भारत में त्योहारी खरीदारी का मौसम शुरू होने से पहले ई-कॉमर्स कंपनियां बढ़ती मांग को पूरा करने की तैयारी में जुट गई हैं। इसी क्रम में Amazon India ने देशभर में अपने संचालन नेटवर्क के लिए 1.6 लाख से अधिक मौसमी रोजगार के अवसर पैदा करने की घोषणा की है। इन नौकरियों का उद्देश्य आगामी त्योहारी खरीदारी के दौरान बढ़ने वाले ऑर्डर और डिलीवरी के दबाव को संभालने के लिए कंपनी की कार्यक्षमता को मजबूत करना है।
इन मौसमी रोजगार अवसरों में वेयरहाउसिंग, पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स, ऑर्डर प्रोसेसिंग और डिलीवरी जैसी विभिन्न गतिविधियां शामिल हैं। कंपनी के अनुसार, बड़ी संख्या में मौसमी कर्मचारियों की भर्ती पहले ही की जा चुकी है और उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, ताकि त्योहारी सीजन में ऑर्डर बढ़ने के बाद वे प्रभावी तरीके से काम कर सकें।
Amazon India की नई भर्ती पहल का विस्तार भारत के 400 शहरों तक किया गया है। इसमें बड़े महानगरों के साथ-साथ छोटे शहर और Tier-2 तथा Tier-3 शहर भी शामिल हैं।
वाराणसी, कोच्चि, जालंधर, गाजियाबाद, रांची और सेलम जैसे शहरों में भी मौसमी रोजगार के अवसर पैदा किए गए हैं। इससे पता चलता है कि ई-कॉमर्स कंपनियां केवल बड़े शहरों तक सीमित रहने के बजाय देश के अलग-अलग हिस्सों में अपनी आपूर्ति और डिलीवरी व्यवस्था मजबूत कर रही हैं।
ऑनलाइन खरीदारी के बढ़ते इस्तेमाल के कारण छोटे शहरों में भी ई-कॉमर्स से जुड़े रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। त्योहारी सीजन में स्थानीय ग्राहकों की मांग को तेजी से पूरा करने के लिए कंपनियों को स्थानीय स्तर पर वेयरहाउस, पैकेजिंग और डिलीवरी कर्मचारियों की आवश्यकता होती है।
Amazon की यह पहल भी देश के विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ती ऑनलाइन खरीदारी को संभालने के लिए स्थानीय स्तर पर अतिरिक्त कार्यबल तैयार करने की दिशा में एक कदम है।
भर्ती किए गए मौसमी कर्मचारी Amazon के मौजूदा देशव्यापी संचालन नेटवर्क का हिस्सा बनेंगे। वे ऑर्डर पूरा करने की प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों में कंपनी की सहायता करेंगे।
इन कर्मचारियों की जिम्मेदारियों में ग्राहकों के ऑर्डर को चुनना, पैक करना, भेजना और डिलीवर करना शामिल होगा। त्योहारी मौसम में जब ऑर्डर की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती है, तब अतिरिक्त कर्मचारियों की मदद से कंपनी ऑर्डर को तेजी से पूरा करने की कोशिश कर सकती है।
Amazon ने नए कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण देना भी शुरू कर दिया है। प्रशिक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मौसमी कर्मचारी बढ़े हुए काम के दौरान ऑर्डर और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी प्रक्रियाओं को सही तरीके से संभाल सकें।
पहले से प्रशिक्षण देने से कंपनी को त्योहारी सीजन शुरू होने के बाद अचानक बढ़ने वाले काम के लिए तैयार रहने में मदद मिल सकती है।
Amazon India के अनुसार, मौसमी कर्मचारियों को कंपनी के संचालन से जुड़े अन्य कर्मचारियों के लिए उपलब्ध कई सुरक्षा, कल्याण और सहायता कार्यक्रमों का लाभ मिलेगा।
कंपनी ने कहा है कि अस्थायी और मौसमी कर्मचारियों को उनके काम के दौरान उचित सहायता और सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जा रहा है।
कुछ मौसमी कर्मचारी त्योहारी सीजन खत्म होने के बाद भी Amazon के साथ काम करना जारी रख सकते हैं। वहीं, कुछ कर्मचारी भविष्य के त्योहारी सीजन में दोबारा कंपनी के साथ मौसमी रोजगार से जुड़ सकते हैं।
मौसमी नौकरियां मुख्य रूप से बढ़ी हुई मांग को संभालने के लिए बनाई जाती हैं, लेकिन अच्छा प्रदर्शन करने वाले कुछ कर्मचारियों के लिए आगे भी काम जारी रखने का अवसर बन सकता है। इससे ई-कॉमर्स क्षेत्र युवाओं और अन्य कामगारों के लिए अतिरिक्त आय और रोजगार का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है।
Amazon India के Operations से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी Abhinav Singh के अनुसार, अतिरिक्त कार्यबल तैयार करने का उद्देश्य त्योहारी मौसम में ग्राहकों की बढ़ती मांग को पूरा करने की क्षमता को मजबूत करना है।
त्योहारी खरीदारी के दौरान इलेक्ट्रॉनिक्स, फैशन, सौंदर्य उत्पाद, किराना, घरेलू सामान और उपहार जैसी श्रेणियों में ऑनलाइन खरीदारी बढ़ सकती है। ऐसे समय में कंपनी के लिए समय पर ऑर्डर प्रोसेस करना और ग्राहकों तक सामान पहुंचाना महत्वपूर्ण हो जाता है।
अतिरिक्त कर्मचारियों की मदद से Amazon अपनी ऑर्डर पूरा करने और लॉजिस्टिक्स क्षमता को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
