अमेज़न भारत के तेजी से बढ़ते क्विक कॉमर्स बाजार में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की तैयारी कर रहा है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी भारत में अपने Quick Commerce कारोबार पर 2030 तक 3 अरब डॉलर निवेश करने की योजना बना रही है। Reuters ने इस योजना से परिचित दो लोगों के हवाले से यह जानकारी दी है।
अगर यह योजना लागू होती है, तो यह भारत के क्विक कॉमर्स क्षेत्र में Amazon की अब तक की सबसे बड़ी निवेश प्रतिबद्धता होगी। कंपनी ऐसे समय में अपने कारोबार का विस्तार करना चाहती है, जब भारत में ग्राहकों के बीच कुछ ही मिनटों में सामान पहुंचाने वाली सेवाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है।
क्विक कॉमर्स बाजार में कई कंपनियों ने पहले ही मजबूत स्थिति बना ली है। ऐसे में Amazon अपने छोटे गोदामों, तकनीक और सामान की उपलब्धता बढ़ाकर इस प्रतिस्पर्धी क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, Amazon का प्रस्तावित 3 अरब डॉलर का निवेश एक साथ नहीं किया जाएगा। कंपनी की योजना के तहत 2027 के अंत तक करीब 1 अरब डॉलर खर्च किए जाने की उम्मीद है। इसके बाद 2030 तक लगभग 2 अरब डॉलर का अतिरिक्त निवेश किया जा सकता है।
इस धनराशि का इस्तेमाल कई क्षेत्रों में किए जाने की संभावना है। इनमें क्विक कॉमर्स नेटवर्क का विस्तार, तकनीकी सुधार, सामान के भंडार को बेहतर बनाना और ग्राहकों के लिए उपलब्ध उत्पादों की संख्या बढ़ाना शामिल है।
Amazon ने अलग से बताया है कि उसके क्विक कॉमर्स कारोबार ने हाल में सालाना आधार पर 1 अरब डॉलर से अधिक की सकल बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया है। कंपनी ने अपने Amazon India कारोबार के इतिहास में क्विक कॉमर्स को सबसे तेजी से बढ़ने वाला ई-कॉमर्स कारोबार बताया है।
Amazon के प्रस्तावित निवेश का एक बड़ा हिस्सा Amazon Now के विस्तार पर खर्च होने की उम्मीद है। Amazon Now कंपनी की क्विक कॉमर्स सेवा है, जिसके तहत ग्राहकों के नजदीक छोटे गोदाम बनाए जाते हैं। इन गोदामों में रोजमर्रा की जरूरत का सामान रखा जाता है, ताकि ऑर्डर मिलने के बाद उसे कम समय में ग्राहक तक पहुंचाया जा सके।
रिपोर्ट के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, Amazon के पास फिलहाल ऐसे करीब 750 छोटे गोदाम हैं। कंपनी अगले साल अप्रैल तक इनकी संख्या बढ़ाकर लगभग 1,300 करने का लक्ष्य रख रही है।
गोदामों की संख्या बढ़ने से Amazon को अलग-अलग इलाकों में ग्राहकों के नजदीक सामान रखने में मदद मिल सकती है। इससे ऑर्डर पूरा करने और सामान पहुंचाने में लगने वाला समय कम किया जा सकता है।
Amazon अपने छोटे गोदामों में सामान के प्रबंधन को भी बेहतर बनाने की तैयारी कर रहा है। Quick Commerce में यह बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि ग्राहकों को कम समय में सामान उपलब्ध कराने के लिए सही उत्पाद सही स्थान पर मौजूद होना जरूरी होता है।
कंपनी यह समझने के लिए बेहतर व्यवस्था विकसित कर सकती है कि किसी इलाके में कौन से उत्पादों की मांग अधिक है। इसके आधार पर अलग-अलग गोदामों में उसी हिसाब से सामान रखा जा सकता है।
Amazon अपने Quick Commerce कारोबार में तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने पर भी ध्यान दे रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी मांग का अनुमान लगाने के लिए Artificial Intelligence यानी AI आधारित उपकरणों का इस्तेमाल करने की दिशा में काम कर रही है।
AI आधारित प्रणालियां यह अनुमान लगाने में मदद कर सकती हैं कि किसी इलाके में आने वाले समय में किन उत्पादों की मांग बढ़ सकती है। इससे कंपनी को जरूरत के अनुसार सामान पहले से उपलब्ध रखने और अनावश्यक भंडारण को कम करने में मदद मिल सकती है।
इस तरह तकनीक का बेहतर इस्तेमाल Quick Commerce की दो महत्वपूर्ण जरूरतों—तेज डिलीवरी और सही समय पर सही सामान की उपलब्धता—को पूरा करने में मदद कर सकता है।
