रिलायंस समूह की डिजिटल सेवा कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) ने बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार में शानदार शुरुआत की। कंपनी के शेयर अपनी निर्धारित कीमत से 21 प्रतिशत से अधिक प्रीमियम पर सूचीबद्ध हुए। इस अवसर पर जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रबंध निदेशक आकाश अंबानी (Akash Ambani) ने कंपनी के अगले दस वर्षों की तकनीकी योजनाओं की जानकारी दी।
आकाश अंबानी ने कहा कि जियो का अगला दशक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग, इंटरनेट से जुड़े उपकरणों और अंतरिक्ष आधारित संचार तकनीक पर केंद्रित होगा।
उनके अनुसार, जियो का उद्देश्य इन आधुनिक तकनीकों को भारत के करोड़ों लोगों तक पहुंचाना है, ताकि देश में डिजिटल सेवाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों को मिल सके।
उन्होंने बताया कि जियो ने अपने पहले दशक में मोबाइल इंटरनेट को सस्ता बनाकर लाखों लोगों को डिजिटल दुनिया से जोड़ा। अब कंपनी अगली पीढ़ी की तकनीकों को आम लोगों तक पहुंचाने की दिशा में काम करेगी।
जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों ने बुधवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर ₹1,358 की कीमत से कारोबार शुरू किया।
कंपनी के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) में शेयर की कीमत ₹1,119 निर्धारित की गई थी।
इस तरह शेयरों की शुरुआती कीमत निर्गम मूल्य से लगभग 21.36 प्रतिशत अधिक रही।
शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने के समय जियो प्लेटफॉर्म्स का बाजार पूंजीकरण लगभग ₹12.5 लाख करोड़ दर्ज किया गया।
इसके साथ कंपनी भारत की दूसरी सबसे मूल्यवान सूचीबद्ध कंपनी बन गई।
उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, रिलायंस इंडस्ट्रीज Reliance Industries लगभग ₹16.15 लाख करोड़ के बाजार पूंजीकरण के साथ पहले स्थान पर रही, जबकि भारती एयरटेल लगभग ₹12.18 लाख करोड़ के साथ तीसरे स्थान पर थी।
मुंबई में आयोजित शेयर सूचीबद्धता समारोह में आकाश अंबानी ने कहा कि जियो का अगला लक्ष्य नई तकनीकों को देश के प्रत्येक हिस्से तक पहुंचाना है।
कंपनी आने वाले वर्षों में AI आधारित सेवाओं और क्लाउड कंप्यूटिंग का विस्तार करना चाहती है।
क्लाउड तकनीक की सहायता से लोग इंटरनेट के माध्यम से डिजिटल जानकारी, सॉफ्टवेयर और कंप्यूटिंग सेवाओं का उपयोग कर सकते हैं।
आकाश अंबानी के अनुसार, जियो ऐसी डिजिटल व्यवस्था विकसित करना चाहती है, जिसमें इंटरनेट संपर्क, कंप्यूटिंग और AI मिलकर आसानी से काम करें।
जियो की योजनाओं में अंतरिक्ष तकनीक से संचालित संचार सेवाएं और इंटरनेट से जुड़े उपकरण भी शामिल हैं।
इन तकनीकों के माध्यम से भविष्य में दूरदराज के क्षेत्रों तक डिजिटल सेवाओं की पहुंच बढ़ाने की संभावनाएं बन सकती हैं।
कंपनी अलग-अलग भाषाएं बोलने वाले भारतीयों के लिए भी उपयोगी डिजिटल सेवाएं विकसित करना चाहती है।
आकाश अंबानी ने जियो प्लेटफॉर्म्स को दुनिया की प्रमुख तकनीकी कंपनियों में शामिल करने की महत्वाकांक्षा व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि भारत की विशाल आबादी और अलग-अलग जरूरतों को देखते हुए कंपनी ने अपनी तकनीकी क्षमताएं विकसित की हैं।
