अमेज़न भारत में अपनी सस्टेनेबल लॉजिस्टिक्स रणनीति को मजबूत करते हुए अगले पाँच वर्षों में 1,000 से अधिक इलेक्ट्रिक ट्रक अपने डिलीवरी नेटवर्क में शामिल करने की योजना बना रहा है। यह कदम कंपनी के मौजूदा EV फ्लीट को और बढ़ाता है, और कार्बन उत्सर्जन कम करने के वैश्विक लक्ष्य का समर्थन करता है।
अमेज़न ने घोषणा की है, कि वह भारत में 1,000 से अधिक इलेक्ट्रिक लाइट और मीडियम-ड्यूटी ट्रक तैनात करेगा।
यह योजना अगले पाँच वर्षों में लागू की जाएगी और यह कंपनी के मौजूदा 10,000 से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों के बेड़े को और मजबूत करेगी।
इस पहल का उद्देश्य डिलीवरी ऑपरेशन को अधिक स्वच्छ, कुशल और पर्यावरण-अनुकूल बनाना है।
यह विस्तार मुख्य रूप से अमेज़न की लॉजिस्टिक्स प्रणाली में अंतिम चरण (last-mile delivery) को अधिक टिकाऊ बनाने पर केंद्रित है।
कंपनी का कहना है, कि इलेक्ट्रिक ट्रकों के उपयोग से कार्बन उत्सर्जन कम होगा और डिलीवरी सेवा की गति और दक्षता बनी रहेगी।
यह कदम अमेज़न की वैश्विक पर्यावरण रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य कम-उत्सर्जन लॉजिस्टिक्स मॉडल अपनाना है।
अमेज़न ने बताया कि भारत में उसकी 80% से अधिक डिलीवरी दोपहिया वाहनों से होती है।
इसके पीछे कई कारण हैं:
इसी वजह से भारत में दोपहिया वाहन अमेज़न के डिलीवरी नेटवर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
अमेज़न दुनिया भर में अपने इलेक्ट्रिक वाहनों का तेजी से विस्तार कर रहा है।
कंपनी का लक्ष्य है, कि वर्ष 2030 तक उसका वैश्विक इलेक्ट्रिक डिलीवरी फ्लीट 1,00,000 वाहनों तक पहुंच जाए।
2025 के अंत तक कंपनी पहले ही दुनिया भर में 50,000 से अधिक इलेक्ट्रिक डिलीवरी वैन तैनात कर चुकी है।
अमेज़न ने विभिन्न बाजारों में 15 से अधिक प्रकार के इलेक्ट्रिक वाहन तैनात किए हैं, जिनमें शामिल हैं:
इन वाहनों का उपयोग अमेरिका, यूरोपीय संघ और भारत जैसे बाजारों में किया जा रहा है।
अमेज़न ने 2019 में Climate Pledge की सह-स्थापना की थी और 2040 तक नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन हासिल करने का लक्ष्य रखा है।
इस पहल के तहत कंपनी ने रिवियन (Rivian) के साथ साझेदारी की और 100,000 इलेक्ट्रिक डिलीवरी वैन का ऑर्डर दिया।
कंपनी अपने डिलीवरी वाहनों के लिए कस्टम इलेक्ट्रिक डिज़ाइन पर भी काम कर रही है।
अमेज़न ने बताया कि उसके इलेक्ट्रिक डिलीवरी वाहन एक साधारण डिजाइन से विकसित होकर कुछ वर्षों में पूरी तरह ऑपरेशनल वाहन बन गए हैं।
ये वाहन अब वास्तविक डिलीवरी संचालन में उपयोग किए जा रहे हैं।
कंपनी का अनुमान है, कि इलेक्ट्रिक वाहनों के विस्तार से आने वाले वर्षों में बड़े पैमाने पर कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी।
2030 तक 1,00,000 इलेक्ट्रिक वैन के लक्ष्य के साथ अमेज़न हर साल लाखों टन कार्बन उत्सर्जन कम करने की उम्मीद कर रहा है।
भारत अमेज़न की वैश्विक EV रणनीति में एक महत्वपूर्ण बाजार है।
यहाँ 1,000 इलेक्ट्रिक ट्रकों का जोड़ देश में ग्रीन लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा देगा और ईवी अपनाने की गति तेज करेगा।
निष्कर्ष:
अमेज़न का भारत में इलेक्ट्रिक डिलीवरी फ्लीट का विस्तार एक महत्वपूर्ण कदम है, जो न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देगा, बल्कि लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में भी स्थायी बदलाव लाएगा।