भारत में त्योहारी मौसम आम तौर पर उपभोक्ता खर्च और ऑनलाइन लेनदेन में तेजी लेकर आता है। बड़ी छूट, विशेष ऑफर और प्रचार अभियान ग्राहकों को ऑनलाइन खरीदारी की ओर आकर्षित करते हैं।
ऑनलाइन खरीदारी में सुविधा की बढ़ती मांग भी इस बदलाव का एक प्रमुख कारण है। ग्राहक घर से ही अलग-अलग उत्पादों की तुलना कर सकते हैं और उन्हें सीधे अपने पते पर मंगा सकते हैं।
त्योहारी खरीदारी का असर केवल पारंपरिक ई-कॉमर्स कंपनियों तक सीमित नहीं है। क्विक-कॉमर्स कंपनियां भी किराना, घरेलू सामान और अन्य जरूरी उत्पादों की तेजी से डिलीवरी के लिए अपनी परिचालन क्षमता बढ़ा रही हैं।
ऑर्डर बढ़ने के साथ वेयरहाउसिंग, पैकेजिंग, परिवहन और अंतिम चरण की डिलीवरी के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की आवश्यकता होती है। इस वजह से त्योहारी मौसम में डिजिटल कॉमर्स से जुड़े रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ सकते हैं।
Amazon की घोषणा से पहले ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस Meesho ने भी त्योहारी सीजन के दौरान अपने विक्रेता और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के माध्यम से 10 लाख से अधिक मौसमी रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान जताया था।
कंपनी के अनुमान के अनुसार, लगभग 6.5 लाख रोजगार अवसर उसके विक्रेता नेटवर्क के माध्यम से पैदा हो सकते हैं, जबकि करीब 3.75 लाख अवसर लॉजिस्टिक्स गतिविधियों में बनने की संभावना है।
इन रोजगार अवसरों से पैकेजिंग, निर्माण, उत्पादन, वेयरहाउसिंग और इन्वेंट्री प्रबंधन जैसे कामों को समर्थन मिल सकता है। त्योहारी सीजन से पहले विक्रेता अधिक स्टॉक और नए उत्पाद तैयार करते हैं, जिससे अतिरिक्त कर्मचारियों की जरूरत बढ़ती है।
त्योहारी सीजन में बड़े पैमाने पर भर्ती भारत के तेजी से बढ़ते डिजिटल कॉमर्स बाजार को भी दर्शाती है।
शोध परामर्श कंपनी Infisum की रिपोर्ट “Smart Growth in a Fast Market” के अनुसार, भारत का ई-कॉमर्स बाजार 2024 के लगभग 125 अरब डॉलर से बढ़कर 2030 तक करीब 345 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार, 2030 तक इस क्षेत्र की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर यानी CAGR लगभग 18.4% रह सकती है। क्विक-कॉमर्स का तेजी से विस्तार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का बढ़ता इस्तेमाल भी इस विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
ई-कॉमर्स बाजार के विस्तार का असर केवल ऑनलाइन बिक्री पर नहीं पड़ता। इसके साथ वेयरहाउसिंग, पैकेजिंग, परिवहन, ग्राहक सेवा और डिलीवरी जैसे कई क्षेत्रों में रोजगार की मांग भी बढ़ती है।
इसलिए भारत में डिजिटल खरीदारी के विस्तार के साथ लॉजिस्टिक्स और आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े रोजगार भी आने वाले समय में महत्वपूर्ण बने रह सकते हैं।
Amazon, Meesho और अन्य ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा बड़े पैमाने पर मौसमी भर्ती यह दिखाती है कि भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था का रोजगार पर प्रभाव लगातार बढ़ रहा है।
त्योहारी खरीदारी के दौरान ग्राहक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अधिक निर्भर हो रहे हैं। इसके चलते कंपनियों को अपनी आपूर्ति श्रृंखला, वेयरहाउस और डिलीवरी नेटवर्क को पहले से मजबूत करना पड़ता है।
Amazon द्वारा 1.6 लाख से अधिक मौसमी रोजगार अवसर तैयार करना इसी बढ़ती मांग को पूरा करने की रणनीति का हिस्सा है। इससे एक ओर कंपनी को त्योहारी ऑर्डर संभालने के लिए अतिरिक्त क्षमता मिलेगी, वहीं दूसरी ओर देश के 400 शहरों में बड़ी संख्या में लोगों को अस्थायी रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
भारत में त्योहारी खरीदारी का मौसम ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए कारोबार बढ़ाने के साथ-साथ रोजगार पैदा करने का भी महत्वपूर्ण समय बनता जा रहा है। Amazon India ने इस बार देशभर में 1.6 लाख से अधिक मौसमी रोजगार के अवसर पैदा किए हैं, जिनमें वेयरहाउसिंग, पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स, ऑर्डर प्रोसेसिंग और डिलीवरी जैसे काम शामिल हैं।
400 शहरों तक फैली यह भर्ती यह बताती है कि ऑनलाइन खरीदारी का विस्तार अब केवल बड़े महानगरों तक सीमित नहीं है। छोटे और मध्यम शहर भी भारत के डिजिटल कॉमर्स बाजार में तेजी से महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
Meesho जैसी अन्य कंपनियों की बड़ी मौसमी भर्ती योजनाओं और भारत के ई-कॉमर्स बाजार में अनुमानित तेज वृद्धि को देखते हुए, डिजिटल कॉमर्स आने वाले वर्षों में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण स्रोत बना रह सकता है।