Amazon की मौजूदा Quick Commerce रणनीति मुख्य रूप से उन उत्पादों पर केंद्रित है, जिन्हें ग्राहक नियमित रूप से खरीदते हैं। कंपनी फिलहाल रोजमर्रा की जरूरत के सामान और बार-बार खरीदे जाने वाले उत्पादों को प्राथमिकता दे रही है।
इसमें किराने का सामान, पैकेज्ड खाद्य पदार्थ, घरेलू उपयोग की वस्तुएं और अन्य दैनिक जरूरत की चीजें शामिल हैं।
Amazon Now पर अभी Amazon के पूरे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म की तरह हर श्रेणी का सामान उपलब्ध नहीं है। उदाहरण के लिए, iPhone फिलहाल Amazon Now की Quick Commerce सेवा पर उपलब्ध नहीं है। वहीं कुछ प्रतिस्पर्धी प्लेटफॉर्म इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य महंगे उत्पादों को भी तेज डिलीवरी के जरिए ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।
Amazon का शुरुआती ध्यान बार-बार खरीदे जाने वाले उत्पादों पर रखने का उद्देश्य ग्राहकों में नियमित ऑर्डर करने की आदत विकसित करना और इसके साथ-साथ अपने Quick Commerce नेटवर्क का विस्तार करना है।
भारत के शहरों में Quick Commerce ने ऑनलाइन खरीदारी के तरीके को काफी बदल दिया है। अब ग्राहक किराने का सामान, पैकेज्ड खाद्य सामग्री, घरेलू उत्पाद और रोजमर्रा की अन्य वस्तुएं ऑनलाइन मंगाकर कम समय में प्राप्त कर सकते हैं।
Reuters ने Datum Intelligence के आंकड़ों के हवाले से बताया है कि भारत का Quick Commerce बाजार फिलहाल करीब 19 अरब डॉलर का है। इसके 2030 तक बढ़कर 41 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।
बाजार के इस विस्तार ने बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों के बीच तेज डिलीवरी को लेकर प्रतिस्पर्धा बढ़ा दी है। कंपनियां अपने गोदामों, तकनीकी प्रणालियों और अंतिम चरण की डिलीवरी व्यवस्था पर निवेश बढ़ा रही हैं।
Quick Commerce के विस्तार के साथ ग्राहकों की अपेक्षाएं भी बदल रही हैं। पहले ऑनलाइन ऑर्डर के लिए एक या अधिक दिनों तक इंतजार करना सामान्य था। अब कई शहरी ग्राहक रोजमर्रा की चीजों के लिए कम समय में डिलीवरी की सुविधा चाहते हैं।
इसी बदलाव के कारण कंपनियां अपने गोदाम ग्राहकों के अधिक करीब बना रही हैं। तेज डिलीवरी के लिए केवल बड़ी संख्या में सामान रखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी जरूरी है कि सही सामान सही स्थान पर उपलब्ध हो।
Amazon और Walmart के स्वामित्व वाली Flipkart भारत के बड़े ई-कॉमर्स कारोबारियों में शामिल हैं। हालांकि, Quick Commerce क्षेत्र में दोनों कंपनियों ने उन विशेष कंपनियों के बाद कदम रखा, जिन्होंने इस बाजार में पहले ही अपना ग्राहक आधार और डिलीवरी नेटवर्क तैयार कर लिया था।
Amazon का प्रस्तावित 3 अरब डॉलर का निवेश इस क्षेत्र में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की कंपनी की कोशिश को दर्शाता है। छोटे गोदामों की संख्या बढ़ाने, तकनीकी क्षमता मजबूत करने और उत्पादों की उपलब्धता बढ़ाने के जरिए कंपनी तेजी से बढ़ रहे बाजार में अपनी जगह मजबूत करना चाहती है।
Amazon की प्रस्तावित निवेश योजना भारत में उसके Quick Commerce नेटवर्क को अगले कुछ वर्षों में काफी बड़ा कर सकती है। अधिक छोटे गोदाम, बेहतर मांग अनुमान, मजबूत तकनीकी व्यवस्था और ज्यादा उत्पादों की उपलब्धता इसके प्रमुख हिस्से हो सकते हैं।
भारत का Quick Commerce बाजार 2030 तक 19 अरब डॉलर से बढ़कर 41 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। ऐसे में Amazon का निवेश इस क्षेत्र में तेज डिलीवरी के बढ़ते महत्व को दिखाता है।
कंपनी के लिए चुनौती यह होगी कि वह तेजी से बढ़ते बाजार में ग्राहकों की बदलती जरूरतों के अनुसार अपने नेटवर्क का विस्तार करे और डिलीवरी की गति के साथ सामान की उपलब्धता तथा परिचालन क्षमता के बीच संतुलन बनाए रखे।
Amazon Now का विस्तार, AI आधारित मांग अनुमान और स्थानीय स्तर पर छोटे गोदामों का बढ़ता नेटवर्क आने वाले वर्षों में भारत में कंपनी की Quick Commerce रणनीति के महत्वपूर्ण हिस्से हो सकते हैं।