आकाश अंबानी के अनुसार, दूसरे देशों के लिए बनाई गई तकनीक हमेशा भारत जैसे बड़े बाजार के लिए उपयुक्त नहीं होती।
इसी कारण जियो ने केवल तैयार तकनीकी समाधान अपनाने के बजाय अपनी प्रणालियां विकसित करने पर ध्यान दिया।
कंपनी का उद्देश्य भारतीय ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अपनी पहचान मजबूत करना है।
आकाश अंबानी ने जियो के IPO को मिली प्रतिक्रिया को कंपनी के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
उनके अनुसार, IPO केवल 95 मिनट में पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया था।
आकाश अंबानी ने बताया कि इस सार्वजनिक निर्गम में ₹7.5 लाख करोड़ से अधिक की मांग दर्ज की गई।
उन्होंने यह भी कहा कि इसमें 13 करोड़ से अधिक भारतीयों ने भागीदारी की।
ये आंकड़े सूचीबद्धता समारोह में दिए गए उनके बयान पर आधारित हैं।
आकाश अंबानी ने जियो की शुरुआती सफलता को याद करते हुए बताया कि कंपनी ने 20 फरवरी 2017 को 10 करोड़ ग्राहकों का आंकड़ा पार किया था।
इसके बाद जियो ने 50 करोड़ ग्राहकों की उपलब्धि हासिल की।
उनके अनुसार, वर्तमान में जियो के विभिन्न प्लेटफॉर्म 54 करोड़ से अधिक ग्राहकों को सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
आकाश अंबानी ने कहा कि शेयर बाजार में जियो की शुरुआत कंपनी की यात्रा का अंत नहीं, बल्कि विकास के नए चरण की शुरुआत है।
उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि कंपनी ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देकर शेयरधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य बनाने का प्रयास करेगी।
आकाश अंबानी ने निवेशकों के साथ स्पष्ट संवाद, किए गए वादों को पूरा करने और बेहतर कारोबारी प्रदर्शन के महत्व पर जोर दिया।
उनके अनुसार, ग्राहकों का विश्वास और उपयोगी तकनीक कंपनी की भविष्य की सफलता के प्रमुख आधार होंगे।
जियो प्लेटफॉर्म्स की निदेशक ईशा अंबानी (Isha Ambani) ने समारोह में कंपनी की वित्तीय उपलब्धियों का उल्लेख किया।
उन्होंने बताया कि वर्ष के दौरान जियो ने लगभग 15.5 अरब डॉलर का राजस्व और करीब 8 अरब डॉलर की कमाई दर्ज की, जिसे उन्होंने वास्तविक आय बताया।
ईशा अंबानी ने वर्ष 1977 में रिलायंस के पहले IPO को भी याद किया।
उन्होंने बताया कि उस समय धीरूभाई अंबानी ने ₹10 करोड़ के मूल्यांकन पर ₹2.82 करोड़ जुटाए थे।
इस पहल से आम निवेशकों को कंपनी के स्वामित्व में भागीदारी का अवसर मिला था।
ईशा ने कहा कि जियो भी ग्राहकों के लिए अधिक मूल्य बनाने के सिद्धांत पर आगे बढ़ेगी।
जियो प्लेटफॉर्म्स के निदेशक अनंत अंबानी (Anant Ambani) ने कंपनी की सफलता में योगदान देने वाले ग्राहकों, कर्मचारियों और निवेशकों का धन्यवाद किया।
उन्होंने शेयर बाजार में सूचीबद्धता को तकनीक के माध्यम से नए अवसर विकसित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बताया।
उनके अनुसार, जियो की भविष्य की सफलता तकनीकी नवाचार के साथ कंपनी से जुड़े लोगों के सहयोग पर भी निर्भर करेगी।
जियो प्लेटफॉर्म्स की शेयर बाजार में शुरुआत कंपनी के विकास का नया अध्याय है।
आकाश अंबानी के अनुसार, अगले दस वर्षों में जियो AI, क्लाउड कंप्यूटिंग, कनेक्टेड डिवाइस और अंतरिक्ष आधारित संचार तकनीक को प्राथमिकता देगी।
कंपनी का लक्ष्य भारत में डिजिटल सेवाओं का विस्तार करने के साथ वैश्विक तकनीकी उद्योग में अपनी स्थिति मजबूत करना है।