिल ने कहा कि Amazon का लगातार इन्वेस्टमेंट ग्लोबल टेक्नोलॉजी और इनोवेशन हब के तौर पर भारत की बढ़ती अहमियत को दिखाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे बड़े कैंपस न सिर्फ़ अच्छी क्वालिटी की नौकरियां पैदा करते हैं, बल्कि लोकल इकोसिस्टम को भी मज़बूत करते हैं, और देश की डिजिटल इकॉनमी में योगदान देते हैं।
Amazon के कंट्री मैनेजर समीर कुमार Samir Kumar ने भी बेंगलुरु के साथ कंपनी के लंबे समय से चले आ रहे रिश्ते पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि यह शहर भारत में Amazon के सफ़र का सेंटर रहा है, जिसने इसकी कुछ शुरुआती टीमों को होस्ट किया है, और टैलेंट और इनोवेशन के लिए एक अहम हब बना हुआ है। समीर कुमार ने कहा कि कंपनी इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और लोगों में इन्वेस्ट करते हुए इंडियन और ग्लोबल दोनों तरह के कस्टमर्स के लिए बनाने पर फोकस कर रही है।
नए कैंपस को सहयोग और फ्लेक्सिबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसमें मॉडर्न वर्कस्पेस हैं, जो सेल्फ-सस्टेनिंग “नेबरहुड” में अरेंज हैं, जिनमें मीटिंग रूम, ब्रेकआउट ज़ोन और इवेंट स्पेस हैं, जहाँ 200 से ज़्यादा लोग बैठ सकते हैं। ऑफिस में बास्केटबॉल और पिकलबॉल कोर्ट, एक एम्फीथिएटर, लैंडस्केप किए गए आउटडोर एरिया और कम्युनिटी स्पेस जैसी एम्प्लॉई-फोकस्ड कई सुविधाएँ भी हैं।
इसके अलावा कैंपस में दो फ्लोर पर कैफेटेरिया हैं, जो एम्प्लॉई के लिए कई तरह के ग्लोबल डिशेज़ ऑफर करते हैं।
Amazon ने बिल्डिंग के डिज़ाइन में सस्टेनेबिलिटी को भी शामिल किया है। कंपनी का कहना है, कि यह कैंपस द क्लाइमेट प्लेज के तहत 2040 तक नेट-ज़ीरो कार्बन हासिल करने के उसके लक्ष्य के साथ अलाइन है। कंस्ट्रक्शन से जुड़े और ऑपरेशनल कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के लिए ज़िम्मेदार मटीरियल सोर्सिंग, ऑफिस एसेट्स का रीयूज़ और एनर्जी-एफिशिएंट सिस्टम जैसे उपाय लागू किए गए हैं।
इस नए कैंपस के साथ Amazon न केवल अपना फिजिकल फुटप्रिंट बढ़ा रहा है, बल्कि भारत की बढ़ती डिजिटल इकॉनमी पर अपने लॉन्ग-टर्म दांव को भी मज़बूत कर रहा है।