Andy Jassy ने खुलासा किया है, कि Amazon की अल्ट्रा-फास्ट डिलीवरी सेवा Amazon Now भारत में मजबूत गति से बढ़ रही है, जहां ऑर्डर महीने-दर-महीने लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज कर रहे हैं। यह विकास भारत के तेजी से बढ़ते क्विक-कॉमर्स सेक्टर में Amazon की आक्रामक एंट्री को दर्शाता है।
Amazon अपनी Amazon Now सेवा के जरिए भारत के तेजी से बढ़ते क्विक-कॉमर्स बाजार में अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है। CEO Andy Jassy के अनुसार इस प्लेटफॉर्म पर हर महीने लगभग 25 प्रतिशत की लगातार वृद्धि देखी जा रही है।
यह सेवा 30 मिनट या उससे कम समय में डिलीवरी का वादा करती है और शहरी उपभोक्ताओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है, जो सुविधा और स्पीड को प्राथमिकता देते हैं। Jassy ने बताया कि एक बार जब ग्राहक Amazon Now का उपयोग शुरू कर देते हैं, तो उनकी खरीदारी की आवृत्ति काफी बढ़ जाती है, खासकर Prime सदस्यों में, जिनका उपयोग कथित तौर पर तीन गुना तक बढ़ जाता है।
यह मांग में वृद्धि इस बात का संकेत है, कि उपभोक्ता अब तुरंत डिलीवरी सेवाओं को प्राथमिकता दे रहे हैं, विशेषकर दैनिक जरूरतों और तत्काल खरीदारी के लिए।
Amazon भारत में अपने क्विक-कॉमर्स संचालन का तेजी से विस्तार कर रहा है। कंपनी की योजना Amazon Now को 100 शहरों तक पहुंचाने की है, जिससे यह बड़े महानगरों से आगे बढ़कर टियर-2 और टियर-3 शहरों तक पहुंचेगा।
पुणे, हैदराबाद, चेन्नई, कोलकाता, जयपुर, लखनऊ और अहमदाबाद जैसे शहर अगले चरण में शामिल होंगे, साथ ही मुंबई, दिल्ली-NCR और बेंगलुरु में पहले से मौजूद सेवाओं का विस्तार किया जाएगा।
इस विस्तार को समर्थन देने के लिए Amazon लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश कर रहा है। कंपनी 1,000 से अधिक माइक्रो-फुलफिलमेंट सेंटर स्थापित करने की योजना बना रही है, जो तेज़ ऑर्डर प्रोसेसिंग और डिलीवरी के लिए स्थानीय हब के रूप में काम करेंगे।
ये सेंटर डिलीवरी समय को कम करने और ऑपरेशनल दक्षता बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं, जिससे Amazon बढ़ती मांग को पूरा कर सके।
Amazon Now रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए क्यूरेटेड प्रोडक्ट्स की एक विस्तृत रेंज प्रदान करता है। इनमें किराना सामान, पर्सनल केयर आइटम, ब्यूटी प्रोडक्ट्स, फैशन एक्सेसरीज़, छोटे घरेलू उपकरण, बेबी केयर प्रोडक्ट्स, पेट सप्लाई और हेल्थकेयर से जुड़े सामान शामिल हैं।
कुछ ही मिनटों में इतनी विविधता वाले उत्पादों की उपलब्धता ने इस सेवा को शहरी परिवारों के लिए बेहद आकर्षक बना दिया है। उपभोक्ता अब नियमित खरीदारी के लिए क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर अधिक निर्भर हो रहे हैं, जिससे पारंपरिक शॉपिंग की जरूरत कम हो रही है।
तेज़ डिलीवरी की सुविधा और Amazon के व्यापक प्रोडक्ट कैटलॉग ने कंपनी को प्रतिस्पर्धी बाजार में ग्राहकों को आकर्षित करने और बनाए रखने में मदद की है।
Amazon अपने प्लेटफॉर्म पर यूजर अनुभव को बेहतर बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी उपयोग कर रहा है। Jassy ने बताया कि कंपनी का AI-संचालित शॉपिंग असिस्टेंट Rufus ग्राहकों के बीच लोकप्रिय हो रहा है।
यह AI टूल उपयोगकर्ताओं को प्रोडक्ट खोजने, विकल्पों की तुलना करने और अधिक सूचित खरीद निर्णय लेने में मदद करता है। शॉपिंग अनुभव में AI का यह इंटीग्रेशन Amazon की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य सेवाओं को व्यक्तिगत बनाना और ग्राहक जुड़ाव को बढ़ाना है।
जैसे-जैसे AI तकनीक विकसित होगी, यह ई-कॉमर्स के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, खासकर रिकमेंडेशन सिस्टम और कस्टमर सपोर्ट में।
अपने विस्तार रणनीति के तहत Amazon ने भारत में 2,800 करोड़ रुपये (लगभग 300 मिलियन डॉलर) से अधिक के निवेश की घोषणा की है। इस फंड का उपयोग लॉजिस्टिक्स क्षमता बढ़ाने, इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारने और कार्यबल से जुड़ी पहलों को समर्थन देने में किया जाएगा।
कंपनी अपने एसोसिएट्स की सुरक्षा, स्वास्थ्य और वित्तीय कल्याण को बेहतर बनाने पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है, जो सतत विकास के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
ये निवेश Amazon के ऑपरेशनल नेटवर्क को मजबूत करेंगे और उसे क्विक-कॉमर्स क्षेत्र में अधिक प्रभावी ढंग से प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम बनाएंगे।
भारत का क्विक-कॉमर्स सेक्टर पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ा है, जिसका कारण उपभोक्ता व्यवहार में बदलाव और सुविधा की बढ़ती मांग है।
अप्रैल 2026 तक यह बाजार लगभग 5,700 से 6,000 डार्क स्टोर्स द्वारा समर्थित है, जिन्हें Blinkit, Instamart, Zepto, Flipkart और Amazon जैसे प्रमुख खिलाड़ी संचालित कर रहे हैं।
ये प्लेटफॉर्म मिलकर लगभग 2,600 पिनकोड्स को सेवा देते हैं और करीब 230 मिलियन लोगों तक पहुंचते हैं, जो भारत की लगभग 17 प्रतिशत आबादी है।
इस क्षेत्र में तीव्र प्रतिस्पर्धा कंपनियों को नवाचार करने, डिलीवरी स्पीड बढ़ाने और नए बाजारों में विस्तार करने के लिए प्रेरित कर रही है।
भारत Amazon की वैश्विक रणनीति के लिए एक प्रमुख बाजार बना हुआ है, क्योंकि यहां बड़ी आबादी, बढ़ता मध्यम वर्ग और इंटरनेट की बढ़ती पहुंच मौजूद है।
भारत में क्विक-कॉमर्स सेवाओं को तेजी से अपनाया जाना कंपनी के लिए ग्राहक आधार और राजस्व बढ़ाने का एक बड़ा अवसर प्रस्तुत करता है।
इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीक और ग्राहक अनुभव में निवेश करके Amazon इस उच्च-विकास वाले सेगमेंट में मजबूत पकड़ बनाने की कोशिश कर रहा है।
आने वाले समय में Amazon द्वारा Amazon Now के विस्तार और इसकी क्षमताओं को और मजबूत करने की उम्मीद है। माइक्रो-फुलफिलमेंट सेंटर और AI-आधारित समाधानों पर कंपनी का फोकस दक्षता और स्केलेबिलिटी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
जैसे-जैसे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, Amazon को बेहतर सेवा, व्यापक प्रोडक्ट रेंज और प्रतिस्पर्धी कीमतों के जरिए खुद को अलग साबित करना होगा।
क्विक कॉमर्स का विकास भारत के रिटेल सेक्टर को बदलने की क्षमता रखता है, जहां तेज डिलीवरी उपभोक्ताओं की एक मानक अपेक्षा बनती जा रही है।
इस क्षेत्र में Amazon की मजबूत गति यह संकेत देती है कि कंपनी इस ट्रेंड का लाभ उठाने और भविष्य में विकास को आगे बढ़ाने के लिए अच्छी स्थिति में है।